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खान महाघूसकाण्ड: पूर्व IAS अशोक सिंघवी को बड़ा झटका, राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

खान महाघूसकाण्ड: पूर्व IAS अशोक सिंघवी को बड़ा झटका, राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने खानमहाघूसकाण्ड के मुख्य आरोपी और पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी को बडा झटका देते हुए जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया है.जस्टिस सतीश कुमार शर्मा ने सोमवार को जमानत याचिका पर फैसला सुनाते हुए याचिका खारिज करने के आदेश दिये है.एकलपीठ ने 2 जून को मैराथन बहस के पश्चात जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा था.अदालत ने इसके साथ सहआरोपी राशीद शेख की जमानत याचिका भी खारिज कर दी है.एकलपीठ ने जमानत याचिका पर विस्तृत आदेश देते हुए कहा कि इस केस में सिंघवी की बड़ी भूमिका को देखते हुए जिसके खिलाफ मजबूत साक्ष्य उपलब्ध है, जमानत देना उचित नही होगा.

जमानत देने से समाज में जाएगा गलत संदेश:
अदालत ने कहा कि सिंघवी के प्रयास ट्रायल से बचने के रहे है.अदालत ने आगे कहा कि सरकारी विभागों अनियत्रिंत भष्ट्राचार में गंभीर प्रवृति के इस आर्थिक अपराध में आरोपी की मजबूत स्थिती के बावजूद जमानत देने से समाज में गलत संदेश जायेगा. हाईकोर्ट की अन्य पीठ द्वारा मामले के सहआरोपियों को जमानत दिये जाने के मामले में अदालत ने कहा कि वे अन्यपीठ के फैसले का सम्मान करते है लेकिन एक ही केस में अलग अलग आरोपियों की लीगल पोजिशन पर विचार किया जाना जरूरी है.प्रत्येक आरोपी की भूमिका एक ही केस में अलग अलग हो सकती है ऐसे में उनके द्वारा किये गये अपराध के साथ अन्य तथ्यों पर गौर किया जाना आवश्यक है.अदालत ने कहा कि एक विशेष आरोपी इस आधार पर जमानत के लिए क्लेम नही कर सकता कि उसी मामले में उसके सहआरोपी को जमानत दी जा चुकी है.

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सिंघवी की भूमिका सहआरोपियों से अलग:
अशोक सिंघवी की जमानत याचिका को खारिज करते हुए एकलपीठ ने कहा कि इस केस में सिंघवी का मामला अन्य सहआरोपियों के समान नहीं है.सिंघवी के खिलाफ एकत्रित किये गये सबूत व अन्य तथ्य बड़ी भूमिका इंगित करती है.अदालत ने कहा कि प्रथमदृष्टया इस केस में साफ है कि अशोक सिंघवी खान विभाग के मुखिया के रूप में प्रमुख सचिव पद पर कार्यरत थे और प्रमुख सचिव के दौरान ही 2.55 करोड़ की रिश्वत की राशि बरामद करने का मामला सामने आया है.टेलीफोन रिकॉर्डिग और कॉल रिर्काडिंग की डिटेल इस केस में सिंघवी को अच्छी तरीके से जोड़ती है.अदालत ने कहा कि सिंघवी की भूमिका को सहआरोपियों की भूमिका के समान नही माना जा सकता.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश को टाला:
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस केस सहआरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना में सरेण्डर कर दिया.लेकिन सिंघवी ने जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी टालने का प्रयास किया और उससे लाभ प्राप्त करते हुए बिना किसी कारण के 17 फरवरी की जगह 1 जून को सरेण्डर किया.उसी तरह राशीद सेख ने 6 जून को सरेण्डर किया.जबकि दोनो ही आरोपी सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भलीभाति जानते थे.

राशीद शेख की भूमिका:
अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए राशीद शेख की भूमिका को लेकर कहा कि राशीद शेख ने इस केस में मुख्य भूमिका निभायी है जिसने 1.58 करोड़ की राशि की व्यवस्था करना स्वीकार किया है.

एएसजी ने की ईडी की ओर से पैरवी:
जमानत याचिका पर सिंघवी और शेख की ओर से एडवोकेट अनिल उपमन, मोहित खण्डेलवाल और दीपक चौहान ने पैरवी की.वहीं ईडी की ओर से एएसजी आर डी रस्तोगी और आनंद शर्मा ने पैरवी की.सिंघवी से केस के अन्य आरोपियों को समान जमानत देने की बात कही.वही ईडी की ओर से एएसजी आर डी रस्तोगी ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि ये संपूर्ण घोटाला सिंघवी की देखरेख और मॉनिटरिंग में किया गया है.इस केस में सिंघवी की शह पर ही भष्ट्राचार किया गया है.सिंघवी खान विभाग के मुखिया थे और वे पहले माईंस को बंद करते थे और फिर फिर शुरू करने के लिए पैसे की डिमांड करते थे.एएसजी ने कहा कि हमारे पास सिंघवी के फोन रिकोर्डिग के अहम सबूत मौजूद है.इसलिए सिर्फ समानता के आधार पर मुख्य आरोपी को जमानत नही दी जानी चाहिए.दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जस्टिस सतीश कुमार शर्मा की एकलपीठ ने जमानत याचिका पर 2 जुलाई को फैसला सुरक्षित रखा था.

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जयपुर: विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुडे ऑडियो टेप को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने मामले में तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है.विधायक भंवरलाल शर्मा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सतीश शर्मा की एकलपीठ ने ये आदेश दिये है.एकलपीठ ने राज्य सरकार को 27 अगस्त तक तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है.साथ ही केन्द्र सरकार के लिए एएसजी और राज्य सरकार के लिए अतिरिक्त महाधिवकता को याचिका की प्रति देने के ओदश दिये है.  

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प्रार्थी के खिलाफ किए थे केस दर्ज:
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कहा कि एसओजी में दर्ज तीन मामलों में निचली कोर्ट में एफआर पेश कर दी है और एसीबी में दर्ज हुए केसों को लेकर समय दिया जाए. जिस पर अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि लगता है इस केस में सरकार कुछ नहीं करना चाहती. याचिका में कहा गया कि अनुसंधान एजेन्सी ने ऑडियो टेप के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रार्थी के खिलाफ केस दर्ज किए थे.

तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के दिये आदेश:
ऑडियो टेप के अलावा जांच एजेन्सी के पास अन्य कोई साक्ष्य नहीं है. घटना को लेकर एक ही एफआईआर दर्ज करने का प्रावधान है लेकिन फिर भी जांच एजेंसी ने दवाब में कई एफआईआर दर्ज की हैं. इसलिए प्रार्थी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए। बहस सुनने के बाद अदालत ने मामले में तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिये है.

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जयपुर: राज्यपाल कलराज मिश्र ने प्रदेश में बढ़ते कोरोना केसेज को लेकर गहरी चिंता जताई है. राज्यपाल ने कहा है कि मैं कोरोना के बारे में राज्य सरकार और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से लगातार चर्चा कर रहा हूं. कोरोना वैश्विक महामारी से बचाव ही इसका इलाज है. हम लोगों को इस बीमारी से बचने के लिए सावधानियां बरतनी होंगी. तभी हमारा घर, परिवार, समाज, प्रदेश और देश सुरक्षित रह सकेगा. मंगलवार को प्रदेश में रिकाॅर्ड 1217 नए रोगी मिले हैं, 11 मौतें हुई हैं.

कोरोना को देखते हुए गहलोत सरकार का बड़ा फैसला, अब मोबाइल ओपीडी वैन के जरिए मिलेंगी निशुल्क दवा

कुल रोगियों की संख्या 54 हजार 887 और मौतें 811:
अब राजस्थान में कुल रोगियों की संख्या 54,887 और मौतें 811 तक पहुंच गई हैं. आप सब जानते हैं, यह समय कोरोना महामारी से लडने का है. सभी को मास्क पहनना अनिवार्य है. यदि मास्क न हो तो गमछा, दुपटटा या रूमाल से अपने मुंह और नाक को ढंककर रखें. सामाजिक दूरी बनाए रखें. सेनेटाइजर का उपयोग करें और साफ-सफाई के सभी उपाय बरतें. 

प्लाज्मा थैरेपी एक प्रभावी उपचार:
कोरोना महामारी पर विजय पाने के लिए प्लाज्मा थैरेपी एक प्रभावी उपचार है. प्लाज्मा उसी व्यक्ति का लिया जाता है, जो इस महामारी पर विजय पा चुका हो. वर्तमान में प्रदेश में 27 हजार लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं. मैं ऐसे सभी लोगों से आह्वान करता हूं कि अपना प्लाज्मा दान करें, जिससे कोविड़ से ग्रसित गम्भीर मरीजों को जीवनदान मिल सके.

कांग्रेस विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री गहलोत का बड़ा बयान, कहा-हम खुद विश्वास प्रस्ताव लाएंगे

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जयपुर: कांग्रेस विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा बयान दिया है. सीएम गहलोत ने कहा कि सदन में हम खुद विश्वास प्रस्ताव लाएंगे. हम 19 विधायकों के बिना भी बहुमत साबित कर देते, लेकिन अभी जो खुशी है वो नहीं होती. क्योंकि अपने तो अपने होते हैं, जो हुआ उसे भूल जाएं. किसी भी विधायक की शिकायत को दूर करेंगे. अभी चाहो तो अभी बाद में चाहो तो बाद में मिल लें. बैठक में सभी ने एक साथ हाथ खड़े कर एकजुटता दिखाई. कांग्रेस विधायक दल की बैठक में तमाम विधायक मौजूद रहे. यह बैठक सीएमआर में हुई. जहां पर सभी कांग्रेस के विधायक एक जुट दिखाई दिए. इससे पहले पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने सीएमआर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की. विवाद खत्म होने के बाद सीएम गहलोत और पायलट ने एक दूसरे से हाथ मिलाया. 

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आखिर सामने आ गयी एक सुखद तस्वीर:
राजस्थान सियासी संकट के बाद आखिर एक सुखद तस्वीर सामने आ गई. कांग्रेस विधायक दल की बैठक में गहलोत और पायलट दोनों बैठक में मौजूद रहे. बैठक में केसी वेणुगोपाल, अविनाश पांडे, सुरजेवाला, अजय माकन भी मौजूद रहे. बैठक में गहलोत-पायलट समेत सभी ने विक्ट्री का साइन दिखाया. बैठक में गोविंद सिंह डोटासरा ने अपने संबो​धन में कहा कि अंग्रेजों की फूट डालो राज करो की तर्ज पर भाजपा ने षड़यंत्र किया, लेकिन भाजपा अपने षड़यंत्र में कामयाब नहीं हुई. बैठक में विवेक बंसल, काजी निजामुद्दीन ,देवेन्द्र यादव और तरुण कुमार समेत तमाम मं​त्री और विधायक गण मौजूद रहे.

भंवरलाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह का निलंबन खत्म:
आपको बता दें कि राजस्थान में शुक्रवार से विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है. इससे पहले आज कांग्रेस के भंवरलाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह का निलंबन खत्म किया गया है. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अनिवाश पांडे ने इसकी घोषणा की है. इसके बाद अब इन दोनों विधायकों को भी CMR की बैठक में बुलाया है. 

गहलोत सरकार को गिराने का लगा था आरोप:
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विधायक भंवरलाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया था. इन दोनों विधायकों पर बीजेपी से सांठगांठ करके गहलोत सरकार गिराने का आरोप लगा था. इसके कुछ ऑडियो भी सामने आए थे. इस बारे में कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस नेता भंवरलाल शर्मा और बीजेपी नेता संजय जैन की बातचीत के बारे में बताया था. 

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जयपुर: प्रदेश में कोरोना महामारी में आमजन की दिक्कतों को देखते हुए गहलोत सरकार ने एकओर बड़ा फैसला किया है.इसके तहत प्रदेश में चल रही मोबाइल ओपीडी वैनों के जरिए आमजन को न मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत दी जाने वाली दवाओं का वितरण किया जाएगा बल्कि जरूरी जांचों की सुविधा भी इन वैनों में उपलब्ध कराई जाएगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत न सिर्फ कोरोना की रोकथाम को लेकर गंभीर है, बल्कि इस दरमियान आमजन को हो रही दिक्कतों का भी हर संभव समाधान कर रहे है.चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बताया कि वर्तमान में ज्यादातर अस्पतालों को कोविड फ्री कर दिया गया है.फिर भी सरकार ने प्रदेश भर में चलाई जा रही मोबाइल ओपीडी वैन के जरिए आमजन को और अधिक राहत देने के लिए निशुल्क दवा और जांच योजना की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.

वर्तमान में कोरोना से होने वाली मृत्युदर 1.4:
उन्होंने बताया कि कोरोना के अलावा बीमारियों के उपचार के लिए प्रदेश में चल रही मोबाइल ओपीडी वैन के जरिए हजारों लोग प्रतिदिन चिकित्सा सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं.कोरोना रोकथाम को लेकर डॉ. शर्मा ने बताया कि प्रदेश में जीवनरक्षक इंजेक्शन की खरीद आरएमएससीएल के द्वारा कर ली गई है.सभी जिला अस्पतालों में ये इंजेक्शन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं.उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में कोरोना से होने वाली मृत्युदर 1.4 रह गई है.इस दर को शून्य पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं. चिकित्सा मंत्री ने बताया कि कोरोना में प्लाज्मा थेरेपी अहम पद्धति साबित हुई है.जिन लोगों को थेरेपी दी गई थी, वे अब पूरी तरह स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं.

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लोगों में प्लाज्मा दान के प्रति अब जागरूकता:
उन्होंने बताया कि लोगों में प्लाज्मा दान के प्रति अब जागरूकता आने लगी है.जो लोग कोरोना पॉजिटिव से नेगेटिव हुए हैं, वे आगे आकर अपना प्लाज्मा दान कर रहे हैं.पिछले दिनों झुंझनूं में 48 लोगों ने प्लाज्मा दान किया है.जोधपुर के कलेक्टर ने पॉजिटिव से नेगेटिव होने के बाद प्लाज्मा दान कर लोगों की प्रेरणा बने हैं.जोधपुर में प्लाज्मा कैंप लग रहा है, पाली व अन्य जिलों में व्यापक स्तर पर कैंप आयोजित कर लोगों को प्लाज्मा दान के लिए प्रेरित किया जा रहा है.उन्होंने कोरोना डिफिटर्स से अपील करते हुए कहा कि प्लाज्मा दान देने से कोई परेशानी, कोई कमजोरी नहीं आती लेकिन इस कोशिश से किसी की जिंदगी जरूर बच सकती है.

पॉजिटिव केसेज के मामलों में बढ़ोतरी:
डॉ. शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में पॉजिटिव केसेज के मामलों में बढ़ोतरी हुई लेकिन बढ़ती संख्या के पीछे ज्यादा जांचें होना भी है.प्रदेश में 32 हजार से ज्यादा जांचें प्रतिदिन की जा रही हैं.उन्होंने कहा कि ज्यादा लोग असिंप्टोमेटिक हैं, ऐसे में जितनी ज्यादा जांचें होंगी उतनी ही जल्द हम कोरोना के प्रसार को थाम सकेंगे.उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बेहतर रिकवरी और कोरोना से होने वाली मृत्युदर को कम करना है.इसके लिए विभाग और सरकार द्वारा कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है.राज्य में 73-74 फीसद मरीज बेहतर उपचार के बाद ठीक हो रहे हैं, वहीं कोरोना से होने वाली मृत्युदर 1.4 फीसद हो गई है. चिकित्सा मंत्री ने बताया कि क्वारंटीन सुविधाओं के क्रियान्वयन को बेहतर करने के लिए कमेटियों का गठन किया गया था. अब इन कमेटियों को फिर से प्रभावी बनाकर गांव-गांव तक क्वारंटीन व्यवस्था को मजबूती दी जाएगी.उन्होंने बताया कि सभी चिकित्सा अधिकारी, सरपंच, जन प्रतिनिधि व अन्य अधिकारियों को होम क्वारंटीन सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए निर्देश दिए जाएंगे.

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जयपुर: राजस्थान में रैपिड एंटीजन टेस्ट पर उठे सवाल को लेकर प्रमुख चिकित्सा सचिव अखिल अरोड़ा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव और आईसीएमआर के महानिदेशक प्रोफेसर बलराम भार्गव को पत्र लिखा है. चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा के निर्देश पर लिखे गए पत्र में रेपिड एंटीजन डिटेक्शन टेस्ट की गुणवत्ता में सुधार व इस पर पुनर्विचार के लिए कहा गया है.अरोड़ा ने पत्र के जरिए बताया कि राजस्थान में कोरोना की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं.

केवल 50 से 84 फीसदी टेस्ट ही सही पाए गए:
इस महामारी को रोकने के लिए राज्य सरकार ने ज्यादा से ज्यादा जांचें करने को प्राथमिकता में रखा.यही वजह है कि प्रदेश में प्रतिदिन 45 हजार से ज्यादा आरटीपीसीआर जांच करने की क्षमता विकसित कर ली है.उन्होंने बताया कि जांचों में और अधिक तेजी लाने के लिए आईसीएमआर द्वारा अधिकृत रैपिड एंटीजन डिटेक्शन टेस्ट को भी काम में लिया गया.उन्होंने बताया कि जांचों के मामले में रैपिड एंटीजन डिटेक्शन टेस्ट पूरी तरह खरा नही उतरा और केवल 50 से 84 फीसदी टेस्ट ही सही पाए गए.उन्होंने बताया कि सवाई मानसिंह अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा भी इन रेपिड एंटीजन डिटेक्शन टेस्ट की जांच की गई तो ये टेस्ट पूरी तरह खरे नहीं उतरे.प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि कम सेंसटीविटी होने के कारण तकनीकी कमेटी ने रेपिड एंटीजन डिटेक्शन टेस्ट को व्यापक स्तर पर अस्पतालों में इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी है.

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कोरोना की रोकथाम में निभाई प्रभावी भूमिका:
उन्होंने बताया कि यदि एंटीजन टेस्ट से कोई असिंप्टोमेटिक व्यक्ति पॉजिटिव होने के बाद भी नेगेटिव भी बताया जाता है और वह सामाजिक कार्यों में पहले की ही तरह सक्रिय रहता है तो ऐसे केसेज संक्रमण के प्रसार की वजह बन सकते हैं. उन्होंने कहा कि एंटीजन टेस्ट के बाद भी आरटीपीसीआर टेस्ट करना पड़े तो ऐसे में इस टेस्ट की कोई प्रासंगिकता नहीं रहती.अरोड़ा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर को को रैपिड एंटीजन डिटेक्शन टेस्ट द्वारा की जाने वाली जांचों पर पुनर्विचार करते हुए टेस्ट किट बनाने वाली कंपनियों को गुणवत्ता में सुधार करने का आग्रह किया है, ताकि कोरोना की रोकथाम में प्रभावी भूमिका निभाई जा सके.

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जयपुर: विवाद खत्म होने के बाद पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की. सचिन पायलट ने सीएमआर पहुंच कर सीएम गहलोत से मुलाकात की. वहीं कुछ देर में सीएमआर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी. मंत्रियों और विधायकों का सीएमआर पहुंचना शुरू हो गया हैं. मुख्यमंत्री गहलोत की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी. बैठक में केसी वेणुगोपाल, अविनाश पांडे, रणदीप सुरजेवाला मौजूद रहेंगे. 

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आपको बता दें कि राजस्थान में शुक्रवार से विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है. इससे पहले आज कांग्रेस के भंवरलाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह का निलंबन खत्म किया गया है. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अनिवाश पांडे ने इसकी घोषणा की है. इसके बाद अब इन दोनों विधायकों को भी CMR की बैठक में बुलाया है. 

गहलोत सरकार को गिराने का लगा था आरोप:
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विधायक भंवरलाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया था. इन दोनों विधायकों पर बीजेपी से सांठगांठ करके गहलोत सरकार गिराने का आरोप लगा था. इसके कुछ ऑडियो भी सामने आए थे. इस बारे में कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस नेता भंवरलाल शर्मा और बीजेपी नेता संजय जैन की बातचीत के बारे में बताया था. 

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जयपुर: राजस्थान सियासी संकट के बीच 15वीं राजस्थान विधानसभा का विशेष सत्र शुक्रवार से होगा. इसको लेकर भाजपा विधायक दल की बैठक गुरुवार को बैठक हुई. यह बैठक बीजेपी मुख्यालय में आयोजित की गई. इस बैठक में बीजेपी ने सदन में सरकार को घेरने की रणनीति पर मंथन किया. बैठक में भाजपा ने विधायकों से हस्ताक्षर करवाए है. भाजपा शुक्रवार सुबह अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएगी. भाजपा विधायक दल की बैठक में 74 विधायक पहुंचे. इस बैठक में BJP और RLP के कुल 74 विधायक मौजूद रहे. 

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कपड़ा फट चुका है आज नहीं तो कल फटेगा:
बैठक में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि अगर आपके पास बहुमत है तो, आप एक लाइन का प्रस्ताव लेकर आ जाइए कि हमारे पास बहुमत है. कपड़े में टांका लगाने की कोशिश की. लेकिन कपड़ा फट चुका है आज नहीं तो कल फटेगा. गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि कल सुबह विधानसभा सदन में महत्वपूर्ण और निर्णायक फैसला हो सकता है. सरकार विश्वास मत का प्रस्ताव लेकर आए ऐसा हो सकता है, लेकिन हम सरकार खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएंगे.

उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ का बयान:
बैठक में उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि सरकार विश्वास मत रखे या ना रखे,लेकिन भाजपा विधायक दल अविश्वास प्रस्ताव रखेगा. सरकार के अदृश्य होने पर और कुशासन के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव रखा जाएगा. सरकार के विरुद्ध पहला अविश्वास प्रस्ताव होगा. यदि विधानसभा में पत्रकारों को आने से रोका जाए तो हम इसे उचित नहीं मानते है. बैठक में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ मौजूद रहे.

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जयपुर: राजस्थान में शुक्रवार से विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है. इससे पहले आज कांग्रेस के भंवरलाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह का निलंबन खत्म किया गया है. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अनिवाश पांडे ने इसकी घोषणा की है. इसके बाद अब इन दोनों विधायकों को भी CMR की बैठक में बुलाया है. 

बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विधायक भंवरलाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया था. इन दोनों विधायकों पर बीजेपी से सांठगांठ करके गहलोत सरकार गिराने का आरोप लगा था. इसके कुछ ऑडियो भी सामने आए थे. इस बारे में कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस नेता भंवरलाल शर्मा और बीजेपी नेता संजय जैन की बातचीत के बारे में बताया था. ह

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