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मुफ्त के वाई-फाई का पता लगाना हुआ आसान, इन ऐप्स की मदद से चलेगा पता

मुफ्त के वाई-फाई का पता लगाना हुआ आसान, इन ऐप्स की मदद से चलेगा पता

जयपुर: आज के डिजिटल दौर में इंटरनेट पैक की दरें किफायती हो गई हैं. लेकिन अधिकतर लोग आज भी मुफ्त में इंटरनेट इस्तेमाल करने के तरीके खोजते रहते हैं. फिर बात मुफ्त के वाई-फाई की क्यों न हो. वैसे तो हम सब जानते ही है. एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जैसी जगहों पर मुफ्त वाई-फाई की सेवाएं उपलब्ध हैं. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि लोग ऐसे स्थान पर पहुंच जाते हैं. जहां  नेटवर्क कम होता है, जिससे इंटरनेट की स्पीड कम हो जाती है. तो ऐसे में वाई-फाई की जरूरत पड़ती है. तो इस स्थिति से बचाने के लिए हम आपको ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं, जिससे आप आसानी से फ्री वाई-फाई का पता लगा सकेंगे. 

इंस्टाब्रिज ऐप: 
इस ऐप मदद से आप पब्लिक वाई-फाई से जुड़ सकते हैं. इस ऐप की खासियत यह है कि यह सबसे फास्ट नेटवर्क से कनेक्ट करता है. इसके अलावा अगर नेटवर्क नहीं मिलता है तो यह ऐप ऑटो मोबाइल नेटवर्क पर आ जाता है ताकि कनेक्टिविटी बनी रहे. 

फेसबुक: 
आप फेसबुक ऐप के माध्यम से भी फ्री वाई का पता लगा सकते हैं. इसके लिए फेसबुक ऐप के राइट साइड में दिख रहे तीन डॉट पर क्लिक करें. अब नीचे स्क्रॉल करने पर फाइंड Wi-Fi का ऑप्शन दिखेगा. उस पर क्लिक करने पर आपको फ्री वाई-फाई की पूरी लिस्ट दिख जाएगी. 

वेफी: 
इस ऐप के माध्यम से आपके आसपास मौजूद फ्री वाई-फाई का पता लगता है. इसकी सबसे खास बात यह है कि अगर यह ऐप आपके फोन में है तो आपका फोन खुद ही फ्री वाई-फाई से कनेक्ट हो जाएगा. इसके लिए आपको सर्च करने की जरूरत नहीं है. इसे आप प्ले-स्टोर से फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं. 

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धौलपुर: जिले के बसई डांग थाना इलाके के एक गांव में महिलाओं पर ज्यादती करने के आरोप में अजमेर जेल में बंद जगन गुर्जर के परिजन आज जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां जिला कलेक्टर से जगन को अजमेर जेल से धौलपुर जेल या किसी अन्य जेल में शिफ्ट करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है. जिला कलेक्टर राकेश जायसवाल को सौंपे गए ज्ञापन में जगन गुर्जर के पुत्र आसाराम ने आरोप लगाया है कि उसके पिता को धौलपुर जेल प्रशासन ने मिलीभगत कर अजमेर जेल में शिफ्ट करा दिया था. जहां कुछ दिनों तक आरोपी से जेल प्रबंधन का व्यवहार सही रहा लेकिन बीते कुछ दिनों से जगन गुर्जर को जेल प्रशासन की ओर से लगातार परेशान किया जा रहा है.

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इस मामले को लेकर पूर्व में भी जगन गुर्जर की पत्नी कोमेश भी जिला कलेक्टर को प्रार्थना पत्र सौंप चुकी है जिस पर कोई सुनवाई नहीं हुई और लगातार अजमेर जेल में जगन को परेशान करने का सिलसिला जारी है. परिजनों का आरोप है कि आज उन्हें जानकारी मिली है कि जगन गुर्जर अजमेर जेल में भूख हड़ताल पर है और खाशा परेशान भी है. कलेक्ट्रेट पहुंचे जगन गुर्जर के परिवार ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द जगन को अजमेर जेल से धौलपुर जेल में शिफ्ट करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है. 

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पाली: पाली एसीबी ने बर डिस्कॉम के एईएन ऑफिस में कार्यवाही करते हुए तकनीकी सहायक दिलीप धाकड़ को 2000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. मामले की जानकारी देते हुये एडिनशल एसपी कैलाश जुगावत ने बताया कि बर के परिवादी एक किसान ने अपने खेत पर बिजली कनेक्शन के लिए डिस्कॉम में आवेदन कर रखा था. कोसां ने कनेक्शन को सारी औपचारिकता पूरी कर ली बस ट्रांस्फोर्मर लगाना बाकी रहा. इसके लिए एईएन ऑफिस में तकनीकी सहायक स्टोर कीपर दिलीप धाकड़ से मिला तब उसने ट्रांसफोर्मर लगाने को एवज में 4500 हजार रुपये मांगे. 

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इसको लेकर परिवार ने 2000 रुपये पहल दिये और बाकी आज देने को बात की. जिसकी शिकायत परिवादी ने एसीबी मेंकी ओर सत्यापन के समय परिवादी ने शेष ढाई हजार की जगह दो हजार देने की बात की जिस पर तकनीकी सहायक राजी हो गया. आज जब परिवादी एईएन ऑफिस पुहंचा और शेष दो हजार देने गया तब एसीबी टिम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया और ओर ऑफिस को अपने कब्जे में कर कार्यवाही कर जांच शुरू कर दी. 
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अहमदाबाद: राज्यसभा चुनाव से पहले गुजरात में कांग्रेस पार्टी के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है. पिछले तीन दिनों में पार्टी के 3 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं. ऐसे में अब तक 8 कांग्रेस विधायक हाथ का साथ छोड़ चुके हैं. फिलहाल इस्तीफा देने वाले विधायक मोरबी से ब्रिजेश मेरजा हैं. इससे पहले अक्षय पटेल और जीतू चौधरी भी पार्टी का साथ छोड़ा है. 

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भाजपा कोरोना से ज्यादा राज्यसभा चुनावों पर ध्यान दे रही:
विधायकों के इस्तीफे पर कांग्रेस पार्टी भाजपा को जिम्मेदार ठहरा रह है. पार्टी के अनुसार भाजपा इस समय कोरोना से ज्यादा राज्यसभा चुनावों पर ध्यान दे रही हैं और विधायकों की खरीद फरोख्त में लगी हुई है. 

चुनाव के ऐलान के बाद कांग्रेस के पांच विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था:
इससे पहले राज्यसभा चुनाव के ऐलान के बाद कांग्रेस के पांच विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था. गढ्डा से प्रवीण मारू, लिंबडी से सोमा पटेल, अबडासा से प्रद्युम्न सिंह जडेजा, धारी से जेवी काकड़िया और डांग से मंगल गावित ने अपना इस्तीफा दिया था. वहीं, कल यानी गुरुवार को जिन दो विधायकों ने इस्तीफा दिया, वे अक्षय पटेल और जीतू चौधरी थे.

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गुजरात में कांग्रेस विधायकों की संख्या अब 66:
बता दें कि गुजरात में कांग्रेस विधायकों की संख्या अब 66 रह गई है. कांग्रेस का आरोप है कि यह पूरा खेल राज्य में आने वाली 4 राज्यसभा सीटे को लेकर खेला जा रहा है. जिसमें अब कांग्रेस का पलटा काफी हल्का नजर आ रहा है. 
 

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जयपुर: राजस्थान में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होता ही जा रहा है. प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या दस हजार के करीब पहुंच गई है. पिछले 12 घंटे में प्रदेश में 68 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं. इसमें झालावाड़ में सर्वाधिक 23 मरीज मिले हैं. इसके अलावा बारां में 4, भरतपुर में 20, जयपुर में 16, कोटा में 2, सवाईमाधोपुर में 1 केस और अन्य राज्य से 2 मरीज आये पॉजिटिव चिन्हित किए गए हैं. ऐसे में अब प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों का ग्राफ बढ़कर 9930 पहुंच गया है. वहीं कोरोना से मरने वालों की संख्या 213 हो गई है. 

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राजस्थान में कुल रिकवर मरीज 7162:
वहीं दूसरी ओर राहत वाली खबर यह है कि प्रदेश में अब तक कुल 7162 मरीज रिकवर हुए हैं. ऐसे में अब एक्टिव केसों की संख्या 2555 पहुंच गई है. इसके साथ ही राजस्थान में कुल प्रवासी पॉजिटिव मरीजों की संख्या 2859 है. 

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गुरुवार को 210 नए पॉजिटिव केस सामने आये:
इससे पहले गुरुवार को प्रदेश में 4 मरीजों की मौत हो गई. जबकि 210 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. जयपुर, भरतपुर, सवाई माधोपुर और एक अन्य राज्य के मरीज की मौत हो गई. सर्वाधिक 49 केस अकेले भरतपुर में सामने आये है. अजमेर 6, बारां 8, बाड़मेर 3, भीलवाड़ा 5 पॉजिटिव, बीकानेर 1, बूंदी 2, चित्तौड़गढ़ 8, चूरू 25, जयपुर 12 पॉजिटिव, जालोर 6, झुंझुनूं 6, जोधपुर 29, करौली एक, कोटा 7 पॉजिटिव, नागौर 6, पाली 5, राजसमंद तीन, सवाई माधोपुर 1 पॉजिटिव, सीकर 12, सिरोही 2, उदयपुर में 8 और दूसरे राज्य के 5 पॉजिटिव सामने आये है. 


 

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प्रतापगढ़(यूपी): उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में आज सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया. हादसे में एक ही परिवार के नौ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों में चार पुरुष, तीन महिलाएं, एक बच्चा और किशोरी शामिल है. जबकि एक व्यक्ति गंभीर रुप से घायल है, जिसे लखनऊ के लिए रेफर किया गया है. मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. 

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सीधी भिड़ंत में स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए:  
घटना आज सुबह करीब साढ़े पांच बजे की है जब नवाबगंज थाना क्षेत्र के वाजिदपुर में ट्रक और स्कॉर्पियो की सीधी भिड़ंत में स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार नौ लोगों की मौत हो गई. हादसा इतना भीषण था कि कार को गैस कटर से काटकर मृतकों के शव निकाले गए. 

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बेटी की सगाई के लिए लौट रहे थे घर: 
जानकारी के मुताबिक ये सभी स्कॉर्पियो से हरियाणा से बिहार जा रहे थे. मृतकों में अभी तक दो शवों की पहचान हो पाई है. इसमें बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के गोसाईगंज के रहने वाले नंदलाल (45) व उनकी पत्नी मीना देवी (38) थे. यह दोनों अपनी बेटी की सगाई के लिए गांव जा रहे थे. कहा जा रहा है कि प्रतापगढ़ के नबाबगंज के वाजिदपुर गांव के पास हाईवे पर बारिश के चलते कंटेनर ट्रक और स्कार्पियो कार में आमने-सामने टक्कर हो गई, जिससे ये हादसा हुआ है.


 

रेप पीड़िता के पिता ने बेटी द्वारा चार लोगों पर दर्ज करवाए मामले को बताया झूठा और षड्यंत्रकारी

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सरदारशहर(चूरू): भानीपुरा थाने में दर्ज चार जनों के खिलाफ दुष्कर्म के मामले में जैतसीसर निवासी पड़िता के पिता एवं परिवार के सदस्यों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले को झूठा करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने लिखा कि पुत्री की शादी 18 जून 2017 को राजासर चोडिया में की गई थी. जिसका 15 मार्च 2020 को सामाजिक पंचायती से तलाक हो गया. 

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रिश्ते में भाणजा रखता था बुरी नजर: 
इसके बाद पुत्री की शादी मोदूनगर कर दी गई. विवाह के पश्चात उसकी पुत्री अपने ससूराल मोदूनगर रहने लगी. इस दौरान पाण्डुसर निवासी उसके रिश्ते के भाणजा अशोक कुमार उसकी पुत्री पर बुरी नजर रखने लगा. इस पर अशोक को समझाइस की गई कि यह सामाजिक एवं पारिवारिक रूप से निदंनीय कर्म है. लेकिन अशोक कुमार  उसकी पुत्री को बहला फुसलाकर उसके पति के घर से भगाकर ले गया. जबकि पूर्व सरपंच श्यामलाल शर्मा व अन्य के खिलाफ दर्ज किया गया दुष्कर्म का मामला झूठा है. यह सब अशोक की ओर से किया गया है. 

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राजनीतिक द्वेषता बताया कारण:
इसके साथ एफआईआर में आरोप लगाया गया कि 15 मार्च 2020 को वह उसके परिवार के सदस्य के साथ पुत्री को संगम होटल ले गए थे. यह सरासर गलत है. इस प्रकरण में पूर्व सरपंच श्यामलाल शर्मा को कोई लेना देना नहीं है. उसे बदनाम करने के लिए राजनीतिक द्वेषता से फंसाया जा रहा है. इस मामले की जांच निष्पक्ष उच्च अधिकारी से करवाई जाए. ताकि कोई झूठे मामले में न फंसे. ज्ञापन में पिता दौलाराम, परिवार के मनसाराम, मांगीलाल आदि ने हस्ताक्षर किए. 

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जयपुर: प्रदेश में जब से लॉकडाउन लागू हुआ है तब से अब तक प्रदेश के शहरी निकाय कोरोना वायरस के संग्रमण से बचाव के लिए सोडियम हाइपो क्लाराईट का छिड़काव कर रहे हैं. वहीं शहरों की स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट्स भी वितरित कर रहे हैं. 

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प्रदेश भर में जब मार्च के अंतिम सप्ताह में लॉक डाउन लागू किया गया था. तब प्रदेश के नगर निगम नगर परिषद और नगर पालिकाओं के कर्मचारियों को अलग रखा गया था. ये कर्मचारी तब से लॉकडाउन में भी काम कर रहे थे. स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने निर्देश दिए थे कि सभी शहरी इलाकों में सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव किया जाए. इस काम को प्राथमिकता से किया जाए. इसके अलावा गरीब मजदूर और जरूरतमंद परिवारों को भोजन के पैकेट उपलब्ध कराने की भी अहम जिम्मेदारी दी गई थी. शहरी निकायों को सौंपे इन दो प्रमुख कार्यों की स्वायत शासन विभाग के स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है अब तक सभी शहरों में 42 लाख 35 हजार 204 लीटर सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव किया जा चुका है इसी तरह निकायों ने स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से 3 करोड़ 62 लाख 98 हजार 984 भोजन के पैकेट का अब तक वितरण किया है. आपको सब से पहले बताते हैं कि किस संभाग के निकायों ने कितना काम किया है. 

- अजमेर संभाग के निकायों ने 2 लाख 27 हजार 205 लीटर रसायन का छिड़काव किया वहीं 31 लाख 23 हजार 354 फूड पैकेट्स का वितरण किया गया. 

- भरतपुर संभाग के निकायों ने 1 लाख 74 हजार 476 लीटर रसायन का छिड़काव किया वहीं 6 लाख 5 हजार 342 फूट पैकेट्स का वितरण किया गया. 

- बीकानेर संभाग के निकायों ने 1 लाख 24 हजार लीटर रसायन का छिड़काव किया वहीं 43 लाख 84 हजार 33 फूड पैकेट्स का वितरण किया गया. 

- जयपुर संभाग के निकायों ने 5 लाख 22 हजार 745 लीटर रसायन का छिड़काव किया वहीं 1 करोड़ 88 लाख 68 हजार 889 फूड पैकेट्स का वितरण किया गया. 

- जोधपुर संभाग के निकायों ने 1 लाख 71 हजार 691 लीटर रसायन का छिड़काव किया वहीं 31 लाख 66 हजार 871 फूड पैकेट्स का वितरण किया गया. 

- कोटा संभाग के निकायों ने 28 लाख 93 हजार 506 लीटर रसायन का छिड़काव किया वहीं 38 लाख 1 हजार 174 फूड पैकेट्स का वितरण किया गया. 

- उदयपुर संभाग के निकायों ने 1 लाख 21 हजार 524 लीटर रसायन का छिड़ाव किया वहीं 8 लाख 38 हजार 375 फूड पैकेट्स का वितरण किया गया. 

संभागवार निकाय की ओर से किए काम का आकलन करे तो रसायन छिड़काव के मामले में पहले स्थान पर कोटा, दूसरे पर जयपुर, तीसरे पर अजमेर,  चौथे पर भरतपुर, पांचवे पर जोधपुर, छठे पर बीकानेर और आखिरी नम्बर पर उदयपुर संभाग है. जबकि फूड पैकेट्स वितरण को देखें तो पहले स्थान पर जयपुर संभाग, दूसरे स्थान पर बीकानेर, तीसरे स्थान पर कोटा, चौथे स्थान पर जोधपुर, पांचवे स्थान पर अजमेर, छठे स्थान पर उदयपुर और सबसे आखिरी स्थान पर भरतपुर है. इन आकड़ों की दो महीने पहले के आकड़ों से तुलना की जाए तो कोटा संभाग ने रसायन छिड़काव के मामले में जयपुर को पीछे छोड़ दिया है. अजमेर संभाग अपने तीसरे स्थान पर कायम है. दो महीने पहले छठे स्थान पर रहने वाला भरतपुर संभाग अब चौथे स्थान पर आ गया है. जबकि जोधपुर संभाग चौथे से पांचवे स्थान पर फिसल गया है. जबकि उदयपुर संभाग इस मामले में दो महीने पहले की तरह अब भी सबसे फिसड्डी ही है. इसी प्रकार जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट़्स बांटने के मामले में जयपुर पहले स्थान पर बना हुआ है. अब आपको बताते हैं शहर के सात बड़े निकायों की इस लिहाज से स्थिति क्या है...

- जयपुर नगर निगम ने 1 लाख 4 हजार 991 लीटर रसायन का छिड़काव किया और 1 करोड़ 56 लाख 95 हजार 806 फूड पैकेट्स का वितरण किया 1

- अजमेर नगर निगम ने 10 हजार 254 लीटर रसायन का छिड़काव किया और 13 लाख 61 हजार 949 फूड पैकेट्स बांटे  5

- भरतपुर नगर निगम ने 4 हजार 62  लीटर रसायन का छिड़काव किया वहीं 1 लाख 11 हजार 892 फूड पैकेट्स बांटे 7

- उदयपुर नगर निगम ने 36 हजार 120 लीटर रसायन का छिड़काव किया और 10 लाख 39 हजार 339 फूड पैकेट्स बांटे 6

- कोटा नगर निगम ने 28 लाख 14 हजार 510 लीटर रसायन का छिड़काव किया वहीं 29 लाख 22 हजार 93 फूड पैकेट्स बांटे 2

- बीकानेर नगर निगम ने 48 सौ लीटर रसायन का छिड़काव किया वहीं 22 लाख 55 हजार 719 फूड पैकेट्स बांटे 3

- जोधपुर नगर निगम ने 15 हजार 918 लीटर रसायन का छिड़काव किया और 18 लाख 70 हजार 424 फूड पैकेट्स बांटे  4

VIDEO: कोरोना उपचार में राजधानी के चिकित्सकों ने किया कमाल, होम्योपैथी पद्धति से 44 कोरोना मरीजों को किया गया ठीक 

दो महीने पहले की स्थिति से तुलना करें तो रसायन छिड़काव के मामले में कोटा नगर निगम पहले स्थान पर ही बना हुआ है. पहले की ही तरह जयपुर भले ही दूसरे नम्बर पर है लेकिन अब भी कोटा नगर निगम से इस मामले में काफी पीछे है. जोधपुर नगर निगम तीसरे से चौथे नंबर पर और अजमेर नगर निगम पहले की तरह ही पांचवे नम्बर पर बना हुआ है. भरतपुर नगर निगम चौथे स्थान से सीधे आखिरी पायदान पर पहुंच गया. जबकि उदयपुर नगर निगम मामले में प्रगति करते हुआ छठे स्थान से तीसरे स्थान पर आ गया है. जबकि भोजन पैकेट्स की वितरण का काम देखें तो जयपुर नगर निगम इस काम पहले की तरह ही अव्वल है. अजमेर नगर निगम दूसरे से पांचवे स्थान पर कोटा नगर निगम तीसरे से दूसरे स्थान पर और बीकानेर नगर निगम पांचवे से तीसरे स्थान पर आ गया है. उदयपुर नगर निगम और भरतपुर नगर निगम अब भी पहले की तरह सबसे पीछे छठे और सातवें स्थान पर बने हुए हैं. 

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जयपुर: राजधानी जयपुर के होम्योपैथी चिकित्सकों ने वैश्विक बीमारी कोरोना का सटीक ट्रीटमेंट खोजने का दावा किया है. होम्योपैथी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर डॉ अजय यादव ने सवाई मानसिंह अस्पताल और महिला चिकित्सालय में भर्ती 80 कोविड मरीजों पर न सिर्फ अध्ययन किया, बल्कि उनमें से 44 मरीजों को ब्रोमियन और क्लोरम दवा के काम्बिनेशन से ठीक भी किया.

World Environment Day:पर्यावरण संरक्षण की 'फैक्ट्री' है नागौर जिले का रोटू गांव, गांव में खुलेआम विचरण करते है चिंकारा और कृष्ण मृग 

कई ऐसे कोरोना मरीज पूरी तरह ठीक हो गए: 
कॉलेज शिक्षा आयुक्त प्रदीप बोरड की प्रेरणा से किए गए शोध में खास बात ये रही कि कई ऐसे कोरोना मरीज पूरी तरह ठीक हो गए, जो न्यूरो की प्राब्लम से भी ग्रसित थे. बोरड और डॉ यादव ने अपने शोध को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की और उनसे शोध को लेकर लिखी पुस्तक "मिस्ट्री ऑफ कोरोना" का विमोचन भी करवाया. इस दौरान डॉ यादव और बोरड से खास बातचीत की फर्स्ट इंडिया संवाददाता विकास शर्मा ने...


 

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