VIDEO: गहलोत सरकार ने बदला अपना ही फैसला, पार्षद ही चुनेंगे निकाय प्रमुख

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/14 09:04

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट ने यह निर्णय किया कि प्रदेश में नगरीय निकायों में नगर निगम मेयर, नगर परिषद् सभापति एवं नगर पालिका चेयरमैन के चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से ना होकर अप्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे. इसके लिए गहलोत सरकार ने अपने ही लिए पहले के फैसले पर सामाजिक समरसता कायम रखने की कोशिशों के तहत यू टर्न लिया है. 

दरअसल राज्य मंत्रिमण्डल ने पूर्व में मेयर/सभापति/अध्यक्ष के चुनाव सीधे जनता द्वारा (प्रत्यक्ष प्रणाली से) कराए जाने का फैसला किया था, लेकिन वर्तमान में देश में भय, आक्रोश, अविश्वास एवं हिंसा का जो माहौल बना हुआ है. उसे देखते हुए समाज में सहिष्णुता, समरसता, प्रेम और भाईचारा बनाए रखने, जनप्रतिनिधियों की लगातार मांग एवं व्यापक जनहित में यह निर्णय लिया गया है. 

कैबिनेट ने देश में बने वर्तमान हालात, बुद्धिजीवियों के खिलाफ दर्ज हो रहे राजद्रोह के मुकदमे एवं विरोध में उठ रही लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने के प्रयासों पर चिंता व्यक्त की. ऐसे में यह तय किया गया कि मेयर/सभापति/अध्यक्ष जनता द्वारा सीधे नहीं चुने जाकर जनता द्वारा निर्वाचित वार्ड पार्षदों द्वारा चुने जाएं, ताकि समरसता एवं सहिष्णुता का माहौल बना रहे. विभिन्न जाति-धर्म एवं सम्प्रदायों के बीच सौहार्द की परम्परा भी कायम रहे. 

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