VIDEO: राजस्थान को रास आया GST कानून, मंदी के बावजूद तेजी से बढ़ रहे लक्ष्य की ओर कदम

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/03/23 12:38

जयपुर। देश में GST कानून की शुरुआत के समय अनेक राज्यों ने राजस्व में कमी की आशंका जताई थी, लेकिन राजस्व वसूली के जो आंकड़े सामने आएं है, वे इस आशंका को केवल खयाली पुलाव करार देते हैं। राजस्थान की बात करें तो सरकारी खजाने में राजस्व का प्रवाह बढ़ा है। 

राजस्थान के सरकारी खजाने को GST कानून रास आ रहा है। राज्य सरकार ने वाणिज्य कर विभाग को वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 40044.34 करोड़ रुपए के राजस्व वसूली का संशोधित बजट अनुमान दिया है। फरवरी 2019 के राजस्व आंकड़ों के अनुसार राज्य के वाणिज्य कर विभाग ने इस लक्ष्य का पीछा करते हुए 34310.63 करोड़ रुपए का राजस्व वसूल भी कर लिया। हालांकि यह कुल आवंटित बजट लक्ष्य का 85.68% ही है, लेकिन मार्च में प्राप्त राजस्व की राशि इसमें जोड़े जाने के बाद उम्मीद यहीं है कि व्यापार में चल रही भारी मंदी के बावजूद वाणिज्य कर विभाग अपना लक्ष्य हांसिल करने में सफल हो जाएगा।  

यह रहे इस साल राजस्थान वाणिज्य कर विभाग के राजस्व लक्ष्य
कुल राजस्व         : 40044.34 करोड़ रुपए
वैट (CST सहित ) : 16500 करोड़ रुपए
GST                   :  23500 करोड़ रुपए
अन्य कर              :  44.34 करोड़ रुपए
( अन्य कर में प्रवेश कर, लग्जरी कर व मनोरंजन कर शामिल है )

कर के रूप में राज्य के खजाने में होने वाली वृद्धि का एक बड़ा कारण राजस्थान का उपभोक्ता प्रांत होना है। चूंकि राज्य में होने वाले कुल GST भुगतान का 50 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार को ऑटोमेटिक SGST के रूप में आ जाता है, इससे राज्य के SGST के रूप में प्राप्त राजस्व में बढ़ोतरी नजर आ रही है। GST विशेषज्ञों का कहना है कि GST में राजस्व में धीरे-धीरे बढ़ोतरी की अपेक्षा थी। राजस्व आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएं तो यह अपेक्षा अब पूरी होती नजर आ रही है । राज्य में GST के कारण अब सरकार को सेवाकर में भी हिस्सेदारी मिल रही है, जो GST लागू होने से पूर्व नहीं थी। इसका सकारात्मक असर भी सरकारी खजाने पर पड़ रहा है ।  

फरवरी 2019 तक GST कानून लागू होने के बाद आया राज्य में राजस्व
वैट (CST सहित )           : 13667.41 करोड़ रुपए
प्रवेश कर                        : 44.56 करोड़ रुपए  
मनोरंजन कर                  : 3.73 करोड़ रुपए    
विलासिता कर                  : 0.74 करोड़ रुपए    
SGST                             : 9538.12 करोड़ रुपए
IGST हिस्सा                     :  8696.16 करोड़ रुपए  
IGST अग्रिम समायोजन      :  2359.91 करोड़ रुपए    
कुल प्राप्त राजस्व                         : 34310.63 करोड़ रुपए  

राज्य में जो राजस्व बढ़ोतरी विभाग को अब तक हांसिल हुई है, उसमें आने वाले समय में और बढ़ोतरी होगी, यह निश्चित है... इसके लिए जरूरी यह है कि GST चोरी की लगाम के लिए सरकारी एजेंसियां और सक्रियता दिखाए। राज्य में यह माहौल बनें कि ईमानदार करदाता को कोई डर नहीं होगा। पर यदि कोई कर चोरी का प्रयास करेगा तो वह सरकार की नजर से बचा नहीं रह सकेगा। 

रिपोर्ट ..... विमल कोठारी, फर्स्ट इण्डिया न्यूज, जयपुर

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