शहीद दीपचंद को दी गई अंतिम विदाई, पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार 

सीकर: जम्मू कश्मीर के बारामूला के सोपोर में आतंकवादियों की मुठभेड़ में शहीद हुए दीपचंद वर्मा को गुरुवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई. इस अंतिम विदाई में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधि एवं हजारों ग्रामीणों ने अपने लाडले को श्रद्धांजलि दी. इस अवसर पर शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा शहीद के परिवार के बच्चों की शिक्षा निशुल्क होगी और इसी के साथ गांव में स्थित सीनियर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का नाम सहित दीपचंद के नाम से होगा.

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कभी नहीं भुलाई जा सकती लाडले की शहादत: 
खंडेला के विधायक महादेव सिंह खंडेला ने कहा कि वे बनने वाले शहीद स्मारक का पैसा विधायक कोटे से खर्च करेंगे और हम स्मारक अपनी तरफ से तैयार करेंगे. शहीद स्मारक के लिए जल्द से जल्द जमीन का चयन होगा. तो वहीं सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने कहा कि देश के लाडले ने जो शहादत दी है वह कभी नहीं भुलाई जा सकती है. सीकर जिले में गुरुवार को 219 वें लाडले ने देश की रक्षा करते करते अपने प्राण न्योछावर किए हैं. वहीं शेखावाटी के सैंकडों युवाओं ने देश रक्षा करते करते अपने प्राणों को हंसते-हंसते न्यौछावर किए हैं. उन शहीदों को सांसद ने सलाम करते हुए कहा कि निश्चित रूप से इन्हीं शहीदों की वजह से आज अपना देश सुरक्षित है.

नम आंखों से दी गई अं​तिम विदाई:
उन्होंने कहा कि जल्द ही राज्य और केंद्र सरकार से मिलने वाली आर्थिक पैकेज की सहायता राशि परिवार को मुहैया कराई जाएगी. शहीद के परिवार में एक बेटी और दो बेटे है. शहीद का परिवार अजमेर में सेना के क्वार्टर में रहता था. बुधवार को आतंकवादियों की मुठभेड़ में बावड़ी गांव का दीपचंद शहीद हो गया था. इससे पूर्व शहीद की अंतिम यात्रा रींगस से तिरंगा यात्रा निकाली गई और तिरंगा यात्रा में हजारों युवाओं ने देशभक्ति नारे लगाए तिरंगा यात्रा के रूप में शहीद का पार्थिक देह उनके पैतृक गांव पहुंचा. जहां उन्हें आज नम आंखों से विदाई दी गई. 

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