राजस्थान में कोरोना जांचों के प्रति गहलोत सरकार गंभीर, 25 हजार जांचों का लक्ष्य पूरा, अब 40 हजार का रखा टारग्रेट

जयपुर: राजस्थान में कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए गहलोत सरकार ने जांचों पर विशेष फोकस कर रखा है.मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देशों की पालना में चिकित्सा विभाग ने रोजाना 25 हजार जांचों का लक्ष्य पूरा करने के साथ ही एक बार फिर जांच का लक्ष्य बढ़ाया है.चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि राजस्थान में अब रोजाना 40 हजार जांच का लक्ष्य रखा गया है, जिसे पूरा करने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे है.

राजस्थान सरकार ने किया हर मोर्च पर अव्वल दर्जे का काम: 
कोरोना की रोकथाम में राजस्थान सरकार ने हर मोर्च पर अव्वल दर्जे का काम किया है. यह हम नहीं कर रहे बल्कि केन्द्र सरकार की तरफ से जारी अलग-अलग पैरामीटर की रिपोर्ट की बानगी है.फिर जांचों का दायरा बढ़ाने का मामला हो या फिर मौतों को रोकने के लिए जारी प्रयास, हर मापदण्ड में राजस्थान टॉप राज्यों में शामिल है.इसके पीछे की मुख्य वजह है जांचों पर सरकार का विशेष फोकस.खुद चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा का कहना है कि पूरे देश में अब तक 40 लाख टेस्ट हुए हैं, जिसमें से राजस्थान में अब तक 5 लाख 18 हजार 350 टेस्ट अब तक किए जा चुके हैं.हमारी टेस्टिंग क्षमता शून्य से 25150 तक जा पहुंची है.उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कोबास-8800 मशीनों के आने के बाद हमारी जांच की क्षमता लगभग 40 हजार जाएगी.स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आईसीएमआर ने सिरोही जिले में जांच सुविधा देने की अनुमति दे दी है.इससे अब प्रदेश के 16 जिलों में जांच की सुविधा विकसित हो जाएगी.उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में प्रदेश के सभी जिलों में जांच सुविधाएं उपलब्ध होने लगेंगी. 

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रिकवरी का रेशो प्रदेश का बेहतर:
चिकित्सा मंत्री डॉ रघु ने कहा कि कोरोना संक्रमण से 100 से 75 दुरुस्त होना विभाग के लिए राहत की बात है. रिकवरी का रेशो देश के अन्य राज्यों के मुकाबले कहीं ज्यादा बेहतर है.उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की माइक्रोप्लानिंग और माइक्रो मैनेजमेंट से हमारी पॉजिटिव से नेगेटिव की रिकवरी बेहतर है और हम कोरोना को नियंत्रित कर पा रहे हैं.उन्होंने बताया कि लाॅकडाउन के समय का विभाग ने पूरी तरह सदुपयोग कर स्वास्थ्य के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने का काम किया गया है.उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग की जाएगी. ऐसे में पाॅजिटिव केसेज की क्षमता बढ़ सकती है लेकिन हम उन्हें समय रहते आइसोलेट, क्वारंटाइन कर उपचार करेंगे तो उनके दुरुस्त होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाएगी.

21 से 30 जून तक चलेगा प्रदेशभर में जागरुकता अभियान: 
डा. शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के प्रति जागरुकता लाने के लिए 21 से 30 जून तक प्रदेश भर में जागरुकता अभियान चलाया जाएगा.उन्होंने कहा कि कोरोना से लडाई लंबी चल सकती है.ऐसे में व्यापक तौर पर लोगों में जागरुकता लाकर ही उन्हें संक्रमण से मुक्त कर सकते हैं.हालांकि शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी खासी जागरूकता आई है.लोग अब मास्क लगाने लगे हैं, बार-बार हाथ धोने लगे हैं और सभी सावधानियां भी बरत रहे हैं.फिर भी कोई लापरवाही नहीं रहे इसके लिए यह अभियान कारगर रहेगा. सर्वविदित है कि कोरोना सबसे ज्यादा प्रभाव कमजोर इम्यूनिटी वालों पर पड़ता है.ऐसे में चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने 10 वर्ष से कम और 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को थोड़ी ज्यादा सावधानी बरतने की अपील की है.

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