VIDEO: गहलोत सरकार की बड़ी सौगात, प्रदेश में बढ़ेगा नि:शुल्क जांच-दवा योजना का दायरा

Vikas Sharma Published Date 2019/05/28 08:41

जयपुर: देश-विदेश में राजस्थान का नाम रोशन करने वाली मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की निशुल्क दवा-जांच योजना का अब जल्द ही दायरा बढ़ने वाला है. अस्पतालों में भर्ती मरीजों को एक ओर जहां सीटी स्कैन जैसी महंगी जांच फ्री करने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर निशुल्क दवा योजना में कैंसर समेत कई गंभीर रोगों की दवाएं भी मरीजों को जल्द ही उपलब्ध होने लगेगी. आखिर क्या है गहलोत की चिकित्सा क्षेत्र को लेकर मंशा और मरीजों की सुविधाओं में क्या-क्या होगा इजाफा? फर्स्ट इंडिया की एक्सक्लुसिव रिपोर्ट: 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा है कि प्रदेश के हर तबके को अच्छी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो. गरीब हो या मध्यम वर्ग या फिर बुजुर्ग, हर किसी को चिकित्सा सुविधा का अधिकार मिले. इस सोच के साथ राजस्थान में गहलोत ने पिछले कार्यकाल में निशुल्क दवा और जांच योजना शुरू की. योजना की लोकप्रियता का आलम ये रहा है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में भी इसे यथावत रखा गया. हालांकि, इस दौरान योजना के दायरे को बढ़ाने की दिशा में कागजों में काम हुआ, लेकिन अब जैसे ही सूबे के मुख्यमंत्री के रूप में अशोक गहलोत ने फिर से काम संभाला तो दोनों की योजनाओं को विस्तार देने की दिशा में काम शुरू हो गया है. इसी क्रम में हाल ही में नेशनल हेल्थ मिशन की 2019-20 की पीआईबी में 125 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए है. जिसके जरिए अस्पतालों में भर्ती इनडोर मरीजों को सीटी स्कैन की सुविधा फ्री करने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है.

—न्यूरो-ट्रोमा के मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर
—अस्पतालों में भर्ती मरीज की सीटी स्कैन फ्री करने की तैयारी 
—एनएचएम की पीआईबी में मिले 125 करोड़ रुपए की मंजूरी 
—इस राशि में से सीटी स्कैन समेत अन्य कई जांचे होगी फ्री 
—राज्य सरकार 40 फीसदी राशि का उठाएगी भार
—जबकि केन्द्र से मिलेगा 60 फीसदी राशि का अनुदान 

एसएमएस में ये है डिमाण्ड:
—न्यूरो-ट्रोमा के 80 फीसदी केस में कराई जाती है सीटी स्कैन 
—सरकारी अस्पतालों में 600 से 1000 रुपए तक का आता है खर्च 
—बाजार में सीटी स्कैन के लिए 2000 से 2500 रुपए तक की होती है वसूली 
—अकेले एसएमएस में रोजाना होती है 500 स्कैन, यानी सालभर में 1.80 लाख सीटी स्कैन
—इसमें असे अधिकांश मरीज होते है अस्पताल में भर्ती, जिन्हें जल्द ही मिलेगी फ्री सीटी स्कैन की सुविधा 

चिकित्सा विभाग ने सीटी स्कैन के अलावा अन्य जांचें भी फ्री केटेगिरी में जोड़ने की प्लानिंग की है. हाल ही में टेक्नीकल एडवाइजरी कमेटी की बैठकों में यह चर्चाएं हुई की किन-किन बीमारियों की दवाएं और जांच फ्री केटेगिरी में लाई जाए. इस आधार पर एक मसौदा तैयार कर सरकार को भेजा गया है. हालांकि, अभी तक अधिकारी फाइनेंस की अप्रूवल नहीं होने के चलते योजना का दायरा बढ़ाने की बात तो कर रहे है, लेकिन यह बताने की स्थिति में नहीं है कि कौन-कौन सी जांचे बढ़ाई जाएंगी, लेकिन सूत्रों की माने तो कैंसर, हार्ट और किडनी जैसे गंभीर रोगों से जुड़ी 60 से 80 दवाओं को फ्री मेडिसिन में जोड़ने की योजना है. इसी तरह पीएचसी से लेकर मेडिकल कॉलेजों में जांच योजना का दायरा भी बढ़ाने की कवायद जारी है.

—निशुल्क दवा योजना में शामिल होंगे गंभीर रोगों की दवाएं 
—CM गहलोत की मंशा पूरी करने में जुटा चिकित्सा विभाग 
—टेक्नीकल एडवाजरी कमेटी ने की दवाएं बढ़ाने की सिफारिश 
—कैंसर, हार्ट, किडनी समेत अन्य बीमारियों से जुड़ी 60 से अधिक दवाएं 
—अभी प्रदेशभर में अलग-अलग श्रेणियों में कुल 758 दवाएं निशुल्क श्रेणी में उपलब्ध 
—यह निशुल्क दवा योजना का दायरा 825 तक पहुंचाने की कवायद 
—जांच योजना में अभी पीएचसी स्तर पर 15, सीएचसी स्तर पर 33, जिला स्तर पर 56 और मेडिकल कॉलेज स्तर पर 70 तरह की जांचें फ्री है. इन सभी जगहों पर जांचों का दायरा 30 फीसदी तक बढ़ाने की दिशा में प्लानिंग चल रही है। 

चिकित्सा विभाग की ताजा कवायद पर नजर डाले तो राजस्थान देशभर पहला राज्य होगा, जहां पीएचसी सेन्टर पर सेमी ऑटो एनालाइजर, ईसीजी, ब्लड सेल काउंट की जांच सुविधाएं उपलब्घ होगी. हालांकि, अभी हाई लोड वाली पीएचसी पर ही इसे शुरू किया जाना प्रस्तावित है. गहलोत सरकार की यह कवायद एकबार फिर प्रदेश की जनता को बड़ी राहत के रूप में देखी जा रही है. अब देखना ये है कि आखिर जनता को इस कवायद का फायदा कब से मिलने लगेगा।

... संवाददाता विकास शर्मा की रिपोर्ट 

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