चूरू में दर्दनाक हादसा, जोहड़ में बनी डिग्गी में डूबने से चार बच्चों की मौत, मृतकों के घरों में मचा कोहराम

चूरू में दर्दनाक हादसा, जोहड़ में बनी डिग्गी में डूबने से चार बच्चों की मौत, मृतकों के घरों में मचा कोहराम

चूरू में दर्दनाक हादसा, जोहड़ में बनी डिग्गी में डूबने से चार बच्चों की मौत, मृतकों के घरों में मचा कोहराम

चूरू: भालेरी थाना इलाके में एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है, यहां पानी लेने के लिए गए चार बच्चों की जोहड़ में बनी डिग्गी में डूबने से मौत हो गई. घटना की जानकारी लगने पर पीड़ितों परिवारों के घर में कोहराम मच गया. सूचना मिलने पर एएसपी योगेन्द्र फौजदार, भालेरी थानाधिकारी केदार मीणा सहित थाने का जाप्ता मौके पर पहुंचा व ग्रामीणों की मदद से बच्चों के शवों को बाहर निकाला गया. मृतक बच्चों की उम्र 8 से 15 साल के बीच की बताई जा रही है.

पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को किया सुपुर्दः 
चारों बच्चों के शवों को देखकर परिजन बेसुध हो गए. मौत का समाचार लगने पर गांवों में चूल्हे नहीं जले. जिस किसी ने भी दुखद: घटना के बारे में सूना तो एक बारगी सदमें में आ गया. पुलिस ने चारों बच्चों का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया.

बच्चों को पानी लेने के लिए भेजा था डिग्गी परः
पुलिस के मुताबिक गांव महरावणसर में सरकार की ओर से जोहड़ में पानी के लिए डिग्गी तैयार करवाई गई है. परिवार के लोग पास में ढाणी बनाकर रहते हैं. अपराह्न को परिवार के लोग खेतों में काम करने में व्यस्त थे, इस दौरान बच्चों को पानी लेने के लिए भेज दिया. ऐसे में अंकित जाट (12) पुत्र रामलाल निवासी किलणिया, विकास जाट (11) पुत्र चंदूराम निवासी महरावणसर, प्रवीण जाट (8) पुत्र कानाराम निवासी महरावणसर व जगदीश (15) निवासी महरावणसर पानी लेने के लिए गए हुए थे.

 राहगीरों ने बच्चों के शव डिग्गी में तैरता देखकर पुलिस को सूचनाः
ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि पानी भरते समय किसी बच्चे का पैर फिसल गया, ऐसे में एक-दूसरे को बचाते हुए एक के बाद एक चारों बच्चे डूब गए. इस दौरान वहां से गुजर रहे किसी व्यक्ति ने बच्चों के शव तैरता देखकर पुलिस को सूचना दी. सूचना पर भालेरी पुलिस का जाप्ता मौके पर पहुंचा व परिजनों को घटना के बारे में बताया तो उनके होश उड़ गए. वहां मौजूद लोगों ने परिजनों को बड़ी मुश्किल से संभालते हुए ढांढस बंधाने की कोशिश की.
फर्स्ट इंडिया के लिए चूरू से संजय प्रजापत कि रिपोर्ट

और पढ़ें