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पांच साल बाद छलका उदयपुर का डाया बांध, डिंगाड़ी फला के लोगों के लिए बना आफत

पांच साल बाद छलका उदयपुर का डाया बांध, डिंगाड़ी फला के लोगों के लिए बना आफत

कुराबड़: उदयपुर जिले में झमाझम बारिश के बाद जयसमंद को छोड़कर शायद कोई ऐसा बांध या तालाब रहा होगा, जो छलका नहीं होगा. बीते पांच सालों से प्रतीक्षा करवा रहा डाया बांध भी छलक गया. जिस तरह से डाया बांध छलका ओर लोगों के लिए खुशी भरी सौगात लाया, लेकिन यहां डेम के पेटे के समीप रहने वाले लोगों के लिए जान जोखिम वाली कहानी लेकर आया है. डाया डेम के ओवरफ्लो के दूसरे छोर में रहने वाले डिंगाड़ी फला के लोगों के लिए आफत लेकर आया है. 

डींगाडी फला के लोगों के लिए आफत:
उदयपुर सलूम्बर मेगा हाइवे से सटे डाया डेम के समीप डिंगाडी फला की आबादी 100 घरों से भी अधिक है और तकरीबन 400 लोग यहां निवासरत है. इनकी प्रतिदिन आने जाने के लिए डाया डेम की पाल ही है, जहां से ये लोग आते और जाते हैं, लेकिन अब जब ओवरफ्लो हो गया है, तो यहां मुसीबत दुगुनी हो गई है. पांच साल बाद आई इस मुसीबत में लोग जान जोखिम में डालकर जिंदगी बिता रहे है. 

जान जोखिम में डाल रहे नन्हे बालक:
डिंगाडी फला से 35 से अधिक स्कूली बच्चे अमरपुरा, पलोदडा पढ़ने जाते है. इनके आने जाने का मार्ग डाया बांध की पाल ही है. पांच साल से लेकर 15 वर्षीय बच्चों की ओवर फ्लो हो रहे पानी मे निकलना पड़ता है. हालात यह है कि इनको स्कूल जाना भी मजबूरी हो गई. यदि तेज बहाव आता है तो इनको धावड़िया से होकर जाना पड़ता है, जो  4 किलोमीटर है. जबकि रेला के खड़ देवती वाली रोड़ 6 किलोमीटर का सफर तय करके जाना पड़ता है. हवा के हिचकोलों ओर लहरों के पानी मे जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे है. पहली से दसवीं तक बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर निकल रहे है. उदयपुर सलूम्बर मेगा हाइवे की रोड़ पानी तेज आने के बाद ध्वस्त हो गया है. यहां कभी भी हादसा हो सकता है, हालांकि जावर माइंस थाना पुलिस ने यहां पर बेरिकेड्स लगाकर व्यवस्था की है, लेकिन तेज रफ़्तार से आने वाला वाहन हादसे का शिकार हो सकता है. 

डाया बांध  एक नजर:
डाया बांध को 1980 में राजस्थान सरकार के जलसंसाधन विभाग द्वारा बनाया गया था. यहां डूब क्षेत्र में आने वाले लोगों को केवड़ा बाण्डली नाल ओर डिंगडी फला में विस्थपित किया गया था. उसके बाद लगातार पानी की आवक से ये झील छलकती रही है, लेकिन बीते पांच वर्ष में मानसून की बेरुखी के कारण छलक नहीं पाया और इस मानसून में छलक गया. इस बांध की लंबाई 980 मीटर है, जबकि इसके ओवरफ़्लो की लंबाई 60 मीटर है. डाया बांध की ऊंचाई साढ़े छब्बीस मीटर है, तो बांध का गेज 12 मीटर का बना हुआ है. वहीं कृषि के लिए सिंचित क्षेत्र के लिए इससे निकलने वाली नहर की लंबाई  तकरीबन 11 किमी है. ओवरफ़्लो के बाद इसका पानी टीड़ी नदी में होता हुआ सीधा माही डेम में जाता है, जहां गुजरात और मध्यप्रदेश में चला जाता है. 

... कुराबड़ से नारायण मेघवाल की रिपोर्ट 
 

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