देहरादून Uttarakhand Glacier Burst: आपदा के कारणों की जांच के लिए 2 विशेषज्ञ पैनल रैंणी के लिए हुए रवाना

Uttarakhand Glacier Burst: आपदा के कारणों की जांच के लिए 2 विशेषज्ञ पैनल रैंणी के लिए हुए रवाना

Uttarakhand Glacier Burst: आपदा के कारणों की जांच के लिए 2 विशेषज्ञ पैनल रैंणी के लिए हुए रवाना

देहरादून: उत्तराखंड के चमोली जिले में सात फरवरी को आई प्राकृतिक आपदा के कारणों और उसके प्रभावों का परीक्षण करने के लिए हाल ही में दो विशेषज्ञ पैनल आपदाग्रस्त रैंणी गांव के लिए रवाना हो गए है. गौरतलब है कि ऋषिगंगा घाटी में अचानक आई बाढ़ में 205 लोग लापता हो गए थे जबकि उत्पादनरत ऋषिगंगा जलविद्युत परियोजना तबाह हो गई थी तथा एनटीपीसी की तपोवन-विष्णुगाड जलविद्युत परियोजना को भारी क्षति पहुंची थी.

पहला पैनल अध्ययन और दूसरा आकलन करेगा

आपदा के बाद से चलाए जा रहे बचाव एवं राहत अभियान में अब तक 77 शव बरामद हो चुके हैं. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा गठित ये दोनों पैनल एक सप्ताह तक रैंणी गांव में ही रहेंगे और आपदा के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करेंगे. आधिकारिक सूत्रों ने बताया है कि विशेषज्ञों का एक पैनल ऋषिगंगा और धौलीगंगा नदियों के उपरी हिस्से में आई बाढ़ के संभावित कारणों का अध्ययन करेगा जबकि दूसरा पैनल निचले इलाकों में उसके प्रभाव का आंकलन करेगा. 

सीएम रावत ने की विशेषज्ञों के साथ बैठक

इस संबंध में प्रदेश के राज्य आपदा प्रबंधन मंत्री धनसिंह रावत ने विशेषज्ञों के साथ एक बैठक की थी. ये पैनल इस तरह की आपदाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक रणनीति की सिफारिश के साथ अपनी रिपोर्ट केंद्र और राज्य सरकारों को सौंपेगे.

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