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दिल्ली के भजनपुरा इलाके में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या, नहीं किया था सुसाइड

दिल्ली के भजनपुरा इलाके में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या, नहीं किया था सुसाइड

दिल्ली: दिल्ली के भजनपुरा इलाके में बुधवार को एक ही परिवार के पांच लोगों के शव मिले थे. शुरूआत में पुलिस ने सामुहिक सुसाइड का मामला माना था. लेकिन ​तफ्तीश में मालूम चला कि सामुहिक सुसाइड ना होकर इन सभी की हत्या की गई थी. 

पुलिस ने हत्या का केस मानकर जांच शुरू की.
सभी के शरीर पर जख्मों के ​निशान पाए गए. अब पुलिस ने हत्या का केस मानकर जांच शुरू की है लेकिन पुलिस को जांच में घर के अंदर किसी तरह की लूटपाट के निशान नहीं मिले. पुलिस इस सामुहिक हत्या काण्ड के पीछे की वजह और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है.

चार लोगों के शव सड़े-गले हालात में मिले.
पुलिस के अनुसार मकान के अंदर से बदबू आने पर जब पडोसियों ने फोन करके पुलिस को बुलाया. तो पडोसियों ने बताया कि मकान के अंदर से दुर्गंध आ रही है. जब पुलिस मकान के अंदर गई तो वहां पर पांच लोगों के शव सड़े-गले हालात में मिले. शवों की हालत देखकर ऐसा लग रहा था कि इनकी मौत तकरीबन 4-5 दिन पहले ही हो चुकी थी.

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कृषि कानून के विरोध में धरने पर बैठे पंजाब के CM, राहुल गांधी ने बताया किसानों की मौत का फरमान

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नई दिल्ली: कृषि कानून के विरोध में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टम अमरिंदर सिंह शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर उनके जन्मस्थान खटकर कलां गांव में धरना  दे रहे हैं. उनके साथ मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए हैं. धरना शुरू करने से पहले सीएम कैप्टम अमरिंदर सिंह ने भगत सिंह की प्रतिमा को श्रद्धांजलि दी.

विधेयकों को राष्ट्रपति की मंजूरी को 'दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक': 
इस दौरान उन्होंने कृषि विधेयकों को राष्ट्रपति की मंजूरी को 'दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक' बताया है. अमरिंदर सिंह ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को संसद में अपनी चिंताएं जाहिर करने का मौका नहीं दिया गया. ऐसे में राष्ट्रपति की मंजूरी उन किसानों के लिए झटका है जो केंद्र के इन कानूनों के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं. इन कानूनों के लागू होने से पंजाब का कृषि क्षेत्र बर्बाद हो जाएगा. 

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राहुल गांधी ने बताया किसानों की मौत का फरमान: 
वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कृषि कानून को किसानों के मौत का फरमान बताया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि नया कृषि कानून किसानों के लिए मौत का फरमान है. उनकी आवाज को संसद और संसद के बाहर दबाया जा रहा है. ये सबूत है कि देश में लोकतंत्र मर चुका है. 

कांग्रेस सांसद ने दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती: 
इससे पहले केरल से कांग्रेस सांसद टीएन प्रतापन ने कृषि अधिनियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. संसद द्वारा किसानों से जुड़े बिल को वापस लेने के लिए रिट याचिका दायर की गई है. सुप्रीम कोर्ट के समक्ष टीएन प्रतापन के वकील आशीष जॉर्ज, एडवोकेट जेम्स पी थॉमस और एडवोकेट सीआर रेखेश शर्मा पेश होंगे.

ट्रैक्टर में आग मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया:  
वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट के पास ट्रैक्टर में आग मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया है. इनकी पहचान मनजोत सिंह, रमन सिंह, राहुल, साहिब और सुमित के तौर पर हुई है. ये सभी पंजाब के हैं. उनसे पूछताछ की जा रही है एक गाड़ी भी बरामद हुई है.

कांग्रेस सांसद ने सुप्रीम कोर्ट में कृषि अधिनियम को दी चुनौती, कानून वापस लेने की मांग

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नई दिल्ली: कृषि बिल के खिलाफ सड़क पर जारी प्रदर्शन का मसला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है. केरल से कांग्रेस सांसद टीएन प्रतापन ने कृषि अधिनियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. संसद द्वारा किसानों से जुड़े बिल को वापस लेने के लिए रिट याचिका दायर की गई है. सुप्रीम कोर्ट के समक्ष टीएन प्रतापन के वकील आशीष जॉर्ज, एडवोकेट जेम्स पी थॉमस और एडवोकेट सीआर रेखेश शर्मा पेश होंगे.

ट्रैक्टर में आग मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया:  
वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट के पास ट्रैक्टर में आग मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया है. इनकी पहचान मनजोत सिंह, रमन सिंह, राहुल, साहिब और सुमित के तौर पर हुई है. ये सभी पंजाब के हैं. उनसे पूछताछ की जा रही है एक गाड़ी भी बरामद हुई है.

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कर्नाटक में जदएस के कार्यकर्ताओं ने शिवमोगा में एक बाइक रैली निकाली:
कर्नाटक में भी आज कृषि बिल का विरोध देखने को मिल रहा है. कर्नाटक में जनता दल सेक्युलर (जदएस) के कार्यकर्ताओं ने शिवमोगा में एक बाइक रैली निकाली, उन्हें पुलिस ने लक्ष्मी थिएटर सर्कल पर रोक दिया. कृषि कानून, भूमि सुधार अध्यादेश, कृषि उपज मंडी समिति में संशोधन और श्रम कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने आज राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है. 

कृषि कानून के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी:
बता दें कि कृषि कानून के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है. दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों में इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है. 

कृषि बिल पर बवाल जारी, दिल्ली में संसद भवन के पास किसानों ने लगाई ट्रैक्टर में आग

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नई दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तीन कृषि बिलों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, यानी अब ये कानून बन चुके हैं. ऐसे में आज भी देश के कई हिस्सों में बिल के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है. इसके साथ ही प्रदर्शन की आग देश की राजधानी दिल्ली तक भी पहुंच गई है. आज सुबह दिल्ली में किसानों ने राजपथ के पास एक ट्रैक्टर में आग लगा दी. ये लोग ट्रैक्टर को इंडिया गेट के पास लाकर प्रदर्शन कर रहे थे. मौके पर दिल्ली पुलिस और फायर ब्रिगेड ने पहुंच कर आग पर काबू पाया.  

वीआईपी इलाकों में धारा 144 लागू: 
हालांकि दिल्ली में इंडिया गेट और आस पास के वीआईपी इलाकों में धारा 144 लागू है और कोरोना वायरस के मद्देनजर लोगों को इकट्ठा होने की इजाजत नहीं है.प्रदर्शनकारियों को इक्कठा होने नहीं दिया गया. दूसरी ओर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह आज धरने पर भी बैठेंगे. 

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पंजाब में किसानों और सियासी दलों का विरोध और तेज: 
इसके साथ ही पंजाब में किसानों और सियासी दलों का विरोध और तेज हो रहा है. किसान संगठनों ने पंजाब में रेल रोको प्रदर्शन 29 सितंबर तक बढ़ा दिया है. बिल के खिलाफ अकाली दल जगह-जगह रैली कर रहा है.

कर्नाटक में भी आज किसानों ने फिर राज्य बंद बुलाया:
वहीं कर्नाटक में भी आज किसानों ने फिर राज्य बंद बुलाया है. कृषि बिल के विरोध में राज्य के किसानों ने ये बंद बुलाया है, इस दौरान सोमवार सुबह शिवमोगा में ट्रैफिक सामान्य दिखा.

ड्रग्स मामले में बॉलीवुड के कई सितारे NCB के निशाने पर, श्रद्धा, दीपिका, और सारा अली के हुए बयान दर्ज

ड्रग्स मामले में बॉलीवुड के कई सितारे NCB के निशाने पर, श्रद्धा, दीपिका, और सारा अली के हुए बयान दर्ज

नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत से जुड़े ड्रग केस में धर्मा प्रोडक्शन के क्षितिज प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, करिश्मा प्रकाश, सारा अली खान, दीपिका पादुकोण और श्रद्धा कपूर के बयान दर्ज कर लिए गए हैं. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो(NCB) गेस्ट हाउस में शनिवार को अभिनेत्री दीपिका पादुकोण से लगभग 5 घंटों तक पूछताछ हुई. वहीं, श्रद्धा कपूर से 6 घंटे के लगभग पूछताछ हुई. सबसे बाद में सारा अली खान एनसीबी के दफ्तर से बाहर निकलीं. NCB के मुताबिक शनिवार को किसी अन्‍य को समन जारी नहीं किया गया है. इस मामले में बॉलीवुड के कई बड़े सितारों का नाम सामने आया है. NCB लगातार इस मामले की जांच में जुटा हुआ है. ड्रग से जुड़े मामले में बॉलीवुड के कई बड़े सितारों जैसे दीपिका पादुकोण, सारा अली खान, श्रद्धा कपूर, रकुलप्रीत सिंह के नाम सामने आए हैं.

अब तक 18 लोग गिरफ्तार:
NCB के डिप्टी डीजी दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र के मुथा अशोक जैन ने बताया कि करिश्मा प्रकाश, सारा अली खान, दीपिका पादुकोण और श्रद्धा कपूर के बयान दर्ज कर लिए गए हैं. क्षितिज प्रसाद को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है. आज कोई नया समन जारी नहीं किया गया है. हम 18 से अधिक लोगों को अब तक गिरफ्तार कर चुके हैं.

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श्रद्धा, दीपिका और सारा अली से पूछताछ:
बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर भी एनसीबी के ऑफिस से बाहर आ चुकी हैं. NCB ने लगभग 6 घंटे उनसे पूछताछ की है. वह शनिवार को लगभग दोपहर 12 बजे NCB ऑफिस पहुंची थी.दीपिका पादुकोण NCB ऑफिस से बाहर निकल आई हैं. NCB ने लगभग 5 घंटों तक उनसे पूछताछ की है. अभिनेत्री सारा अली खान NCB के दफ्तर पहुंची. वह करीब 1 बजे एनसीबी के दफ्तर पहुंचीं. NCB की एसआइटी टीम सारा अली खान से ड्रग मामले में पूछताछ कर रही है. सुशांत की मौत से जुड़े ड्रग मामले में उन्हें समन जारी किया गया था. सुशांत सिंह राजपूत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती से पूछताछ के दौरान सारा अली खान का नाम सामने आया था.

रकुलप्रीत सिंह से हुई पूछताछ:
इससे पहले अभिनेत्री रकुलप्रीत सिंह से ड्रग मामले में शुक्रवार को चार घंटे पूछताछ हुई. इसमें रकुलप्रीत ने यह तो माना है कि रिया से उनकी ड्रग को लेकर बात हुई है. लेकिन, खुद के ड्रग लेने से उन्होंने इन्कार किया है. आपको बता दें कि NCB ने ड्रग से जुड़े दो मामलों की एफआइआर दर्ज की है. दोनों की समानांतर जांच चल रही है.

मन की बात कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी, हमारे किसान, हमारे गांव, आत्मनिर्भर भारत का आधार

मन की बात कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी, हमारे किसान, हमारे गांव, आत्मनिर्भर भारत का आधार

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात रेडियो कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के इस कालखंड में पूरी दुनिया अनेक परिवर्तनों के दौर से गुजर रही है. आज, जब दो गज की दूरी एक अनिवार्य जरूरत बन गई है, तो इसी संकट काल ने, परिवारों के सदस्यों को आपस में जोड़ने और करीब लाने का काम भी किया है. पीएम मोदी ने कहा कि हमें, जरुर एहसास हुआ होगा कि हमारे पूर्वजों ने जो विधायें बनाई थी, वो आज भी कितनी महत्वपूर्ण हैं और जब नहीं होती हैं तो कितनी कमी महसूस होती है.हर परिवार में कोई-न-कोई बुजुर्ग, बड़े व्यक्ति परिवार के, कहानियाँ सुनाया करते थे और घर में नई प्रेरणा, नई ऊर्जा भर देते हैं. कहानियां, लोगों के रचनात्मक और संवेदनशील पक्ष को सामने लाती हैं, उसे प्रकट करती हैं.कहानी की ताकत को महसूस करना हो तो जब कोई मां अपने छोटे बच्चे को सुलाने के लिए या फिर उसे खाना खिलाने के लिए कहानी सुना रही होती हैं. 

हर दिन नया गांव, नए लोग, नए परिवार:
पीएम मोदी ने कहा कि मैं अपने जीवन में बहुत लम्बे अरसे तक एक परिव्राजक के रूप में रहा. घुमंत ही मेरी जिंदगी थी. हर दिन नया गाँव, नए लोग, नए परिवार. भारत में कहानी कहने की, या कहें किस्सा-कोई की, एक समृद्ध परंपरा रही है. हमारे यहां कथा की परंपरा रही है. ये धार्मिक कहानियां कहने की प्राचीन पद्धति है. मैं कथा सुनाने वाले सभी से आग्रह करूंगा कि क्या हम हमारी कथाओं में पूरे गुलामी के कालखंड की जितनी प्रेरक घटनाएं हैं, उनको कथाओं में प्रचारित कर सकते हैं. विशेषकर, 1857 से 1947 तक, हर छोटी-मोटी घटना से, अब हमारी नयी पीढ़ी को कथाओं के द्वारा परिचित करा सकते हैं.

हमारे किसान, हमारे गांव, आत्मनिर्भर भारत का आधार:
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे यहां कहा जाता है, जो जमीन से जितना जुड़ा होता है , वो बड़े से बड़े तूफानों में भी अडिग रहता है. किसानों पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा कि कोरोना के इस कठिन समय में हमारा कृषि क्षेत्र, हमारा किसान इसका जीवंत उदाहरण है. देश का कृषि क्षेत्र, हमारे किसान, हमारे गांव, आत्मनिर्भर भारत का आधार हैं. ये मजबूत होंगे तो आत्मनिर्भर भारत की नीवं मजबूत होगी. बीते कुछ समय में इन क्षेत्रों ने खुद को अनेक बंदिशों से आजाद किया है, अनेक मिथकों को तोड़ने का प्रयास किया है. 

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महाराष्ट्र के फल और सब्जी उगाने वाले किसानों की बदली स्थिति :
पीएम मोदी ने कहा कि हरियाणा के एक किसान भाई में मुझे बताया कि कैसे एक समय था जब उन्हें मंडी से बाहर अपने फल और सब्जियां बेचने में दिक्कत आती थी. लेकिन 2014 में फल और सब्जियों को APMC Act से बाहर कर दिया गया, इसका उन्हें और आसपास के साथी किसानों को बहुत फायदा हुआ.  आज, गांव के किसान sweet corn और baby corn की खेती से, ढ़ाई से तीन लाख प्रति एकड़ सालाना कमाई कर रहे हैं. इन किसानों के अपने फल - सब्जियों को कहीं पर भी, किसी को भी बेचने की ताकत है और ये ताकत ही उनकी इस प्रगति का आधार है. 3-4 साल पहले ही महाराष्ट्र में फल और सब्जियों को APMC के दायरे से बाहर किया गया था. इस बदलाव ने महाराष्ट्र के फल और सब्जी उगाने वाले किसानों की स्थिति बदली है. 

पीएम मोदी ने किया भगत सिंह को नमन:
पीएम मोदी ने कहा कि कल, 28 सितम्बर को हम शहीद वीर भगतसिंह की जयंती मनायेंगे. मैं समस्त देशवासियों के साथ साहस और वीरता की प्रतिमूर्ति शहीद वीर भगतसिंह को नमन करता हूं. शहीद भगतसिंह पराक्रमी होने के साथ-साथ विद्वान भी थे और चिन्तक भी. अपने जीवन की चिंता किए भगतसिंह और उनके क्रांतिवीर साथियों ने ऐसे साहसिक कार्यों को अंजाम दिया, जिनका देश की आजादी में बहुत बड़ा योगदान रहा. आने वाले दिनों में हम देशवासी कई महान लोगों को याद करेंगे, जिनका भारत के निर्माण में अमिट योगदान है.

2 अक्टूबर हम सबके लिए पवित्र और प्रेरक दिवस:
पीएम मोदी ने कहा कि 2 अक्टूबर हम सबके लिए पवित्र और प्रेरक दिवस होता है. यह दिन मां भारती के दो महान सपूतों महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को याद करने का दिन है. गांधी जी के आर्थिक चिंतन में भारत की नस - नस की समझ थी, भारत की खुश्बू थी.  वहीं शास्त्री जी का जीवन हमें विनम्रता और सादगी का संदेश देता है।11 अक्टूबर का दिन भी हमारे लिए बहुत विशेष होता है. इस दिन हम भारत रत्न लोक नायक जय प्रकाश जी को उनकी जयंती पर स्मरण करते हैं. 

पीएम मोदी ने किया नानाजी देशमुख को याद:
पीएम मोदी ने कहा कि भारत रत्न नानाजी देशमुख की भी जयंती 11 अक्टूबर को ही है. नानाजी देशमुख, जय प्रकाश नारायण जी के बहुत निकट के साथी थे. जब जे पी भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ रहे थे तो पटना में उन पर प्राणघातक हमला किया गया था, तब नानाजी देशमुख ने वो वार अपने ऊपर ले लिया था.इस 12 अक्टूबर को राजमाता विजयाराजे सिंधिया की भी जयंती है, उन्होंने अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया.

संयुक्त राष्ट्र महासभा संबोधन में बोले पीएम मोदी, वैश्विक महामारी से निपटने के प्रयासों में UN कहां है?

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नई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए क​हा कि भारत को इस बात का बहुत गर्व है कि वो संयुक्त राष्ट्र के संस्थापक देशों में से एक है. आज के इस ऐतिहासिक मौके पर मैं आप सभी के सामने भारत के 130 करोड़ लोगों की भावनाएं इस वैश्विक मंच पर साझा करने आया हूं.पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरे विश्व समुदाय के सामने एक बहुत बड़ा सवाल है कि जिस संस्था का गठन तब की परिस्थितियों में हुआ था, उसका स्वरूप क्या आज भी प्रासंगिक है?

संयुक्त राष्ट्र के सामने गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता:
पीएम मोदी ने कहा कि अगर हम बीते 75 वर्षों में संयुक्त राष्ट्र की उपलब्धियों का मूल्यांकन करें, तो अनेक उपलब्धियां दिखाई देती हैं. अनेक ऐसे उदाहरण भी हैं, जो संयुक्त राष्ट्र के सामने गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता खड़ी करते हैं. ये बात सही है कि कहने को तो तीसरा विश्व युद्ध नहीं हुआ, लेकिन इस बात को नकार नहीं सकते कि अनेकों युद्ध हुए, अनेकों गृहयुद्ध भी हुए. कितने ही आतंकी हमलों ने खून की नदियां बहती रहीं. इन युद्धों और हमलों में, जो मारे गए वो हमारी-आपकी तरह इंसान ही थे. लाखों मासूम बच्चे, जिन्हें दुनिया पर छा जाना था, वो दुनिया छोड़ कर चले गए. उस समय और आज भी, संयुक्त राष्ट्र के प्रयास क्या पर्याप्त थे? 

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पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र से किया सवाल?:
पिछले 8-9 महीने से पूरा विश्व कोरोना वैश्विक महामारी से संघर्ष कर रहा है.इस वैश्विक महामारी से निपटने के प्रयासों में संयुक्त राष्ट्र कहां है? एक प्रभावशाली Response कहां है? पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लोग UN के रिफॉर्म्स को लेकर जो प्रोसेस चल रहा है, उसके पूरा होने का बहुत लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. भारत के लोग चिंतित हैं कि क्या ये प्रोसेस कभी logical end तक पहुंच पाएगा. कब तक भारत को संयुक्त राष्ट्र के decision making structures से अलग रखा जाएगा.

फार्मा इंडस्ट्री ने भेजी 150 से अधिक देशों को जरूरी दवाइयां:
पीएम मोदी ने कहा कि भारत जब किसी से दोस्ती का हाथ बढ़ाता है, तो वो किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं होती. भारत जब विकास की साझेदारी मजबूत करता है, तो उसके पीछे किसी साथी देश को मजबूर करने की सोच नहीं होती. हम अपनी विकास यात्रा से मिले अनुभव साझा करने में कभी पीछे नहीं रहते.भारत ने हमेशा पूरी मानव जाति के हित के बारे में सोचा है, न कि अपने निहित स्वार्थों के बारे में, भारत की नीतियां हमेशा से इसी दर्शन से प्रेरित रही हैं. महामारी के इस मुश्किल समय में भी भारत की फार्मा इंडस्ट्री ने 150 से अधिक देशों को जरूरी दवाइयां भेजीं हैं. विश्व के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश के तौर पर आज मैं वैश्विक समुदाय को एक और आश्वासन देना चाहता हूं. भारत की वैक्सीन प्रोडक्शन और वैक्सीन डिलीवरी क्षमता पूरी मानवता को इस संकट से बाहर निकालने के लिए काम आएगी.

BJP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान, राजस्थान से 4 नामों को मिली टीम में जगह, वसुंधरा राजे को बनाया राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की नई टीम का ऐलान हो गया है. जेपी नड्डा ने बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है. इस टीम में 12 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महामंत्री, एक संगठन महामंत्री, 3 राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री, 13 राष्ट्रीय महामंत्री, कोषाध्यक्ष, सह कोषाध्यक्ष, केंद्रीय कार्यालय सचिव, आईटी-सोशल मीडिया प्रभारी, युवा मोर्चा अध्यक्ष, ओबीसी मोर्चा, किसान मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्षों, 23 राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाए गए है. बीजेपी की ओर से  नामों की सूची जारी की गई हैं.

राजस्थान से मिली 4 नामों को नई टीम में जगह:
राजस्थान से चार नामों को इस सूची में जगह मिली है. आपको बता दें कि वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव को राष्ट्रीय महामंत्री का जिम्मा सौंपा गया है. जबकि अल्का गुर्जर को नड्डा की टीम में राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है. वहीं सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया है.  

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तेजस्वी सूर्या को युवा मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष:
जेपी नड्डा की नई टीम में राजेश अग्रवाल को कोषाध्यक्ष, महेंद्र पांडेय को केंद्रीय कार्यालय सचिव, अमित मालवीय को प्रभारी राष्ट्रीय IT, सोशल मीडिया, तेजस्वी सूर्या को युवा मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. के लक्ष्मण को ओबीसी मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष, राजकुमार चाहर को किसान मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष, लालसिंह आर्य को अनुसूचित जाति मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष, समीर ओरांव को अनुसूचित जनजाति मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष, जमाल सिद्दिकी को अल्पसंख्यक मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष, संबित पात्रा,सुधांशु त्रिवेदी,शाहनवाज हुसैन को बनाया राष्ट्रीय प्रवक्ता, अनिल बलूनी को मुख्य प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी, संजय मयूख को बनाया मीडिया सह प्रभारी बनाया गया हैं.

Coronavirus in india: देश में कोरोना के मामले 59 लाख के पार, 24 घंटे में 85,362 नए कोरोना मरीज आए

Coronavirus in india: देश में कोरोना के मामले 59 लाख के पार, 24 घंटे में 85,362 नए कोरोना मरीज आए

नई दिल्ली: भारत में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 85,362 नए मामले रिपोर्ट किए गए. वहीं, इस दौरान 1,089 लोगों की इस खतरनाक वायरस के चलते मौत हुई है. ऐसे में अब देश में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 59,03,933 हो गई है. इनमें से 93,379 लोगों की मौत हो चुकी है. एक्टिव केस की संख्या घटकर 9 लाख 60 हजार हो गई और 48 लाख 49 हजार लोग ठीक हो चुके हैं.

पिछले 24 घंटे के अंदर 13,41,535 कोरोना जांच की गई:  
आईसीएमआर के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटे के अंदर 13,41,535 कोरोना जांच की गई है. इसके साथ ही अभी तक 7,02,69,975 लोगों की कोरोना जांच की जा चुकी है. आईसीएमआर ने कहा है कि कोरोना जांच से मरीजों का पता लगाना आसान हो जाता है और वह जल्दी स्वस्थ हो जाते हैं.

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देश में सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में:
देश में सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में हैं. यहां कोविड-19 के एक दिन में 17,794 नये मामले सामने आने से राज्य में संक्रमितों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 13,00,757 हो गई. वहीं एक दिन में 416 और मरीजों की संक्रमण से मौत हो जाने से राज्य में मृतक संख्या बढ़कर 34,761 हो गई.