GST रिटर्न जमा कराने की अंतिम तिथि 30 जून, परेशान हुए करदाता

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/05/25 01:06

जयपुर: GST कानून में जमा कराई जाने वाली पहली वार्षिक रिटर्न करदाताओं के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है. GST रिटर्न जमा कराने की अंतिम तिथि हालांकि आगामी 30 जून है, लेकिन समय पर रिटर्न जमा कराने वाले करदाताओं के लिए रिटर्न जमा कराना एक चुनौति बना हुआ है. दिक्कत यह है कि रिटर्न में दी जाने वाली सूचनाओं को लेकर न केवल करदाता, बल्कि कर सलाहकार भी भ्रमित है. देखिए GST रिटर्न को लेकर हो रही परेशानियों का विश्लेषण करती फर्स्ट इण्डिया न्यूज की यह एक्सक्लूसिव खबर ..... 

रिटर्न भरने से लेकर अपलोड करने में आ रही समस्याएं
एक जुलाई 2017 से देश में लागू हुए GST कानून की पहली वार्षिक रिटर्न करदाताओं को 31 दिसम्बर 2018 तक जमा कराने की अंतिम तिथि थी. चूंकि GST कानून वित्तीय वर्ष 2017-18 की एक तिमाही निकलने के बाद देश में लागू हुआ अत: इसकी वार्षिक रिटर्न में केवल 9 माह की समयावधि के कारोबार को समाहित करना था. लेकिन 12 पेज के GST रिटर्न में पोर्टल पर जो सूचनाएं उपलब्ध करानी है, वे इतनी जटिल है कि करदाता को समझ ही नहीं आ रहा कि वे खरीद के फार्म संख्या GST-2 में पूर्व में दी गई सूचनाओं का मिलान कैसे कराएं. 
समस्या यह भी है कि अंतिम तिथि निकलने पर रिटर्न जमा कराने की दशा में 200 रुपए प्रतिदिन का जुर्माना व कुल कारोबार का 0.5% की लेट फीस की करदाता पर मार भी पड़ेगी.

इन करदाताओं को भरनी है GST रिटर्न
सामान्य GST करदाता - GSTR-9
कम्पोजिशन योजना में शामिल GST करदाता - GSTR-9 A 
ई-कामर्स का कारोबार करने वाले GST करदाता, जिनका TDS भी लिया - GSTR-9 B  
सामान्य GST करदाता, जिनका वार्षिक कारोबार 2 करोड़ से अधिक रहा - GSTR-9 C  

करदाताओं ने कहा
करदाताओं का कहना है कि GST कानून की शुरुआत के बाद निर्धारित समयावधि में करदाताओं ने अपनी बिक्री की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए GSTR-1 जमा कराया था, इसी तरह माल की खरीद के लिए GSTR-2 जमा कराया जा चुका है. खास बात यह है कि एक करदाता की बिक्री दूसरे करदाता की खरीद है. ऐसे में बिक्री पर चुकाए गए GST का मिलान खरीददार की ओर से GST कानून में ली जाने वाली क्रेडिट से किया जाता है. जिसे GST कानून में इनपुट टैक्स क्रेडिट अर्थात ITC का नाम दिया गया है. 

सिस्टम अपलोड नहीं कर पा रहा वार्षिक रिटर्न
क्रेता-विक्रेताओं की सूचनाओं के मिलान पर ही खरीददार को चुकाए गए GST की ITC क्रेडिट का लाभ मिलता है. लेकिन किसी कारण से सूचनाओं के मिलान में कोई कठिनाई होती है तो GST का केन्द्रीयकृत पोर्टल ITC का लाभ नहीं देता. ऐसे में सबसे अधिक मुसीबत उन करदाताओं को हो रही है, जिन्हें ऑडिटेड रिपोर्ट के साथ अपनी GST रिटर्न अपडेट करनी है. 

पहली वार्षिक GST रिटर्न में ही परेशान हुए करदाता
वार्षिक GST रिटर्न की पहली दिक्कत यह है कि GSTR-1 से GSTR-9 अपडेट नहीं हो रहा. जिससे रिटर्न ही जमा नहीं हो पा रही. तुर्रा यह कि यदि वार्षिक रिटर्न में कोई गलती हो जाएं अथवा इसे रिवाइज करने की जरूरत हो तो भी फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है.  

बढ़ सकती है आयकर रिटर्न भरने की समयावधि
GST कानून में जमा होने वाली वार्षिक रिटर्न में आ रही समस्याओं को देखते हुए यह उम्मीद की जा सकती है कि सरकार इसकी अंतिम समय सीमा को संभवत: एक बार फिर बढ़ा दे, लेकिन समय सीमा का विस्तार इस समस्या का निदान नहीं है. सूत्रों का कहना है कि जरूरत इस बात की है कि GSTR 9 को लेकर आ रही समस्याओं को दूर करने का व्यवहारिक हल खोजा जाए.  

जयपुर से विमल कोठारी की रिपोर्ट

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