VIDEO: बजट के कण-कण में नजर आया गांधीवादी मूल्यों का समावेश 

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/11 05:39

जयपुर: देश में अशोक गहलोत ही एकमात्र ऐसे नेता है जिन्हें गांधीवादी मुख्यमंत्री के तौर पर जाना जाता है. उनकी सादा जीवन शैली इसका प्रमुख उदाहरण है. कल उनकी ओर से पेश किये गये बजट में अशोक गहलोत की गांधीवादी छवि साफतौर पर नजर आई. साथ ही नजर आई गांधी-नेहरु परिवार के प्रति उनकी आस्था. एक खास रिपोर्ट:

शांति-अहिंसा प्रकोष्ठ बनाने की घोषणा:
यह एक संयोग ही है कि राजस्थान की विधानसभा में ठीक बापू की तस्वीर के सामने जो बजट अशोक गहलोत ने प्रदेश की जनता को समर्पित किया, उसके कण-कण में गांधीवादी मूल्यों का समावेश नजर आया. पूरा देश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को मना रहा है. यही कारण है कि अशोक गहलोत ने गांधी के नाम पर कई घोषणाओं का ऐलान कर दिया. राजस्थान ऐसा पहले प्रदेश बना, जहां पर शांति-अहिंसा प्रकोष्ठ बनाने की घोषणा हुई. बापू का कई मर्तबा बजट में जिक्र हुआ.

महात्मा गांधी:
—चौथे पैरा में मोहन दास करमचंद गांधी का नाम, जिन्हें हम राष्ट्रपति के नाम से जानते है देश उनकी 150वीं जयंती मना रहा है
—चौथे पैरा में ही लिखा राष्ट्रपिता बापू के सिद्धांतो पर अमल करते हुये उनके सपनों को साकार करना ही सच्ची श्रद्धाजंलि होगी
—5वें पैरा में लिखा बापू की 150वीं जयंती के आयोजनों को चुनावी व्यस्तता के कारण पूरे देश में मनाने में कमी रही
—5वें पैरा में ही शांति एवं अहिंसा के लिये प्रकोष्ठ के गठन का ऐलान
—105वें पैरा में गांधी दर्शन का जिक्र, महात्मा गांधी संस्थान की स्थापना की बात, भव्य गांधी दर्शन म्यूजियम बनेगा
—गुजरात के साबरमती की छवि राजस्थान में दिखेगी
—191वें पैरा में महात्मा गांधी के सात मंत्र बताये जिन्हें सेवन सिन्स कहा जाता है
—192 वें पैरा में गांधी जी के आदर्शो को आत्मसात करने की बात
—220वें पैरा में महात्मा गांधी के नाम का जिक्र

गांधी-नेहरु परिवार के प्रति आस्था:
गहलोत की गांधी-नेहरु परिवार के प्रति आस्था है. पं जवाहर लाल नेहरु और इंदिरा गांधी-राजीव गांधी को लेकर बीजेपी के नेता हल्ला बोलते रहते है. गहलोत ने इन्हीं दिवंगत नेताओं के प्रति सम्मान प्रदर्शित करते हुये विपक्षी धार को कुंद करने का काम किया है. बच्चे पं नेहरु को चाचा नेहरु कहा करते है, लिहाजा बाल साहित्य अकादमी की घोषणा उन्हीं के नाम पर की गई. इंदिरा गांधी को महिला सशक्तीकरण का प्रतीक भी कहा गया है, उनके नाम महिला शक्ति निधी की घोषणा बड़ा कदम है. राजीव गांधी के नाम पर भी ऐलान किया गया. यूं कह सकते है कि कांग्रेस के आदर्श व्यक्तित्वों के प्रति बजट में ये आदरांजलि थी. 

पं जवाहर लाल नेहरु:
—पंडित जवाहर लाल नेहरु बाल साहित्य अकादमी की घोषणा

इंदिरा गांधी:
—120वें पैरा में प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी महिला शक्ति निधि की घोषणा
—पैरा 99 में घोषणा है कि इंदिरा प्रियदर्शिनी बेबीकिट उपलब्ध कराये जाएंगे

राजीव गांधी:
—105 वें पैरा में राजीव गांधी जल संचय योजना को लेकर ऐलान

बजट में गांधी-नेहरु वाद की झलक:
अशोक गहलोत उन कम राजनेताओं में शुमार है, जिन्होंने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी दोनों के प्रधानमंत्रीत्व काल में बतौर केन्द्रीय मंत्री कार्य किया. कांग्रेस के उन नेताओं में सदैव शुमार रहे जो गांधी-नेहरु की नीतियों को आगे बढ़ाने के लिये जाने जाते रहे हैं. राजस्थान का बजट गहलोत के गांधी-नेहरु वाद की झलक को सामने रखता है. गहलोत के विजन में गांधी-नेहरु सिद्धांत सदैव समाहित रहते हैं. राजस्थान का बजट राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रति आदरांजलि के समान है, जिनती 150वीं जयंती पूरा देश मना रहा है. 

... संवाददाता योगेश शर्मा की रिपोर्ट 

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