नई दिल्ली राज्यसभा में अपने विदाई भाषण में बोले गुलाम नबी आजाद- मुझे हिन्दुस्तानी मुसलमान होने का गर्व है

राज्यसभा में अपने विदाई भाषण में बोले गुलाम नबी आजाद- मुझे हिन्दुस्तानी मुसलमान होने का गर्व है

नई दिल्ली: राज्यसभा में अपने विदाई भाषण पर बोलते हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मुझे हिंदुस्तानी मुसलमान होने पर गर्व है. आजाद ने कहा कि मैं उन सौभाग्यशाली लोगों में से हूं, जो कभी पाकिस्तान नहीं गया. जब मैं पाकिस्तान में परिस्थितियों के बारे में पढ़ता हूं, तो मुझे एक हिंदुस्तानी मुस्लिम होने पर गर्व महसूस होता है. मुस्लिम देश आपस में लड़कर खत्म हो रहे हैं. 

मैंने गांधी, नेहरू और आजाद को पढ़ा: 
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मैं 41 साल से सार्वजनिक जीवन में हूं. मैंने गांधी, नेहरू और आजाद को पढ़ा है. आजाद ने कहा कि मैं संजय गांधी और इंदिरा गांधी का आभार हूं. मैंने पांच-पांच अध्यक्षों के साथ काम करने को मौका मिला. मैं जहां भी गया वहां मुझे बहुत प्यार मिला. आजाद ने कहा कि इंदिरा जी मुझे और फोतेदार को बताती रहती थीं कि अटल जी से संपर्क रहा करो.

आतंकी हमला याद कर गुलाम नबी आजाद भावुक हो गए:
वहीं इस दौरान 15 साल पुराना एक आतंकी हमला याद कर गुलाम नबी आजाद भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि मेरी दुआ है कि यह आतंकवाद खत्म हो जाए. साथ ही कश्मीरी पंडितों और अपने 41 साल के संसदीय जीवन को याद कर गुलाम नबी आजाद ने कहा- 

गुजर गया वो जो छोटा सा इक फसाना था,
फूल थे, चमन था, आशियाना था,
न पूछ उजड़े नशेमन की दास्तां,
न पूछ थे चार दिन के मगर नाम आशियाना तो था.

इसके बाद उन्होंने एक और शायरी पढ़ते हुए कहा-

आजाद ने कहा- आजाद ने कहा कि बदलेगा न मेरे बाद मौजू-ए-गुफ्तगू,
मैं जा हूंगा, मगरररर तेरी महफिलों में रहूंगा.

बता दें कि इससे पहले उनके विदाई भाषण में पीएम ने कहा कि मैं अपने अनुभवों और स्थितियों के आधार पर गुलाम नबी आजाद जी का सम्मान करता हूं. मुझे यकीन है कि उनकी दया, शांति और राष्ट्र के लिए प्रदर्शन करने का अभियान उन्हें हमेशा चलता रहेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे चिंता इस बात की है कि गुलाम नबी जी के बाद जो भी इस पद को संभालेंगे, उनको गुलाम नबी जी से मैच करने में बहुत दिक्कत पड़ेगी. क्योंकि गुलाम नबी जी अपने दल की चिंता करते थे, लेकिन देश और सदन की भी उतनी ही चिंता करते थे. इतना ही नहीं राज्यसभा में गुलाम नबी आजाद का जिक्र कर भावुक हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में उन्हें सैल्यूट भी किया.  
 

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