GST Council meeting : लोकसभा चुनावों से पहले सरकार का 'मास्टरस्ट्रोक'

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/10 05:59

नई दिल्ली। केंद्र सरकार लोकसभा चुनावों से पहले मतदाताओं को हर तरह से लुभाने की कोशिश में जुटी है इसी जद्दोदहद में वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुआई में आज जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई। इस बैठक में काउंसिल की ओर से छोटे और मीडियम कारोबारियों को राहत दी गई है। सरकार ने कंपोजीशन स्कीम का दायरा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपए कर दिया है। साथ ही थ्रेसहोल्ड लिमिट 20 से बढ़ाकर 40 लाख रुपए कर दी है। कंपोजीशन स्कीम के दायरे में आने वाले कारोबारी तिमाही की बजाय, सालाना आधार पर रिटर्न फाइल कर सकेंगे।

दरअसल, अब 40 लाख रुपए तक टर्नओवर करने वाले कारोबारी को GST रजिस्ट्रेशन की जरुरत नहीं होगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि GST थ्रेशहोल्ड की लिमिट 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 40 लाख रुपए कर दी है। इससे छोटे और मंझोले कारोबारियों को फायदा मिलेगा साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

हालांकि, जीएसटी काउंसिल की बैठक में अंडर कंस्ट्रशन घरों पर GST घटाने पर सहमति नहीं बनी। अब इस मामले को ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स को भेजा जाएगा. अगर ये GoM, GST करने का सुझाव देता है तभी अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर टैक्स कम किया जाएगा।

इसके अलावा सरकार ने कंपोजिशन स्कीम का दायरा बढ़ा दिया है। इससे बार-बार जीएसटी रिटर्न फाइल करने वाले व्यापारियों को राहत मिलेगी। अब एक करोड़ रुपए की बजाय 1.5 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाले स्मॉल ट्रेडर्स और मैन्युफैक्चरर भी कंपोजीशन स्कीम के दायरे में आएंगे। नया नियम 1 अप्रैल, 2019 से लागू किया जाएगा। इतना ही नहीं, कंपोजीशन स्कीम का फायदा सर्विस सेक्टर को भी मिलेगा। अब छोटे कारोबारियों को 6 परसेंट फ्लैट GST देना होगा। इसके अलावा कंपोजीशन स्कीम के दायरे में आने वाले कारोबारी तिमाही की बजाय, सालाना आधार पर रिटर्न फाइल कर सकेंगे।

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