VIDEO: प्रदेश के रूफटॉप रेस्टोरेंट्स को गहलोत सरकार ने दी बड़ी राहत, बाइलॉज जारी 

FirstIndia Correspondent Published Date 2020/01/11 17:12

जयपुर: प्रदेश के प्रमुख शहरों में चल रहे रूफ टॉप रेस्टोरेंट्स को प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार ने बड़ी राहत दी है. इन रेस्टोरेंट्स के संचालन का अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए नगरीय विकास विभाग व स्वायत्त शासन विभाग ने बाइलॉज जारी कर दिए हैं. आखिर किन मापदंडों के आधार पर रूफ टाॅप रेस्टोरेंट्स का संचालन हो सकेगा, खास रिपोर्ट:

वर्तमान में कोई नियम-कायदे नहीं:
प्रदेश के कई प्रमुख व पर्यटक शहरों में इमारतों की छतों पर रूफ टॉप रेस्टोरेंट्स चल रह हैं. इन रेस्टोरेंट्स के संचालन के लिए वर्तमान में कोई नियम-कायदे नहीं हैं. बिना नियम कायदों के मनमर्जी से इन रेस्टोरेंट्स का संचालन किया जा रहा है. इसके चलते कई रेस्टोरेंट्स में अग्निशमन के प्रावधान नहीं किए गए. वहीं आपदा के समय बचाव के लिए सुरक्षित निकास भी नहीं हैं. रेस्टोरेंट्स में आपदा के दौरान किसी प्रकार की जनहानि नहीं हो,अग्निशमन के पुख्ता प्रबंध हो,पार्किंग के लिए पर्याप्त स्थान मौजूद हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए नगरीय विकास विभाग और स्वायत्त शासन विभाग ने आज नगरीय विकास विभाग और स्वायत्त शासन विभाग बाइलॉज जारी किए. नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में 22 नवम्बर को बैठक हुई थी. इस बैठक में लिए फैसलों के आधार पर ही ये बाइलॉज जारी किए गए हैं आपको बताते हैं कि इन बाइलॉज में क्या मापदंड तय किए गए हैं. 

रूफ टॉप रेस्टोरेंट्स को पूरे करने होंगे ये तकनीकी मापदंड:
—रूफ टॉप रेस्टोरेंट्स संस्थानिक व व्यावसायिक इमारतों और व्यावसायिक सड़कों पर स्थित इमारतों में संचालित किए सकेंगे
—छत का अधिकतम 25 प्रतिशत क्षेत्र स्टील या एल्युमिनय के ढांचे से कवर किया जा सकेगा
—इस अस्थायी निर्माण की ऊंचाई 4 मीटर से अधिक नहीं होगी  
—रेस्टोरेंट्स के लिए चार सीट्स पर एक कार के हिसाब से अलग से पार्किंग रखनी होगी 
—छत पर रेलिंग की ऊंचाई कम से कम डेढ़ मीटर होगी
—फायर सेफ्टी नॉर्म्स की पालना करते हुए फायर एनओसी लेनी होगी

रूफ टॉप रेस्टोरेंट्स के इन तकनीकी मापदंडों के अलावा और भी मापदंड इन बाइलॉज में तय किए गए हैं. इनके तहत रेस्टोरेंट्स में आने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर किस तरह के प्रावधान किए जाने चाहिए हैं, वह भी इसमें बताया गया है. 

रूफ टॉप रेस्टोरेंट्स के लिए अन्य महत्वपूर्ण मापदंड:
—रेस्टोरेंट्स के बिल्डिंग प्लान की संबंधित निकाय से स्वीकृति लेनी होगी
—संबंधित निकाय से रेस्टोरेंट के लिए एनओसी लेना जरूरी होगा
—आपदा के समय सुरक्षित निकास के लिए ले आउट प्लान प्रदर्शित करना जरूरी होगा
—वर्ष में कम से कम एक बार रेस्टोरेंट्स की थर्ड पार्टी ऑडिट कराई जाएगी
—हर रेस्टोरेंट्स में एक फायर एक्सपर्ट की नियुक्ति की जाएगी, जो स्टाफ को फायर सेफ्टी के लिए प्रशिक्षित करेगा
—यह फायर एक्स्पर्ट समय-समय पर फायर सेफ्टी चैक के लिए मॉक ड्रिल भी करेगा
—एलपीजी स्टोव व काेयले के चूल्हे का इस्तेमाल करना प्रतिबंधित होगा
—स्ट्रक्चरल इंजीनियर से अस्थायी निर्माण व पूरी इमारत का सेफ्टी सर्टिफिकेट लेना जरूरी होगा
—अस्थायी निर्माण के लिए नेशनल बिल्डिंग कोड की पालना की जाएगी
—सभी मापदंडों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निकाय में एक कमेटी का गठन हाेगा
—यह कमेटी समय-समय पर रेस्टोरेंट्स का निरीक्षण करेगी
—रेस्टोरेंट्स की स्वीकृति के लिए 100 रुपए प्रति वर्गफीट के हिसाब से निकाय को शुल्क देना होगा
—आवेदन शुल्क 300 रुपए, निरीक्षण शुल्क 30 रुपए प्रति वर्गफीट, 100 रुपए प्रति वर्गफीट स्वीकृति शुल्क रेस्टोरेंट्स संचालक को देना होगा
—हर वर्ष इस अनापत्ति प्रमाण पत्र के नवीनीकरण के लिए स्वीकृति शुल्क की पांच प्रतिशत राशि देनी होगी

ये बाइलॉज जारी कर प्रदेश की रूफ टॉप रेस्टोरेंट्स की इंडस्ट्रीज को संजीवनी दी गई है. साथ ही यहां आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिहाज से भी माकूल प्रावधान किए गए हैं. जरूरत है तो बस इन प्रावधानों की कड़ी पालना की. 

... संवाददाता अभिषेक श्रीवास्तव की रिपोर्ट 
 

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