गहलोत सरकार विधानसभा में CAA के खिलाफ पारित करा सकती है प्रस्ताव 

Abhishek Shrivastava Published Date 2020/01/19 10:32

जयपुर: देशभर में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चल रहे विरोध के बीच केरल और पंजाब सरकारें अपनी-अपनी विधानसभा में इस कानून को लागू नहीं करने का प्रस्ताव पारित कर चुकी हैं. इस मुहिम में राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार भी शामिल हो सकती है. प्रदेश के सत्ता के गलियारों से मिल रही खबरों के अनुसार इसके लिए गहलोत सरकार बजट सत्र से पहले विधानसभा का विशेष सत्र बुला सकती है. 

सरकार में गंभीर मंथन:
दरअसल जल्द ही बुलाया जाने वाला यह सत्र एक या दो दिन का हो सकता है. इसमें नागरिकता संशोधन कानून लागू नहीं करने का विधानसभा में प्रस्ताव पारित कराया जा सकता है. इसके लिए सरकार में गंभीर मंथन किया जा रहा है. प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नागरिकता संशोधन कानून का खुलकर विरोध कर रहे हैं. कांग्रेस शासित राज्यों व कांग्रेस के गठबंधन शासित राज्यों में इस कानून के खिलाफ गहलोत को अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से प्रमुख रणनीतिकार बनाए जाने की भी खबर है. प्रदेश के विधि विभाग के सूत्रों के अनुसार केरल सरकार की तर्ज पर राज्य सरकार विधानसभा में कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने के साथ ही संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दे सकती है. 

10 जनवरी को किया लागू:
गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून को केन्द्र की मोदी सरकार ने 10 जनवरी को अधिसूचना जारी कर लागू कर दिया है. इसके तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के धार्मिक रूप से प्रताड़ित हिंदू, जैन, बौद्ध, पारसी, सिख व ईसाई धर्म के लोगों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान किया गया है. इसमें मुस्लिम धर्म के लोग शामिल नहीं हैं. इस कानून के मुताबिक 11 साल की बजाए अब 5 साल भारत में रहने पर इन धर्म के लोगों को भारत की नागरिकता दी जा सकेगी. 

... संवाददाता अभिषेक श्रीवास्तव की रिपोर्ट 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in