VIDEO: मॉब लिचिंग को लेकर 'एक्शन' में गहलोत, कानूनी खामियों को रोकने के लिये मॉनिटरिंग सेल का गठन 

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/18 06:53

जयपुर: राजस्थान लिचिंग संरक्षण विधेयक के तहत हाल ही मैं गहलोत सरकार ने मॉब लिचिंग के खिलाफ कानून बनाया था. मकसद यहीं था कि पहलू खां जैसी घटनाओं पर लगाम लगे, लेकिन इस घटनाक्रम को लेकर निचली अदालत के फैसले ने सियासत को गर्मा दिया. फिर हरीश जाटव के प्रकरण ने माहौल और गर्माया. आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साफ कह दिया कि उनके लिये हिन्दू और मुस्लिम सब समान है, पिछले राज में जानबूझकर कर मॉब लिचिंग के आरोपियों को बचाया गया. गहलोत ने प्रेसवार्ता में उस आदेश का ऐलान किया जो कि जघन्य अपराधों के खिलाफ बनाया गया. 

अदालती फैसले से सियासत को उफान:
अलवर यूं कहें मेवात का इलाका पिछले कुछ सालों में गौ तस्करी का हब बन गया है. अनेकों वारदात यहां देखने को मिली और मॉब लिचिंग की घटनाओं ने राजस्थान को शर्मसार करने का काम किया. पहलू खां वाली घटना ऐसा ही केस है, जिसने मॉब लिचिंग की सियासत को गर्माया. हाल ही में अदालती फैसले ने सियासत को उफान पर ला दिया. आरोपियों की रिहाई पर गहलोत सरकार ने तुरंत एक्शन लिया और ऊपरी अदालत में जाने की बात कही. साथ ही एसआईटी का गठन कर दिया. अशोक गहलोत यहीं नहीं रुके, बल्कि ये भी कह दिया कि इस तरह के मसलों पर जघन्य क्राइम मॉनिटरिंग सेल कार्य करेगी. 

पिछली सरकार में जानबूझकर खामियां:
अशोक गहलोत ने पहलू खां केस और हरीश जाटव प्रकरण पर बीजेपी नेताओं की बयानबाजी को आड़े हाथ लिया. साथ ही ये भी कहा कि पिछले वसुंधरा राजे शासन में पहलू खां केस में आरोपियों के खिलाफ जानबूझकर खामियां बरती गई. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साफ कहा कि उनकी सरकार में सब धर्म समान है. सांप्रदायिक सियासत को राजस्थान में कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 

विधानसभा में कानून:
उल्लेखनीय है गहलोत सरकार पहले ही मॉब लिचिंग के खिलाफ विधानसभा में कानून बनाकर अपनी प्रतिबद्धता जता चुकी है. अब जरुरत है कानून का राज स्थापित करने की. गहलोत ने इसी कदम के साथ खुद को आगे बढ़ाया है, जिससे मॉब लिचिंग नहीं बल्कि अन्य जघन्य अपराधों पर लगाम लगाई जा सके और अपराधी कानूनी खामियों के कारण बच नहीं पाये. 

... संवाददाता योगेश शर्मा की रिपोर्ट 


First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in