सीएम बनने के बाद गहलोत का जोधपुर को पहला बड़ा तोहफा

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/17 03:10

जोधपुर। राजस्थान की राजनीति में कदम रखने के बाद से अशोक गहलोत ने सांसद,केन्द्रीय मंत्री,विधायक और मुख्यमंत्री के रूप में जब-जब भी कलम हाथ में आई तब तब राजस्थान के अन्य जिलो की तरह अपने गृह जिले जोधपुर पर हमेशा फौकस रखा। यही वजह है कि रेल लाइन विकास से लेकर पेयजल योजनाएं और जोधपुर को एज्युकेशन के मामले में राष्ट्रीय स्तर का केन्द्र बनाने में गहलोत की अनूठी भूमिका रही। उन्ही अशोक गहलोत ने तीसरी बार मुख्यमंत्री बनते ही जोधपुर को एक और तोहफे से नवाजा है। खास बात यह है कि आज ही के दिन गहलोत ने मुख्यमंत्री पद की एक माह पूर्व शपथ ली थी। जोधपुर में 200 करोड रूपए की लागत से सैन्य उपकरणों की एक यूनिट को हरीझंडी दे दी है।

अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बने हुए आज बराबर एक महीना हो गया है। इस दौरान कई चुनौतियों के बीच भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अपना घर यानि गृह जिला जोधपुर याद रहा। इस क्षेत्र के बेरोजगार युवक याद रहे और खासतौर पर उस पाली रोड पर 200 करोड की उस यूनिट को हरीझंडी दी है जिसे कथित रूप से भाजपा की रोड कहा जाता है। लेकिन गहलोत ने रोजगार और विकास दोनो को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया है। 

प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद अशोक गहलोत ने जोधपुर को पहला बड़ा तोहफा दे दिया है। रक्षा क्षेत्र में देश की सबसे प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड यानि बेल को कांकाणी में मेंटेनेंस, रिपेयर व ओवरहाल यूनिट स्थापित करने के लिए करीब 6 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। इस प्रोजेक्ट में 200 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश किया जाएगा। शुरुआत में बेल 50 करोड़ का निवेश कर रही हैं। इस यूनिट से जोधपुर में निवेश के आसार बढ़ने के साथ ही करीब 400 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही जोधपुर में रक्षा क्षेत्र की अन्य इकाइयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। बेल की ओर से बताया गया है कि जमीन लेने के लिए कुछ पैसे जमा करवा दिए हैं और जल्दी ही इस पर काम शुरू होने वाला है। 

रीको के एमडी गौरव गोयल ने बताया कि सीएम के निर्देश पर बीईएल के लिए जमीन की लोकेशन बदली गई है। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और जोधपुर में निवेश भी होगा। बेल ने 2 साल पहले जोधपुर में इकाई स्थापित करने के लिए राज्य सरकार से संपर्क किया था। रीको ने बेल को कांकाणी में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में 6 एकड़ जमीन आवंटित कर दी। बेल ने इसकी राशि भी रीको में जमा करवा दी, लेकिन जमीन को लेकर न्यायालय में विवाद लंबित होने के कारण बेल को यह जमीन नहीं मिल पाई। बाद में तत्कालीन भाजपा सरकार और रीको ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया। पिछले माह राजस्थान में नई सरकार के गठन के पश्चात बेल ने रीको को एक पत्र भेजकर 15 दिसंबर तक की समय सीमा तय कर जमीन आवंटन की मांग की। 

बेल ने साफ कहा कि जमीन आवंटन नहीं होने पर वह अपनी इकाई को किसी अन्य राज्य में ले जाएगी। इसकी जानकारी सीएम अशोक गहलोत को मिलते ही उन्होंने रीको के प्रबंध निदेशक गौरव गोयल को तुरंत जोधपुर भेजा और प्राथमिकता के आधार पर बेल को जमीन आवंटन की प्रक्रिया 15 दिसंबर से पहले पूरी करने को कहा। गोयल ने जोधपुर का दौरा कर यहां कई जगह जमीन तलाश की और आखिरकार कांकाणी में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में छह एकड़ जमीन बेल को आवंटित करवा दी। स्थानीय स्तर पर कांकाणी क्षेत्र को विकसित करने में जुटे रिको के क्षेत्रीय प्रबंधक विनित गुप्ता ने बताया कि शुरूआती दौर में 400 और बाद में लगभग 1000 लोगो को रोजगार मिल सकेगा।
गौरतलब है कि बेल की जोधपुर में प्रस्तावित इकाई में एयरफोर्स व सेना के रक्षा उपकरणों की मेंटेनेंस व रिपेयरिंग की जाएगी। अभी इन उपकरणों को देखभाल और रिपेयर के लिए बेंगलुरु भेजना पड़ता है और इसमें काफी समय लगता है। जोधपुर में आकाश मिसाइल सिस्टम, टैंक के राडार, बॉर्डर के राडार, नाइट विजन कैमरे सहित कई उपकरणों की मरम्मत हो सकेगी। जोधपुर सहित पूरे पश्चिमी क्षेत्र के एयरफोर्स व आर्मी के उपकरणों की मरम्मत यहीं जाएगी। 

यह यूनिट लगने के बाद रक्षा क्षेत्र से जुड़ी अन्य कई कंपनियों के आने की संभावना जताई जा रही है। सामरिक नजरिए से जोधपुर का बहुत महत्व है। भारतीय सेना व वायुसेना का यहां पर काफी जमावड़ा रहता है। साथ ही पोकरण में हमेशा व्यापक पैमाने पर अभ्यास भी चलते रहते हैं। इसके अलावा नए हथियारों का परीक्षण भी यहीं पर किया जाता है। ऐसे में माना जा रहा है कि रक्षा क्षेत्र में सेना व वायुसेना को सेवा प्रदान करने वाली कई निजी कंपनियां भी जोधपुर की राह पकड़ेगी।
राजीव गौड,जोधपुर

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