सवर्ण आरक्षण बिल : राज्यसभा में हुआ पास, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बिल बन जाएगा कानून 

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/09 10:30

नई दिल्ली। आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को शिक्षा एवं रोजगार में 10 फीसदी आरक्षण देने से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक बुधवार को राज्यसभा में भी पास हो गया। सवर्ण आरक्षण बिल को लेकर राज्यसभा में हुई वोटिंग के दौरान समर्थन में जहां उपस्थित कुल 172 सदस्यों में से 165 ने इसके समर्थन में वोट किया, वहीं 7 सदस्यों ने इसके विरोध में वोट किया। इससे पहले बिल को सिलेक्ट कमिटी के पास भेजने के लिए टी के रंगराजन और कनिमोझी ने प्रस्ताव रखा। इस पर हुई वोटिंग में पक्ष में 18 और खिलाफ में 155 वोट पड़े। इसके साथ ही बिल को सिलेक्ट कमिटी में भेजने की मांग खारिज हो गई। 

आपको बता दें कि आरक्षण के लिए लाए गए 124वें संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा ने एक दिन पहले मंगलवार को ही बहुमत के साथ पारित कर दिया था। सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि इस बिल को राज्यों की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है। ऐसे में इस बिल को अब सीधे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। उपसभापति ने सदन को बताया कि बिल पर करीब 10 घंटे तक चर्चा हुआ जबकि इसके लिए 8 घंटे का वक्त तय किया गया था। 

इससे पहले चर्चा के दौरान राज्यसभा में सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा कि आज सदन इतिहास रचने जा रहा है। उन्होंने कहा कि अच्छे मन से और अच्छी नीति के साथ नरेंद्र मोदी की सरकार यह बिल लेकर आ रही है। मंत्री ने कहा कि कांग्रेस बताए कि वो कैसे इस बिल को लाती, क्योंकि सवर्णों को आरक्षण देने का वादा तो उसने भी किया था। 

निर्दलीय सांसद अमर सिंह ने बिल का समर्थन करते हुए कहा कि जो लोग बिल का विरोध कर रहे हैं वो वोट क्यों दे रहे हैं। अगर यह बिल इतना ही गंदा है तो वोट न दें। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कविता पढ़ते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने सवर्णों को आरक्षण देने की हिम्मत दिखाई है इसलिए 2019 में उनकी खिदमत बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 70 साल तक सवर्णों को धोखा दिया है और मेरे पास नरेंद्र मोदी से दोस्ती करने की कला है, इसलिए कांग्रेस छोड़कर मैं बीजेपी की तरफ चला। 

चर्चा के दौरान राज्यसभा में कुछ दिलचस्प दावे सुनने को मिले। विपक्षी सांसदों ने चुनाव से ठीक पहले इस बिल को लाने को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। वहीं, सरकार ने बिल को ऐतिहासिक बताते हुए इसे मैच जिताने वाला छक्का बताया। इस पर BSP ने दावा किया कि यह छक्का सीमा पार नहीं जा पाएगा। कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल ने बिल पर बोलते हुए कहा कि बिना किसी डाटा और रिपोर्ट के आप संविधान संशोधन करने जा रहे हो। एक तरफ 2.5 लाख कमाने वाले को इऩकम टैक्स देना पड़ता है और दूसरी ओर आप 8 लाख कमाने वाले को गरीब बता रहे हैं। आप इनकम टैक्स लिमिट को भी 8 लाख कर दीजिए। 

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