नयी दिल्ली लॉकडाउन के बाद देश में बिके पांच करोड़ स्मार्टफोन, भारत से विवाद के बाद भी रही चीनी कंपनियों की 76 प्रतिशत हिस्सेदारी

लॉकडाउन के बाद देश में बिके पांच करोड़ स्मार्टफोन, भारत से विवाद के बाद भी रही चीनी कंपनियों की 76 प्रतिशत हिस्सेदारी

लॉकडाउन के बाद देश में बिके पांच करोड़ स्मार्टफोन, भारत से विवाद के बाद भी रही चीनी कंपनियों की 76 प्रतिशत हिस्सेदारी

नयी दिल्लीः लॉकडाउन के बाद देश में स्मार्टफोन बाजार में फिर से सुधार दिखायी दे रहा है. वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में इनकी बिक्री अब तक के सर्वकालिक उच्च स्तर यानी पांच करोड़ इकाई रही. 

चीनी कंपनियों की कुल 76 प्रतिशत हिस्सेदारीः
इस दौरान, बाजार में सभी चीनी कंपनियों की कुल 76 प्रतिशत हिस्सेदारी रही. बाजार के आंकड़े जुटाने वाली कंपनी कैनालिस की रिपोर्ट के मुताबिक शीर्ष पांच मोबाइल फोन कंपनी शियोमी, सैमसंग, विवो, रीयलमी और ओप्पो की बिक्री में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में वृद्धि दर्ज की गयी है.  कैनालिस ने एक बयान में कहा है कि 2020 की तीसरी तिमाही में देश में स्मार्टफोन की बिक्री आठ प्रतिशत बढ़कर पांच करोड़ इकाई रही. पिछले साल इसी तिमाही में यह 4.62 करोड़ इकाई रही थी. यह देश में किसी एक तिमाही में स्मार्टफोन की बिक्री का सर्वकालिक उच्च स्तर है.

सैमसंग ने वीवो को पछाड़ा, दूसरा स्थान किया हासिलः 
शियोमी 26.1 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर रही. कंपनी ने 1.31 करोड़ फोन की बिक्री की. सैमसंग ने वीवो को पछाड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल किया. कंपनी ने 1.02 करोड़ फोन की बिक्री के साथ 20.4 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल की. इसके बाद वीवो की 88 लाख फोन की बिक्री के साथ 17.6 प्रतिशत, रीयलमी की 87 लाख के साथ 17.4 प्रतिशत और ओप्पो की 61 लाख स्मार्टफोन की बिक्री के साथ 12.1 प्रतिशत हिस्सेदारी रही. समीक्षावधि में एपल ने भी बाजार में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की और इस दौरान आठ लाख इकाई की बिक्री की.

भारत में चीनी उत्पादों के बहिष्कार का लोगों के खरीद निर्णयों पर नहीं पड़ा फर्कः
कैनालिस के शोध विश्लेषक वरुण कन्नन ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में भारत-चीन के बीच का तनाव लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय रहा है. लेकिन बाजार में लोगों के खरीद निर्णयों पर इसका असर अभी दिखना बाकी है. उल्लेखनीय है कि दोनों देशों के तनाव के बीच सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में चीनी उत्पादों के बहिष्कार का मुद्दा छाया रहा. इस बीच सरकार ने भी राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता को खतरा बताते हुए कई चीनी मोबाइल ऐप को प्रतिबंधित किया है.
सोर्स भाषा

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