राजस्थान में एक बार फिर चला गहलोत का जादू! विधानसभा चुनाव के बाद निकाय चुनाव में दिखी लहर

राजस्थान में एक बार फिर चला गहलोत का जादू! विधानसभा चुनाव के बाद निकाय चुनाव में दिखी लहर

राजस्थान में एक बार फिर चला गहलोत का जादू! विधानसभा चुनाव के बाद निकाय चुनाव में दिखी लहर

जयपुर: राजस्थान में एक बार फिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जादू देखने को मिला है. विधानसभा चुनाव के बाद निकाय चुनाव में भी गहलोत लहर देखने को मिली है. शुरूआती परिणामों में कांग्रेस काफी आगे निकलती दिखाई दे रही है. चुनाव परिणाम को देखकर लग रहा है कि गहलोत के EWS ने सचमुच चमत्कार किया है. चमत्कार खासतौर पर गैर-मुस्लिम क्षेत्रों में देखने को मिला है. माउंट आबू-छबड़ा-निम्बाहेड़ा-चित्तौड़गढ़-भिवाड़ी में सचमुच गहलोत की 'गुड गवर्नेंस' का वोट मिला है. निकाय चुनावों में कांग्रेस ने तेजी से बढ़त बनाई है. ऐसे में अब बोर्ड, पार्टी के खाते में जाने तय हो गए हैं. वहीं जनता ने कांग्रेस को अच्छे वोट देकर उनके अब तक के कार्य पर मुहर लगा दी है.

शनिवार को हुआ था मतदान: 
उल्लेखनीय है कि राज्य में तीन नगर निगमों, 18 नगर परिषद और 28 नगरपालिकाओं यानी कुल 49 निकायों में सदस्य पार्षद पद के लिए शनिवार को मतदान हुआ था. चुनाव में कुल 71.53 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. इन 49 निकायों में कुल 2,105 वार्डों में चुनाव होना था जिनमें से 14 वार्डों में पार्षद निर्विरोध चुने जा चुके हैं. बाकी 2,081 वार्ड में 7,942 उम्मीदवार अपना चुनावी भाग्य आजमा रहे हैं जिनमें 2,832 महिलाएं और 5,109 पुरुष प्रत्याशी शामिल हैं. 

26 नवंबर को अध्यक्ष और 27 को होगा उपाध्यक्ष का चुनाव: 
तय कार्यक्रम के अनुसार नगर निकायों में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 26 नवंबर और उपाध्यक्ष पद के लिए 27 नवंबर को करवाया जाएगा.इस बीच कांग्रेस और भाजपा ने प्रमुख निकायों में अपने-अपने वार्ड पार्षद प्रत्याशियों को इकट्ठा कर किसी होटल, रेसार्ट या अन्य स्थान पर भेज दिया है. इसी तरह कई जगह निर्दलीय प्रत्याशियों की बैठकें भी हो रही हैं ताकि किसी भी तरह का समीकरण बनने पर साथ मिलकर एक राय तय की जा सके.


 

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