शिमला हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का निधन, IGMC शिमला में ली आखिरी सांस

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का निधन, IGMC शिमला में ली आखिरी सांस

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का निधन, IGMC शिमला में ली आखिरी सांस

शिमला: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार तड़के निधन हो गया. वह 87 वर्ष के थे. रभद्र सिंह का जन्म 23 जून, 1934 को बुशहर रियासत के राजा पदम सिंह के घर में हुआ. 

इंदिरा गांधी चिकित्सा कॉलेज (आईजीएमसी) के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर जनक राज ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने तड़के 3.40 बजे अंतिम सांस ली. सोमवार को सिंह को दिल का दौरा पड़ा था और उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी. उन्हें आईजीएमसी की क्रिटिकल केयर यूनिट में रखा गया था.

सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें बुधवार को हृदय रोग विभाग में चिकित्सकों की निगरानी में वेंटिलेटर पर रखा गया था. पांच बार सांसद और नौ बार विधायक रहे वीरभद्र सिंह छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. वह केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे.

लोकसभा के लिए वह पहली बार 1962 में चुने गए:
वीरभद्र सिंह ने 1983 से 1985 पहली बार, फिर 1985 से 1990 तक दूसरी बार, 1993 से 1998 में तीसरी बार, 1998 में कुछ दिन चौथी बार, फिर 2003 से 2007 पांचवीं बार और 2012 से 2017 छठी बार मुख्यमंत्री बने. लोकसभा के लिए वह पहली बार 1962 में चुने गए.  उन्होंने पहली बार महासू लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था. लोकसभा के लिए वीरभद्र सिंह 1962, 1967, 1971, 1980 और 2009 में चुने गए. वर्तमान में वीरभद्र सिंह अर्की से विधायक थे. इंदिरा गांधी की सरकार में वीरभद्र सिंह दिसंबर 1976 से 1977 तक केंद्रीय पर्यटन एवं  नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री रहे. दूसरी बार भी वह इंदिरा सरकार में ही वर्ष 1982 से 1983 तक केंद्रीय उद्योग राज्यमंत्री रहे. 

चुनावी राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया था:
इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश में तत्कालीन मुख्यमंत्री ठाकुर राम लाल की जगह मुख्यमंत्री की कमान संभाली. उसके बाद से राज्य की राजनीति में सक्रिय हुए. वीरभद्र सिंह ने इसी साल जनवरी में चुनावी राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि वो अगला चुनाव नहीं लड़ेंगे. लेकिन वह कांग्रेस के सच्चे सिपाही रहे हैं, इसलिए कांग्रेस को मजबूत पार्टी के रूप में देखना चाहते हैं. 

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