डूंगरपुर में लगातार चल रहा उग्र आंदोलन, लोगों ने कई गाड़िया फूंकी, प्रशासन ने इंटरनेट सेवा पर लगाई रोक

डूंगरपुर में लगातार चल रहा उग्र आंदोलन, लोगों ने कई गाड़िया फूंकी, प्रशासन ने इंटरनेट सेवा पर लगाई रोक

डूंगरपुर में लगातार चल रहा उग्र आंदोलन, लोगों ने कई गाड़िया फूंकी, प्रशासन ने इंटरनेट सेवा पर लगाई रोक

डूंगरपुर: जिले के भुवाली के पास एनएच 8 पर अभी तनावपूर्ण हालात बने हुए है. पुलिस और उपद्रवी एक बार फिर आमने-सामने हुए हैं. इस दौरान पुलिस और उपद्रवियों के बीच लाठी-भाटा जंग भी हुई. पुलिस रबड बुलैट तथा आंसूगैस के गोल दागकर उन्हें खदेड़ने का प्रयास कर रही है लेकिन प्रदर्शनकारियों ने कांकरी डूंगरी पहाड़ी के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग आठ के लगभग आठ किलोमीटर पर कब्जा जमाए हुए हैं.

आंदोलनकारियों ने सात ट्रकों को आग लगा दी:
उग्र आंदोलनकारियों ने सात ट्रकों को आग लगा दी तथा सामान लूट लिया. उग्र आंदोलन की वजह से पुलिस को पीछा लौटना पड़ा है. डूंगरपुर जिले के अलावा उदयपुर तथा आसपास जिलों से सशस्त्र पुलिस बल मौके पर बना हुआ है. घटना स्थल पर डूंगरपुर के पुलिस अधीक्षक भी बने हुए हैं. 

उपद्रवियों ने भुवाली पेट्रोल पंप में लूटपाट की: 
वहीं मामले को बढ़ता देख प्रशासन ने इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई है. उपद्रवियों ने भुवाली पेट्रोल पंप में लूटपाट की है. इसके साथ ही पेट्रोल पंप के बाहर आग लगाने की घटना को भी अंजाम दिया गया है. उधर, जनप्रतिनिधियों का एक मंडल मोतली मोड़ पहुंचा है. पूर्व विधायक देवेंद्र कटारा के नेतृत्व में 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मोतली मोड़ से पैदल-पैदल उपद्रवियों की ओर रवाना हुआ है. प्रतिनिधिमंडल उपद्रवियों को समझाने का प्रयास करेंगे. 

आईजी विनीता ठाकुर ने संभाला मोर्चा:
मालले को बढ़ता देख आईजी विनीता ठाकुर ने भी मोर्चा संभाल लिया है. इसी के चलते दो थानाधिकारियों के लीड करने के निर्देश दिए है. शेष पुलिस जाब्ता मोतली मोड़ पर तैनात रहेगा. मोतली मोड़ की टीम बैकअप के लिए मूव करेगी. वहीं खैरवाड़ा में घुसने की कोशिश ने पुलिस ने नाकाम किया है. शुक्रवार को लगभग सौ से अधिक जवानों को पथराव के चलते छोटी-मोटी चोटें आ चुकी हैं.

बीस घंटे से हाईवे जाम:
आंदोलनकारियों के चलते उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे बीस घंटे से बाधित है. उदयपुर से जाने वाले वाहनों को खेरवाड़ा होकर गुजरात भेजने के प्रयास भी निष्फल हो चुके हैं. 

यह है आंदोलनकारियों की मांग:
आंदोलनकारियों की मांग है कि जनजाति क्षेत्र में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के रिक्त सामान्य वर्ग के 1167 पदों पर जनजाति अभ्यर्थियों से भरने की है. यह मुद्दा हाईकोर्ट में भी उठाया गया और हाईकोर्ट ने उनकी याचिका रद्द कर दी थी. 

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