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जैसलमेर में पहले बर्ड फेयर की हुई शुरुआत, युवा पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण एवं पक्षी जगत से करवा रहे रूबरू

जैसलमेर में पहले बर्ड फेयर की हुई शुरुआत, युवा पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण एवं पक्षी जगत से करवा रहे रूबरू

जैसलमेर: भारत-पाक सीमा से सटे सरहदी जिले जैसलमेर जिले का पहला बर्ड फेयर आज शहर के समीप गजरूप सागर जलाशय पर आयोजित हुआ. जैसलमेर की पक्षी संपदा एवं प्रवासी पक्षियों के संबंध में व्यापक जागरूकता के प्रसार तथा युवा पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण एवं पक्षी जगत से रूबरू कराने के लिए यह अभिनव पहल वन विभाग की ओर से की जा रही है. 

प्रवासी पक्षियों के लिए मरु भूमि जैसलमेर के जलाशय खास पसंदीदा क्षेत्र:  
बर्ड फेयर का आयोजन जिले के विभिन्न जलाशयों नेतसी, भणियाणा, जसेरी, बरमसर तालाब पर किया जा रहा है. जिससे पक्षी संरक्षण का संदेश सभी जगह पहुंचाया जा रहा है. शहर के समीप गजरूप सागर जलाशय पर कई पर्यावरण प्रेमी, स्कूल के बच्चे और कई अधिकारी पहुंचे. उप वन संरक्षक डीएनपी कपिल चंद्रावत ने बच्चों को प्रवासी पक्षियो की जानकारी दी. उप वन संरक्षक डीएनपी कपिल चंद्रावत ने बताया कि देशी विदेशी प्रवासी पक्षियों के लिए मरु भूमि जैसलमेर के जलाशय खास पसंदीदा क्षेत्र है. जहां सैकड़ों-हजारों किलोमीटर दूर से पक्षी आते हैं. इन दिनों जिले के विभिन्न जलाशयों में प्रवासी पक्षियों की जल क्रीड़ाओं का मनोहारी दृश्य देखा जा सकता है.

प्रवासी पक्षियों की गणना भी करवाई जा रही:
इसके अतिरिक्त एशियन वाटर बर्ड्स सेंसस के तहत राष्ट्रीय मरु उद्यान जैसलमेर द्वारा जिले में प्रथम बार व्यापक पैमाने पर जैसलमेर के विभिन्न जल बिंदुओं, तालाबों तथा झीलों पर 25 जनवरी को सुबह 8 बजे से प्रवासी पक्षियों की गणना भी करवाई जा रही है. पक्षी गणना के दौरान मुख्य रूप से जलीय प्रवासी पक्षियों की गणना कार्य वन विभाग के स्टाफ के साथ साथ स्वयंसेवकों द्वारा जैसलमेर के गजरूप सागर, बरमसर, नेतसी तालाब, पोकरण के खेतोलाई, रामदेवरा, भणियाण तालाबों पर किया जा रहा है. जिसमें कि वन विभाग डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू एफ एवं डब्ल्यू आई आई के स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं.

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पोकरण(जैसलमेर): प्रदेश के पुलिस विभाग में 9 दिन में रविवार को चौथे पुलिसकर्मी ने जान दे दी. पोकरण थाना क्षेत्र अंतर्गत जैसलमेर पोकरण सड़क मार्ग पर स्थित एक निजी होटल में रविवार की देर रात एक पुलिस कांस्टेबल ने होटल की तीसरी मंजिल पर स्थित एक कमरे में फांसी का फंदा लगाकर ईह लीला समाप्त कर दी. कांस्टेबल द्वारा आत्म हत्या की खबर मिलते ही शहर में सनसनी फैल गई. 

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शव को कब्जे में ले मामले की जांच प्रारंभ:  
वहीं जानकारी मिलते ही पोकरण सींओ मोटाराम चौधरी, थाना अधिकारी सुरेंद्र प्रजापति मौके पर पहुंचे व मौका मुआयना कर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ किरण कंग को मामले की जानकारी दी. वह जानकारी मिलते ही डॉ किरण कंग पोकरण पहुंची व मौका मुआयना कर घटना की जानकारी परिजनों को दी. पुलिस ने कांस्टेबल मायाराम के शव को कब्जे में ले मामले की जांच प्रारंभ कर दी है. साथ ही शव का आज पोस्मार्टम किया जाएगा.

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जैसलमेर रोड पर स्थित एक निजी होटल में रहता था कांस्टेबल: 
गौरतलब है कि पुलिस लाइन में कार्यरत 2015 बैच के कांस्टेबल मायाराम गत कुछ दिनों से पॉवर ग्रिड कंपनी में गार्ड के रूप में कार्यरत था. बताया जा रहा है कि मायाराम कंपनी के अधिकारियों के साथ पोकरण में जैसलमेर रोड पर स्थित एक निजी होटल में रहता था. रविवार को उसने अपने कमरे में फंदा लगाकर ईहलीला समाप्त कर ली. रविवार रात सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया. पुलिस उपाधीक्षक मोटाराम गोदारा व थानाधिकारी सुरेंद्रकुमार प्रजापति भी मौके पर आए. पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के साथ मामले की जांच शुरू कर दी है. जानकारी के मुताबिक मृतक के पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. पुलिस की कार्यवाही जारी है. 

कोबरा को पकड़ना युवक को पड़ा भारी, ​हाथ पर डसने से बिगड़ी तबियत 

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पोकरण: जैसलमेर के पोकरण शहर की ह्रदय स्थली गांधी चौक में निकले कोबरा को पकड़ना एक युवक को उस समय भारी पड़ गया, जब उसने कोबरा को पकड़ने में थोड़ी सी लापरवाही की. जिससे कोबरा ने उस युवक को डस लिया. कोबरा के डसने से  युवक की हालत गंभीर हो गई और उसे पोकरण के राजकीय अस्पताल में उपचार के बाद जोधपुर कर दिया गया. 

कोबरा की लंबाई करीब 6​ फिट:
जानकारी के मुताबिक ह्रदय स्थली गांधी चौक में एक सब्ब्जी व्यवसायी की टोकरी में एक बड़ा 6 फिट का कोबरा दिखने के बाद बाजार में सनसनी फैल गई और कोबरा को देखने के लिए भीड़ इक्कठा हो गई. वहीं कोबरा के देखने के बाद लोगों में भय और दहशत का माहौल देखने को मिला. वहीं साँपों को पकड़ने में महारत हासिल पोकरण शहर के युवक धर्मेंद्र हरिजन को सूचना दी गई और उसे पकड़ने के लिए धर्मेंद्र हरिजन को गांधी चौक बुलवाया गया. धर्मेंद्र के आने के बाद कोबरा को उसने पकड़ने का प्रयास किया. 

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कोबरा सांप ने हाथ पर डस लिया:
हालांकि बड़ी बहादुरी और सेल्फ कॉन्फिडेंस पूर्वक धर्मेंद्र हरिजन ने कोबरा को एक ही बार के प्रयास में पकड़ लिया, लेकिन उसने पकड़ने में थोड़ी सी लापरवाही कर ली और उसने द्वारा कोबरा के मुंह को थोड़ा नीचे से पकड़ लिया. जिससे कोबरा ने उसके हाथ पर डस लिया. हाथ पर डसने के बाद भी धर्मेंद्र घबराया नहीं और कोबरा को लेकर इधर उधर घूमता रहा. जिससे वह भीड़ में आकर्षण का केंद्र बना हुआ था.

लापरवाही से जा सकती है जान:
लेकिन उसको क्या पता था कि उसकी यह लापरवाही उसकी जान भी ले सकती है.  कोबरा को लेकर वह अपने साथी के साथ बाइक पर बैठकर कोबरा को शहर के बाहर छोड़कर जैसे ही वह अपने घर पहुंचा. तो उसकी तबियत बिगड़ने लगी और उसको तत्काल प्रभाव से पोकरण के राजकीय अस्पताल पोकरण में प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर कर दिया गया. फर्स्ट इंडिया न्यूज इस मामले को देखकर यह अपील करता है . सांप पकड़ने वाले हौसला रखने वाले युवक कभी भी लापरवाही न बरतें जिससे उसकी जान चली जाए. 

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नहरी किसानों के लिए राहत की खबर, आज से 30 जुलाई तक मिलेगा खरीफ का पानी

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जैसलमेर: भारत पाक सीमा से सटे सरहदी जिले जैसलमेर के नहरी किसानों के लिए अच्छी खबर है कि अब उन्हें आगामी एक महीने तक खरीफ की फसलों के लिए पानी दिया जाएगा. हालांकि पहले सरकार द्वारा रेगुलेशन के तहत 26 अप्रैल से 30 मई तक पानी दिया जाना था, लेकिन रेगुलेशन में संशोधन करते हुए सरकार ने 30 मई से आगामी 30 जुलाई तक किसानों को खरीफ की फसल व पेयजल के लिए पानी उपलब्ध करवाया जाएगा. 

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सिंचाई के लिए 30 मई से 30 जुलाई तक पानी दिया जाएगा:
इंदिरा गांधी नहर परियोजना की नहरों को खरीफ फसलों के दौरान सिंचाई के लिए 30 मई से 30 जुलाई तक पानी दिया जाएगा. नहरों के 4 समूह में से इन अवधि में दो समूह चलाएं जाएंगे. जिसमें जैसलमेर व पोकरण भी शामिल है. इसके साथ ही बाड़मेर लिफ्ट परियोजना के लिए भी पानी छोड़ा जाएगा. विभाग ने काश्तकारों से अपील की है कि सिंचाई पानी की मात्रा को ध्यान में रखते हुए कम पानी के उपयोग वाली फसलों की सिंचाई करे. इंदिरा गांधी नहर परियोजना जैसलमेर संभाग में बुर्जी 1254 मुख्य नहर के नीचे बारी प्रणाली, द्वितीय चरण के रेगुलेशन के लिए जल नहरों में सिंचाई के लिए दिया जाएगा. नहरबंदी के बाद अब किसानों को सिंचाई के लिए पानी रविवार से नियमित रूप से मिलेगा.

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किसानों ने भी खरीफ की बुआई की तैयारियां शुरू कर दी:
अब सिंचाई के लिए इंदिरा गांधी मुख्य नहर से जुड़ी नहरों के चार में दो समूह में पानी चलाया जाएगा ताकि खरीफ फसल की बुआई की जा सके. नहरों में दो समूह में चलने वाला पानी एक समूह में साढ़े आठ दिन तक चलता है. इसके बाद दूसरा समूह शुरू होता है. इसी क्रम से नहरी पानी का शिड्यूल 34 दिनों तक निर्धारित होता है. उधर सिंचाई पानी का बेसब्री से इंतजार कर रहे किसानों ने भी खरीफ की बुआई की तैयारियां शुरू कर दी है. पंजाब के साथ अब राजस्थान सीमा में भी नहर की मरम्मत नहीं होगी क्योंकि 4 समूह में पानी देने के लिए नहर में हरिके से 11 हजार 500 क्यूसेक पानी छोड़ा जाना है. इतने पानी में नहर का जलस्तर ज्यादा रहेगा, जिससे किसी भी प्रकार की मरम्मत संभव नहीं है.  

जैसलमेर: नौतपा का असर कम होने से बदला मौसम का मिजाज, तापमान में आई भारी गिरावट

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जैसलमेर: सीमावर्ती जिले जैसलमेर में आज नौ तपा का असर कम होता दिखाई दिया. आज पारे में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है लेकिन गर्मी से मामूली निजात ही मिली है. हालांकि सुबह सुबह ठंडी हवा होने से लोगों को गर्मी से निजात मिलती है, लेकिन धूप चढ़ने के साथ ही गर्मी का असर बढ़ना शुरू हो जाता है. दोपहर में चलने वाले लू के थपेड़ों ने आमजन को परेशान कर दिया है. अधिकतम तापमान पांच डिग्री की गिरावट होते हुए 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इससे रात में भी लू व गर्म हवाओं से निजात नहीं मिल रही है.

जैसलमेर जिले में टल रहा कोरोना का खतरा, एक ही दिन में 9 कोरोना मरीज हुए ठीक 

आगामी एक दो दिन में बरसात के आसार:
वहीं जानकारों का मानना है कि आगामी एक दो दिन में बरसात हो सकती है. उनका तर्क है कि अगर नौ तपा में तापमान अपने पूरे उफान पर रहता है तो जमकर बारिश भी होती है. आज तेज उमस से भी लोग बचते हुए दिखाई दिए. बाजार और सड़कों पर तेज गर्मी का असर साफ़ तौर पर देखने को मिला. लोग गर्मी से बचाव करते हुए दिखाई दिए. वहीं आसमान में बादलो की आवाजाही है लेकिन गर्मी से आमजन के हाल बेहाल है. 

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जैसलमेर जिले में टल रहा कोरोना का खतरा, एक ही दिन में 9 कोरोना मरीज हुए ठीक

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जैसलमेर: जिले के लिए अब कोरोना का खतरा टल रहा है. जहां कुछ दिन पूर्व प्रवासियों के चलते कोरोना मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हुआ था वहीं कुछ ही दिनों में यह थमता भी नजर आ रहा है. जैसलमेर के लिए राहत की खबर यह है कि यहां आने वाले प्रवासियों की संख्या ज्यादा नहीं है. जबकि दूसरे शहरों में यह आंकड़ा बहुत ज्यादा है. एक तरफ जालोर, सिरोही, पाली, सीकर, डूंगरपुर, राजसमंद सहित कई जिलों में 100 से भी अधिक प्रवासी पॉजिटिव आ चुके हैं वहीं जैसलमेर में 35 प्रवासी ही अब तक पॉजिटिव आए हैं. जिले में चार दिन राहत के बाद पांचवें दिन एक बार फिर चार प्रवासी पॉजिटिव सामने आए. ये खुहड़ी गांव के हैं और यहां एक पॉजिटिव पहले आ चुका है. उसी के साथ ही बाहर से आए थे. वहीं जिले भर में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 72 पहुंच चुका है. वहीं दूसरी तरफ राहत की खबर यह आई कि 9 कोरोना पीड़ित ठीक होकर घर लौटे.

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जिले में प्रवासियों के आने का सिलसिला 1 मई से शुरू हुआ था: 
जिले में प्रवासियों के आने का सिलसिला 1 मई से शुरू हुआ था. शुरुआती 10 दिनों में ही 2 हजार से अधिक प्रवासी आ गए थे वहीं आगामी कुछ दिनों में 80 प्रतिशत प्रवासी आ गए. इसके बाद धीरे धीरे उनके आने का सिलसिला चलता रहा. अब तक 7500 प्रवासी जैसलमेर आ चुके हैं. इनमें अधिकांश को यहां आए 14 से 15 दिन बीत चुके हैं. पिछले सप्ताह में आए प्रवासियों की सैंपलिंग में ही कुछ पॉजिटिव केस आ सकते हैं. 2500 से अधिक प्रवासियों के सैंपल लिए जा चुके हैं जिले में अब तक 7 हजार 500 प्रवासी आए हैं और शुरुआत में केवल 10 प्रतिशत की सैंपलिंग रैंडमली करने की योजना थी, लेकिन पॉजिटिव केस आने से सैंपलिंग बढ़ा दी गई और 2500 से ज्यादा प्रवासियों के सैंपल लिए जा चुके हैं. अब प्रवासियों में कुछ लोग ही बचे हैं जिनकी सैंपलिंग करना शेष है. अधिक से अधिक सैंपल लिए जाने की वजह से ही जैसलमेर अब सुरक्षित नजर आने लगा है.

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जैसलमेर में अब तक 72 कोरोना मरीज सामने आए: 
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से कोरोना मरीजों का जैसलमेर में ही इलाज शुरू हो गया है. इससे पहले इन्हें जोधपुर भेजा जाता था. लेकिन अब माहेश्वरी अस्पताल में ही कोविड केयर सेंटर स्थापित कर दिया. यहां अब तक 18 मरीज भर्ती हुए थे. जिसमें गुरुवार की रात 9 मरीज डिस्चार्ज हो गए. इनमें सिपला व कन्नोई के 3-3, मोहनगढ़ के 2 और रामा का एक मरीज शामिल है. शुक्रवार को आए चार मरीजों सहित अब माहेश्वरी अस्पताल में 13 मरीज भर्ती है. जैसलमेर में अब तक 72 कोरोना मरीज सामने आए हैं. पोकरण से 35 मरीज आए थे और उसके बाद प्रवासियों के आने का सिलसिला शुरू हुआ. ग्रामीण क्षेत्रों से 37 कोरोना पॉजिटिव मिले. अब तक आए 72 मरीजों में से 53 ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं. जैसलमेर के लिए राहत की बात यह है कि यहां जितने भी मरीज सामने आए वे सभी असिमटोमेटिक है. इन्हें कोरोना की वजह से कोई तकलीफ नहीं थी. पॉजिटिव आने पर उन्हें भर्ती कर दिया. उम्मीद जताई जा रही है कि अब शेष मरीज भी जल्द ही ठीक होकर घर लौटेंगे. 

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जैसलमेर: जिले के पोकरण उपखण्ड के वार्ड संख्या दो व तीन के निवासियों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय में बिगड़ी जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया. साथ ही मटकियां फोड़कर जलापूर्ति सुचारु करने की मांग की और अधिशासी अभियंता को एक खाली मटकी भी सुपुर्द की.

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एक माह से जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ाई हुई: 
गौरतलब है कि कस्बे के वार्ड संख्या दो, तीन, कोरियाबास, बागवानों का बास, दाऊ का बास, सेवापुरी कॉलोनी में गत एक माह से जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ाई हुई है. भीषण गर्मी में बिगड़ी जलापूर्ति व्यवस्था के कारण आमजन को पेयजल संकट से रूबरू होना पड़ रहा है. साथ ही ट्रैक्टर टंकियों से पानी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है. इस संबंध में लोगों ने कई बार जलदाय विभागाधिकारियों को अवगत करवाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर मजबूरन उनकी ओर से बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया गया. 

विभाग के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की:
भाजयुमो प्रदेश मंत्री आईदानसिंह भाटी नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व वार्डवासी जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचे. यहां उन्होंने विभाग के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की. विरोध प्रदर्शन की सूचना पर अधिशासी अभियंता सुशीलकुमार कश्यप कार्यालय से बाहर समस्या सुनने पहुंचे. इस दौरान गुस्साए लोगों ने उनके समक्ष मटकियां फोड़ी और रोष जताया.  

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जलापूर्ति व्यवस्था से परेशानी हो रही:
उन्होंने बताया कि एक माह से अवगत करवाने के बावजूद जलापूर्ति सुचारु नहीं की गई है. इन बस्तियों में मजदूर वर्ग निवास करता है. जिन्हें बिगड़ी जलापूर्ति व्यवस्था से परेशानी हो रही है. उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि विभाग की ओर से टैंकरों से जलापूर्ति के दावे किए जा रहे है, लेकिन पोकरण कस्बे में न तो पर्याप्त जलापूर्ति हो रही है, न ही अभावग्रस्त वार्डों में टैंकर पहुंच रहे हैं. विरोध कर रहे लोगों ने खाली मटकी व समस्या के निराकरण की मांग को लेकर एक ज्ञापन सुपुर्द कर बताया कि यदि उनकी समस्या का शीघ्र निराकरण नहीं होता है, तो उनकी ओर से धरना शुरू कर उग्र आंदोलन किया जाएगा. 

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जैसलमेर: जिले में अब गर्मी का असर तेज हो गया है. नौतपा के कारण जहां आगामी नौ दिनों में तापमान अपने चढ़ाव पर रहेगा. वहीं आमजन को इस गर्मी से राहत पाने के लिए तरह तरह के जतन करने पड़ रहे हैं. तापमान 46.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अब तक के सीजन में सर्वाधिक रिकॉर्ड किया गया तापमान है.

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दिन शुरू होने के साथ ही गर्मी अपने प्रचंड रूप में शुरू हो गई:
गौरतलब है कि कल से ही नौतपा शुरू हुआ है. इसके चलते गर्मी अपने रौद्र रूप दिखा रही है. सुबह दिन शुरू होने के साथ ही गर्मी अपने प्रचंड रूप में शुरू हो गई. इससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गर्मी के कारण लोगों की पूरी दिनचर्या बदल गई है. जहां सूर्य देवता अपने रौद्र रूप में है जिससे दिन के साथ साथ रात में भी गर्मी के कारण आमजन को परेशानी हो रही है.

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दिन में कम से कम चार लीटर पानी जरूर पीजिए:
नौतपा में भीषण गर्मी पड़ती है. इस दौरान धूप में बाहर निकलने से बचने के अलावा आपको खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए. इसलिए दिन में कम से कम चार लीटर पानी जरूर पीजिए. इसके अलावा नारियल पानी, छाछ और लस्सी पीने से भी जल का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है. 

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जैसलमेर: जिले में भारतीय दूर संचार निगम की सेवाओं से आमजन बेहद परेशान है. जैसलमेर शहर के आधे से ज्यादा फोन खराब हुए पड़े लेकिन समाधान करने वाला कोई नहीं है. जैसलमेर  BSNL ने गत 31 जनवरी को फील्ड के सभी कर्मचारियों को वीआरएस देकर घर भेज दिया है बीएसएनल का प्लान था कि कर्मचारियों की छुट्टी कर फील्ड के काम प्राइवेट संस्था से करवा लिए जाएंगे. लॉक डाउन से बीएसएनएल की सारी व्यवस्था फेल हो गई है लॉक डाउन के चलते जैसलमेर के अधिकांश घरों में लैंडलाइन ब्रॉडबैंड कनेक्शन खराब हो गए हैं लेकिन अब उन्हें सही करवाने वाला कोई नहीं है. हालांकि फलसूंड से एक कर्मचारी को जिला मुख्यालय पर लगाया गया है लेकिन फिलहाल बीएसएनएल सरकारी कार्यालयों के अलावा किसी भी कनेक्शन को प्राथमिकता नहीं दे रही है इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. 

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उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा: 
एक तरफ लॉक डाउन होने से लोगों को बाहर जाने की मनाई है वहीं दूसरी तरफ ब्रॉडबैंड कनेक्शन खराब होने के चलते लोग घरों से भी नहीं रुक पा रहे हैं बीएसएनएल द्वारा अपने फील्ड के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति कर घर भेज दिया गया है जिससे अब उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बीएसएनएल ने गत 31 जनवरी को फील्ड में कार्यरत करीब 55 कर्मचारियों को वीआरएस से सेवानिवृत्त कर दिया गया है इससे अब फील्ड में परेशानी खड़ी हो गई है हालांकि बीएसएनएल द्वारा प्राइवेट कंपनियों को काम दिया जाना था इसके लिए 25 मार्च को टेंडर भी होने थे लेकिन उससे पहले ही लॉक डाउन लगने से टेंडर प्रक्रिया नहीं हो पाई और प्राइवेट फॉर्म को काम देना भी अटक गया.

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बीएसएनएल ने सरकारी कार्यलयों को प्राथमिकता पर रखा:
इसके अलावा लोक डाउन के कारण बीएसएनल की लैंडलाइन ब्रॉडबैंड सेवा ठप हो जाने से उन्हें दुरुस्त नहीं कर पा रही है इससे उपभोक्ताओं को परेशानी बढ़ गई है हालांकि बीएसएनएल उपभोक्ताओं को फाइबर के कनेक्शन दे रहा है लेकिन इसके परेशानी यह है कि उपभोक्ता के पुराने नंबर बदल जाएंगे फाइबर कनेक्शन लेने पर उपभोक्ताओं को इंटरनेट की तो अच्छी मिलेगी लेकिन पुराना नंबर बदल जाएगा जिससे लोग फाइबर कनेक्शन लेने से भी कतरा रहे हैं. अब बीएसएनएल की पूरी व्यवस्था फिलहाल मात्र दो कर्मचारियों के भरोसे ही चल रही है इससे एक कर्मचारी को फलसूंड से बुलाया गया है इसके साथ बीएसएनएल ने सरकारी कार्यलयों को प्राथमिकता पर रखा है. घरेलू कनेक्शन जो खराब है उसके सही अभी करने का काम नहीं किया जा रहा है इससे घरेलू उपभोक्ताओं के सामने परेशानी खड़ी हो गई है. जिससे अब आमजन बीएसएनएल के प्रति मोह भंग हो रहा है. 


 

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