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वन मंत्री सुखराम विश्नोई पहुंचे गुढ़ा साल्ट झील क्षेत्र, अधिकारियों से ली प्रवासी पक्षियों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी
वन मंत्री सुखराम विश्नोई पहुंचे गुढ़ा साल्ट झील क्षेत्र, अधिकारियों से ली प्रवासी पक्षियों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी

डीडवाना(नागौर): वन एंव पर्यावरण मंत्री सुखराम विश्नोई सांभर झील क्षेत्र से जुड़े नागौर जिले के गुढ़ा साल्ट के दौरे पर रहे. इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद वन विभाग और पशुपालन विभाग से प्रवासी पक्षियों के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली. गौरतलब है कि बीते 10 नबम्बर को प्रवासी पक्षियों के मरने की जानकारी सामने आई थी उसके बाद से ही सांभर झील क्षेत्र में देसी विदेशी पक्षियों के शव मिलने का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. यहां मिलने वाले शवों को वन विभाग के कर्मचारियों और एनजीओ के स्वयंसेवकों द्वारा झील क्षेत्र में ही दफनाया जा रहा है. हालांकि सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से मामले को गंभीरता से लेने के बाद सरकार और प्रशासन से जुड़े लोग हरकत में आए हैं.

रेक्सयू सेंटर का भी अवलोकन किया: 
नागौर जिले के प्रभारी मंत्री सुखराम बिश्नोई ने गुढ़ा साल्ट झील क्षेत्र के दौरे के बाद नावां में पक्षियों के लिए पशु चिकित्सालय में बनाए गए रेक्सयू सेंटर का भी अवलोकन किया और झील क्षेत्र से सेंटर में लाए गए पक्षियों के स्वाथ्य के बारे में विशेषज्ञों से जानकारी ली. मीडिया से रूबरू हुए मंत्री सुखराम ने बताया कि पक्षियों के मरने की वजह हालांकि अंतिम रूप से तो रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगी लेकिन विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक सांभर झील  क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत मेटाबोलिज्म बीमारी से हुई है. 

झील क्षेत्र में 25 हजार से 30 हजार पक्षियों की मौत हो चुकी: 
जांच में सामने आया है कि झील में कुछ पक्षियों के मरने के बाद उनके शव में कीड़े पैदा हो गए थे और उन कीड़ों को बाकी पक्षियों के खा लेने खाने के कारण दूसरे पक्षियों में यह बीमारी फैल गई और पक्षियों की मौत हो गई. आंकड़ों की बात करे तो सांभर झील क्षेत्र में 25 हजार से 30 हजार पक्षियों की मौत हो चुकी है. लेकिन प्रभारी मंत्री सुखराम ने मीडिया की और से पूछ गए सवाल के जवाब में आधिकारिक आंकड़ा तकरीबन 17 हजार बताया है. प्रभारी मंत्री सुखराम ने बताया कि प्रदेश सरकार ने सांभर झील क्षेत्र में पक्षियों के मरने के मामले की जानकारी सामने आने के बाद इसे गंभीरता से लिया है, मौके पर सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को भेजा गया है, सांभर और नावां क्षेत्र में एक एक रेस्क्यू सेंटर बनाए गए है जहां पक्षियों का इलाज किया जा रहा है.  

...नरपत ज़ोया संवाददाता फ़र्स्ट इंडिया न्यूज डीडवाना

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