हैदराबाद युद्ध की प्रकृति में मूलभूत परिवर्तन हो रहे, भारत के सुरक्षा परिदृश्य में बहुआयामी खतरे एवं चुनौतियां शामिल - वायुसेना प्रमुख

युद्ध की प्रकृति में मूलभूत परिवर्तन हो रहे, भारत के सुरक्षा परिदृश्य में बहुआयामी खतरे एवं चुनौतियां शामिल - वायुसेना प्रमुख

युद्ध की प्रकृति में मूलभूत परिवर्तन हो रहे, भारत के सुरक्षा परिदृश्य में बहुआयामी खतरे एवं चुनौतियां शामिल - वायुसेना प्रमुख

हैदराबाद: एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने शनिवार को कहा कि युद्ध की प्रकृति में मूलभूत परिवर्तन हो रहे हैं और भारत के सुरक्षा परिदृश्य में बहुआयामी खतरे एवं चुनौतियां शामिल हैं, जिनके लिए कई क्षेत्रों में क्षमता निर्माण की आवश्यकता होगी.

चौधरी ने यहां के पास डुंडीगल में वायु सेना अकादमी में संयुक्त स्नातक परेड को संबोधित करते हुए कहा कि वायु सेना राफेल विमान, अपाचे हेलीकॉप्टर और व्यापक अत्याधुनिक प्रणालियों को शामिल करके एक अत्यधिक शक्तिशाली वायु सेना में बदल रही है.

उन्होंने कहा कि युद्ध की प्रकृति में मूलभूत बदलाव आ रहे हैं. पिछले कुछ वर्षों में नई प्रौद्योगिकी और मौलिक रूप से नए सिद्धांत सामने आए हैं. भारत के सुरक्षा परिदृश्य में बहुआयामी खतरे और चुनौतियां शामिल हैं. इनसे निपटने के लिए हमें कई क्षेत्रों में क्षमताओं की आवश्यकता होगी और हमें हमारे सभी अभियानों को एक साथ और कम समय में पूरा करना होगा.

कई कार्यक्रमों को आयोजित नहीं करने का फैसला किया गया: 
चौधरी ने तमिलनाडु में एक हेलीकॉप्टर हादसे में भारत के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और सशस्त्र बल के 12 अन्य अधिकारियों के असमय निधन पर शोक जताते हुए कहा कि इस दुर्घटना के मद्देनजर परेड के दौरान कई कार्यक्रमों को आयोजित नहीं करने का फैसला किया गया. सोर्स- भाषा 

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