VIDEO: किंगएयर सी-90 और अगस्ता हैलीकॉप्टर को बेचेगी गहलोत सरकार, होंगे ग्लोबल टेंडर 

Dr. Rituraj Sharma Published Date 2019/06/20 10:08

जयपुर: गहलोत सरकार किंग एयर सी-90 विमान का बेचान करने जा रही है. वहीं पुराने अगस्ता हैलीकॉप्टर की कीमत का पुनर्मूल्यांकन करके बेचान का भी अनुमोदन किया गया. दोनों वायुयानों के बेचान के लिए ग्लोबल टेंडर होंगे तो वहीं नए जेट विमान की खरीद पूर्व क्वालिटेटिव रिक्वायरमेंट यानी विमान की गुणात्मक जरूरतों  के परीक्षण का निर्णय किया गया.

मुख्य सचिव डीबी गुप्ता की अध्यक्षता में आज सचिवालय में नए जेट विमान की खरीद प्रक्रिया तय करने को लेकर अहम बैठक हुई. इसमें यह निर्णय हुआ कि पहले जो नए विमान खरीद की क्वालिटेटिव रिक्वायरमेंट थी, उसका एक बार फिर रिव्यू किया जाए. जिसके लिए कमेटी की फिर बैठक होगी।क्वालिटेटिव रिक्वायरमेंट से खरीदे जानेवाले जेट विमान के मापदंडों की कसौटी तय होगी. यह कसौटी तय होने से यह होगा कि किस किस जरूरतों और सुविधाओं के हिसाब से कौनसा मॉडल का जेट खरीदा जाएगा और क्या प्रक्रिया होगी. 

अब तक क्या हुआ:
—दरअसल मिड साइज जेट या जेट खरीद पर बात 2011 में हुई थी शुरू 
—लेकिन 2013 में आचार संहिता होने से नहीं खरीदा जा सका 
—2015 में फिर रखा गया इसकी खरीद का मामला 
—प्रशासनिक अनुमोदन बाद वित्त विभाग ने प्रावधान पर थी सहमति
—150 से 170 करोड के बजट प्रावधान पर थी वित्तीय सहमति
—2017 में सीएमओ भेजा गया था मामला 
—आचार संहिता लगने के बाद 20 दिसंबर 2018 तक अनिर्णीत भेजी पत्रावली
—अब जरूरत अनुसार जेट या मिड साइज जेट खरीदने की जरूरत 
—1989 में खरीदे गए किंग एयर सी 90 का बेचान का बैठक में अनुमोदन किया गया. 
—तो वहीं पुराने सरकारी अगस्ता हैलीकॉप्टर के पहले हुई बेचान प्रक्रिया का फिर अनुमोदन किया गया.  

हालांकि अगस्ता के बेचान के लिए पहले 5 बार बिडिंग हो चुकी है. अब इसकी कीमत का फिर पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है. इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में जो नई कीमत तय होगी उसके आधार पर ग्लोबल बिडिंग  की जाएगी.  

क्यों समझी जा रही है जरूरत:
—अभी राज्य सरकार के हवाई बेड़े में दो विमान हैं
—इनमें से किंग एयर सी 90 विमान 1989 में तो किंग एयर बी 200 विमान 2006 में खरीदा था. 
—किंग एयर c90 विमान करीब 30 वर्ष पुराना और वीवीआईपी यात्राओं के लिए सुरक्षित नहीं है।
—ऐसे में उच्चाधिकारी प्राप्त समिति ने किंग एयर सी 90 विमान को  बेचने की सिफारिश की है. 
—ऐसे में सरकार मिड साइज जेट विमान खरीद सकती है।
—इसके पीछे एक यह भी कारण दिया जा रहा है कि पहले जहां जेट विमान के लिए हवाईपट्टियां उपयुक्त नहीं थीं 
—अब प्रदेश की हवाई पट्टियों को जेट या मिड साइज जेट के परिचालन के लिए उपयोगी बनाया जा चुका है।
—नए जेट विमान की खरीद पर इसलिए भी जोर दिया जा रहा है कि विभिन्न राज्य सरकारों के पास है टर्बो प्रॉप श्रेणी के जेट विमान
—कुछ राज्य सरकारों में इसकी खरीद प्रक्रियाधीन है।
—यह इसलिए भी जरूरी है कि आधुनिक जरूरत के हिसाब से राजकाज के कामों के लिए जेट या मिड जेट उपयुक्त माना गया है. 

क्यों है सरकारी हैलीकॉप्टर अगस्ता का बेचान जरूरी:
वहीं पुराने सरकारी हैलिकॉप्टर अगस्ता का बेचान इसलिए जरूरी है कि सरकारी हेलीकॉप्टर करीब 7 वर्षों से किराए पर लिया जाता रहा है. इसके बेचान के बाद ही नए सरकारी हैलीकॉप्टर की खरीद संभव है. वहीं सरकार के पास जो अगस्ता हैलीकॉप्टर था वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. 2011 में चुरू में सरकारी कार्यक्रम के दौरान जब अशोक गहलोत ही मुख्यमंत्री थे, तब इस हेलीकॉप्टर की ब्लेड टूट गई थी. आज आलम यह है कि यह हेलीकॉप्टर स्टेट हैंगर पर खड़ा हुआ है और इसकी हर छह माह में एक बार मेंटेनेंस कराई जाती है. फंक्शनल ना होने की वजह से अभी तक इसे खरीदार नहीं मिल पाया है. अतः मल्टी टर्बाइन वीवीआईपी सरकारी हैलीकॉप्टर और 10 सीटर जेट विमान की जरूरत है. अभी जो सरकार के पास दो विमान हैं वे 6-सीटर हैं. 

2014 में जब पुराने अगस्ता हैलीकॉप्टर की कीमत आंकी गई थी, तब इसकी बेचान दर 12.40 करोड़ की दर रखी थी. इसके रीवैल्यूएशन के बाद ही बिलिंग प्रक्रिया निर्धारित हो पाएगी. आज की बैठक में प्रमुख सचिव श्रेया गुहा, सचिव राजेश शर्मा और महेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. 

... संवाददाता ऋतुराज शर्मा की रिपोर्ट

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