जयपुर VIDEO: पासपोर्ट से भी कठिन साबित हो रहा लाइसेंस बनवाना, ऑनलाइन आवेदन के लिए कड़ी मशक्कत

VIDEO: पासपोर्ट से भी कठिन साबित हो रहा लाइसेंस बनवाना, ऑनलाइन आवेदन के लिए कड़ी मशक्कत

VIDEO: पासपोर्ट से भी कठिन साबित हो रहा लाइसेंस बनवाना, ऑनलाइन आवेदन के लिए कड़ी मशक्कत

जयपुर: ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना इन दिनों सबसे कठिन टास्क बनता जा रहा है. एक तरफ जहां पासपोर्ट बनवाना काफी आसान हो गया है, ऑनलाइन फॉर्म भरिए और तय डेट पर डॉक्युमेंट वैरीफिकेशन की प्रक्रिया से गुजरने पर पासपोर्ट मिल जाएगा, लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया काफी कठिन हो गई है. पहले चरण में ऑनलाइन आवेदन कर पाना ही संभव नहीं हो पा रहा है. क्यों आ रही है परेशानी, क्या हो सकता है समाधान, एक खास रिपोर्ट:

ऑनलाइन आवेदन करना मुश्किल:
परिवहन विभाग अक्सर दावे करता है कि उनके कार्यालयों में कार्य व्यवस्था ट्रांसपेरेंट होती जा रही है. लाइसेंस से लेकर वाहन पंजीयन और यहां तक कि अब बसों की फिटनेस और परमिट जैसे कार्य भी ऑनलाइन कर दिए जाएंगे. दावों के मुताबिक बिना दलालों के दखल के ड्राइविंग लाइसेंस ऑनलाइन आवेदन कर आसानी से बनवाया जा सकता है, लेकिन वास्तव में लाइसेंस बनवाना पासपोर्ट से भी कठिन साबित हो रहा है. ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना तो कठिन है ही, अब लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करना भी मुश्किल हो गया है. यदि किसी को लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना हो तो इसके लिए आधी रात का इंतजार करना होगा, क्योंकि दिन में आवेदन करने पर लाइसेंस के लिए डेट नहीं मिल रही है. सभी स्लॉट फुल बताए जा रहे हैं. आवेदन सब्मिट नहीं होने पर परिवहन कार्यालय से भी टका सा जवाब दिया जाता है कि पहले ऑनलाइन आवेदन करके डेट और टाइम का स्लॉट लेकर आइए. ऐसे में अक्सर लाइसेंस आवेदकों को बाहर बैठे दलालों के पास जाने को कहा जाता है. दरअसल लाइसेंस आवेदन में समस्या स्लॉट की लिमिट तय होने की वजह से है.

लर्निंग लाइसेंस का आवेदन बना परेशानी:
—लर्निंग लाइसेंस के लिए निर्धारित है 1 दिन का स्लॉट
—1 दिन में केवल 150 आवेदकों के ही बनते हैं लाइसेंस
—इससे ज्यादा लोगों के आवेदन करने पर नहीं लेता सॉफ्टवेयर
—अगले 1 महीने के स्लॉट ही होते हैं आवेदन के लिए ओपन
—1 माह में 4 रविवार, सहित कई बार 6 से 8 अवकाश होते हैं
—यानी 1 माह में अधिकतम 3900 लोग ही कर सकते हैं आवेदन
—ये सभी 3900 स्लॉट इन दिनों फुल चल रहे हैं
—1 माह के बाद के अगले दिन का स्लॉट रात 12 बजे खुलता है
—नए दिन के 150 स्लॉट को लोग रात 12 बजे खुलते ही भर लेते हैं
—इनमें बड़ी संख्या में ड्राइविंग स्कूल संचालक और एजेंट हैं शामिल
—रेलवे के तत्काल टिकट की तरह चल रहा है इनका नेटवर्क
—आमजन जब दिन में लाइसेंस आवेदन करने के लिए करते हैं प्रयास
—तो स्लॉट फुल बता आवेदन ही नहीं लिया जा रहा

प्रक्रिया शुरू के वक्त किए गए थे बड़े वादे:
परिवहन विभाग ने जब ऑनलाइन लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू की थी, तब ये कहा गया था कि इससे आम जनता को सहूलियत होगी. ऑनलाइन आवेदन में वे अपनी मर्जी की डेट चुनकर और समय निर्धारित कर आरटीओ कार्यालय जा सकेंगे. अब पसंद की डेट और टाइम मिलता तो दूर डेट ही नहीं मिल पा रही है. यदि लाइसेंस बनवाने के लिए डेट लेनी हो तो आधी रात को जागकर स्लॉट खुलते ही आवेदन करना होगा. समस्या यह भी है कि राजधानी जयपुर में ही दो तरह की व्यवस्था चल रही है. एक तरफ विद्याधर नगर जिला परिवहन कार्यालय में 2 महीने आगे तक की डेट ओपन रहती हैं, वहीं झालाना में केवल 1 माह की डेट ही खोली हुई हैं. 

एक ही शहर में 2 तरह की लाइसेंस व्यवस्था:
—झालाना परिवहन कार्यालय के लिए अगले 1 माह की डेट हैं ओपन
—ऐसे में अधिकतम 3900 लोग ही कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
—वहीं विद्याधर नगर डीटीओ ऑफिस में 2 माह की डेट है ओपन
—ऐसे में करीब 7800 लोग कर सकते हैं लाइसेंस के लिए आवेदन
—यदि झालाना कार्यालय की भी 2 माह की डेट ओपन हो तो मिलेगी सुविधा
—हालांकि स्थाई समाधान के लिए लिमिट बढ़ाना जरूरी
—जयपुर की बढ़ती आबादी के लिहाज से लिमिट 250 की जानी चाहिए

अधिकारी दे रहे तर्क:
हालांकि परिवहन विभाग के अधिकारी इसके पीछे तर्क दे रहे हैं कि दिवाली पर छात्र-छात्राओं के अवकाश की वजह से इनकी संख्या बढ़ी है. साथ ही संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट में जुर्माना बढ़ने की खबरों के कारण भी लोग अधिक संख्या में लाइसेंस बनवा रहे हैं. हालांकि सबसे जरूरी यह है कि लाइसेंस आवेदन के लिए 2 माह की डेट ओपन की जाएं, जिससे आमजन को लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए सुविधा मिल सके. 

... संवाददाता काशीराम चौधरी की रिपोर्ट 


 

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