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Good News : सीएम गहलोत ने अति पिछड़ा वर्ग के लिए 1025 अतिरिक्त पदों के सृजन को दी मंजूरी

Good News : सीएम गहलोत ने अति पिछड़ा वर्ग के लिए 1025 अतिरिक्त पदों के सृजन को दी मंजूरी

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा फैसला किया है. गहलोत ने वर्तमान में प्रक्रियाधीन भर्तियों में अति पिछड़ा वर्ग को 5 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए 1025 अतिरिक्त पदों के सृजन की मंजूरी दे दी है. कार्मिक विभाग ने ऐसे 17 विभागों जिनमें 31 विभिन्न प्रकार के पदों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन हो चुका है, उनमें अतिरिक्त पदों के सृजन के सम्बन्ध में प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा था. इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने गुरुवार को हरी झंडी दे दी।

अति पिछड़ा वर्ग को अधिक मौके:
मुख्यमंत्री के इस फैसले से अति पिछड़ा वर्ग के युवाओं को अधिक मौके मिलेंगे. जिन विभागों में अतिरिक्त पदों का सृजन हुआ है उन्हें भविष्य में निकलने वाली भर्तियों में रिक्त पदों के विरूद्ध समायोजित किया जाएगा. ऊर्जा विभाग में हैल्पर-2 के 94 पदों में से 15 पद आगामी वर्षों के रिक्त पदों के विरूद्ध समायोजित किए जाएंगे एवं 79 पद अतिरिक्त नवीन सृजित होंगे. 

अलवर मिनी सचिवालय भवन के लिए 10 करोड़:
सीएम गहलोत ने अलवर की पुरानी मांग को भी पूरी कर दी है. गहलोत ने अलवर जिला मुख्यालय पर मिनी सचिवालय भवन निर्माण के लिए 10 करोड़ रूपए के ब्याज मुक्त ऋण को मंजूरी दी है. इस ऋण राशि का पुनर्भुगतान यूआईटी अलवर द्वारा परिसंपत्तियों के विक्रय से प्राप्त होने वाली आय से आगामी 5 वर्षों में समान 6 माही किश्तों में किया जाएगा. प्रथम किश्त ऋण स्वीकृति की तिथि से एक वर्ष बाद प्रारम्भ होगी. नियमित किश्तों में देरी की अवधि के लिए 18 प्रतिशत प्रतिवर्ष ब्याज देय होगा. उल्लेखनीय है कि अलवर में मिनी सचिवालय भवन निर्माण का मामला काफी समय से लम्बित था. वर्ष 2010-11 के बजट में इसकी घोषणा की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था. अब गहलोत की स्वीकृति के बाद जल्द ही अलवर में मिनी सचिवालय भवन देखने को मिलेगा. 

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जयपुर: प्रदेश में 2500 स्वयंसेवक (volunteer) सहित स्थाई होमगार्ड (home guard) भर्ती की राह खुल गई है. अब अभ्यर्थी 10 जून से 9 जुलाई तक फॉर्म भर सकते हैं. पहले भी विभाग ने विज्ञप्ति जारी की थी लेकिन लॉकडाउन के चलते रोक लग गई थी. ऐसे में अब भर्ती की राह खुलने से अभ्यर्थी उत्साहित नजर आ रहे हैं. 

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इसके लिए विभाग में तैयारियां भी शुरू हो गई हैं. इसके अलावा होमगार्ड (home guard) के स्थाई पदों को भरा जाएगा. ताकि गृह रक्षा विभाग (home guards) में स्टाफ की कमी नहीं रहे. अस्थाई होमगार्ड के कल्याण के लिए भी विभाग ने नवाचार किया है. 

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ऐसे होमगार्ड जिनकी आयु 55 वर्ष हो चुकी है वे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (retirement) ले सकते हैं. उनके पुनर्वास और कल्याण (welfare) के लिए 1.50 लाख रुपए भी दिए जाएंगे. इससे वे व्यापार या आजीविका का कोई साधन तैयार कर सकेंगे. 
 

आरपीएससी सचिव, निदेशक माध्यमिक शिक्षा को हाईकोर्ट का नोटिस

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जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा 2018 की उत्तर कुंजी जारी नहीं करने और कटऑफ मार्क्स नहीं बताने पर आरपीएससी सचिव, माध्यमिक शिक्षा निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. जस्टिस एस पी शर्मा की एकलपीठ ने शंकरलाल व अन्य की ओर से दायर याचिका पर ये आदेश दिये है. अदातल ने नोटिस जारी कर 9 जून तक जवाब पेश करने के आदेश दिये है.

2 साल बाद भी कॉलेजियम का ही इंतजार, लॉकडाउन के बाद Rajasthan High Court के सामने जजों की कमी होगी बड़ी चुनौति 

अंतिम परिणाम में याचिकाकर्ताओं को बाहर कर दिया: 
आरपीएससी की ओर से एडवोकेट आरपी सैनी ने अदालत को बताया कि आरपीएससी ने वर्ष 2018 में वरिष्ठ अध्यापक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था. भर्ती परीक्षा के बाद दो गुणा अभ्यर्थियों की अस्थायी चयन सूची में याचिकाकर्ताओं का नाम भी शामिल था लेकिन फरवरी 2020 में जारी किये गये अंतिम परिणाम में याचिकाकर्ताओं को बाहर कर दिया. आयोग ने अंतिम चयन सूची जारी किए जाने के तीन महीने बाद भी भर्ती परीक्षा की उत्तरकुंजी और कटआर्फ मार्क्स की जानकारी नही दी जा रही है. 

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जयपुर: कोरोना महामारी के बची मार्च माह में स्थगित की गयी 10 वीं और 12 वीं की बोर्ड परीक्षाओं को ओर अधिक समय के लिए स्थगित करने से राजस्थान हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है. पब्लिक अगेस्ट करप्शन संस्था की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश् इन्द्रजीत महांति और जस्टिस सतीश शर्मा की खण्डपीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिये है कि वो केन्द्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा जारी कि गयी गाईडलाईन की सख्ती से पालना कराते हुए परीक्षाओं का आयोजन कराये. गौरतलब है एडवोकेट पूनमचंद भण्डारी ने पब्लिक अगेस्ट करप्शन संस्था की ओर से जनहित याचिका दायर करते हुए राज्य में कोरोना वायरस के बढते संक्रमण के चलते आरबीएसई और सीबीएसई की 10 और 12 वी की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित करने की गुहार लगायी थी. याचिका में कहा गया कि प्रदेशभर में अगर 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं कराई जाती है तो इससे कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा. संस्था की ओर से अधिवक्तता पूनमचंद भंडारी, टीएन शर्मा और अन्य अधिवक्ताओं ने पैरवी की.

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25 लाख स्टूडेंट्स और 2 लाख स्टाफ होगा शामिल:
याचिका में कहा गया है कि देशभर में होने वाली इन बोर्ड परीक्षाओं में करीब लाखों लाख स्टूडेंट्स और 3 लाख टीचर्स स्टाफ शामिल होंगे. वहीं राज्य में भी दोनो बोर्ड की परीक्षाओं में बड़ी तादाद में स्टूडेंट और टीचर्स शामिल होगे. इतने लोगों के परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित होने पर सोशल डिस्टेंसिंग की पालना संभव नहीं है. इसके अलावा परीक्षा से पूर्व इतने स्टूडेंट्स की जांच भी संभव नहीं है. उनके लिए करीब 80 हजार से ज्यादा वाहनों की जरूरत होगी. परीक्षा के लिए बड़ी मात्रा में पेपर और उत्तर पुस्तिकाओं को सेनेटाइज करना भी संभव नहीं है. ऐसे में परीक्षाओं को रद्द करके स्टूडेंट्स को अगली कक्षा में प्रमोट किया जाना चाहिए.

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जून माह में होगी बोर्ड परीक्षाएं:
राज्य में माध्यमिक शिक्षा की ओर से 10 वीं और 12वीं की बची हुई बोर्ड परीक्षाएं जून में ही होंगी. शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड परीक्षाओं की तैयारीया शुरू कर दी है. शुक्रवार केा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक के कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित की गई 10वीं और 12वीं परीक्षाओं को कराने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को समुचित व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं. सभी परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षार्थियों और अध्यापकों द्वारा मास्क तथा सेनिटाइजर के उपयोग की अनिवार्यता सुनिश्चित की जायेगी.  
 

VIDEO: जून में होगी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं, 31 मई के बाद भी जारी रहेगा रात्रिकालीन कर्फ्यू

जयपुर: राज्य सरकार ने कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित की गई 10वीं और 12वीं कक्षाओं के विभिन्न विषयों की बोर्ड परीक्षाएं कराने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री आवास पर देर शाम CM गहलोत व शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा के बीच हुई वार्ता के बाद फैसला लिया गया. 

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प्रदेश के स्टूडेंट्स के हित मे बड़ा फैसला लिया:  
मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रदेश के स्टूडेंट्स के हित मे बड़ा फैसला लिया है. CM ने 10वीं व 12वीं की शेष परीक्षा कराने पर मुहर लगा दी है. गहलोत ने शुक्रवार देर शाम को मुख्यमंत्री निवास पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया. इस निर्णय के बाद अब 10वीं और 12वी कक्षाओं के विभिन्न विषयों की शेष रही परीक्षाओं की तिथियों को कार्यक्रम राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा जारी किया जाएगा. बैठक में शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा, मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, शासन सचिव स्कूल शिक्षा मंजू राजपाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे. 

हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए:
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन परीक्षाओं के दौरान कोरोना महामारी के संदर्भ में जारी हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. सभी परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षार्थियों और अध्यापकों द्वारा मास्क तथा सैनिटाइजर का उपयोग किया जाएगा.  साथ ही, विद्यार्थियों को परीक्षा केन्द्र पर आवागमन और परीक्षा के दौरान सोशल डिस्टेसिंग के नियम की सख्ती से पालना करनी होगी. 

परीक्षा केन्द्रों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया:
गहलोत ने आवश्यकता के अनुसार परीक्षा केन्द्रों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया और कहा कि जिन स्कूल भवनों में क्वारंटाइन सुविधाएं संचालित की जा रही है, उन भवनों को परीक्षा से पहले तय प्रोटोकॉल के अनुसार सैनिटाइज किया जाए तथा वहां स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों की सम्पूर्ण व्यवस्था की जाए. सीबीएसई बोर्ड के बाद अब राज्य सरकार ने भी माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की शेष परीक्षा कराने का फैसला किया है इस फैसले से प्रदेश के स्टूडेंट्स ने राहत की सांस ली है. 

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31 मई के बाद भी प्रदेशभर में रात्रिकालीन कर्फ्यू जारी रहेगा:
वहीं 31 मई के बाद भी प्रदेशभर में रात्रिकालीन कर्फ्यू जारी रहेगा. यानी शाम 7 से सुबह 7 बजे तक इमरजेंसी सेवाओं के अलावा सबकुछ बंद रहेगा. इसके साथ ही सीएम गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुप्रीम कोर्ट की भावना के अनुरूप निजी अस्पतालों में कोरोना के निशुल्क इलाज के लिए एक एडवाइजरी जारी की जाए. जो भी अस्पताल इसका उल्लंघन करे, उसके विरुद्ध कार्रवाई का प्रावधान हो. गहलोत ने सीएम निवास पर कोरोना संक्रमण को लेकर हुई उच्च स्तरीय बैठक के दौरान ये अहम फैसले किए. 

स्कूल शिक्षा परिवार का बड़ा निर्णय, अब निजी स्कूल एक साथ नही लेंगे फीस

स्कूल शिक्षा परिवार का बड़ा निर्णय, अब निजी स्कूल एक साथ नही लेंगे फीस

जयपुर: एक बार फिर फर्स्ट इंडिया जनता की आवाज़ बना. निजी स्कूलों की ओर 3 महीने की एक साथ फीस जमा कराने को लेकर फर्स्ट इंडिया ने प्रमुखता से ये मुद्दा उठाया. खबर के बाद अब परिजनों को राहत की सांस मिली है. 

-अब निजी स्कूल एक साथ नही लेंगे फीस
-स्कूल शिक्षा परिवार का बड़ा निर्णय
-शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा ने भी की निर्णय की तारीफ
-स्कूल शिक्षा परिवार से जुड़े है 30 हज़ार स्कूल

-अब 3 महीने की फीस दे सकेंगे 9 महीने में
-आगामी सत्र में स्कूल नही करेंगे फीस में बढ़ोतरी
-वही फीस माफ को लेकर बनाई जाएगी 3 सदस्यीय कमेटी
-कमेटी में प्रधानचार्य,शिक्षक और परिजन रहेंगे मौजूद

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स्कूल शिक्षा परिवार की ओर से आदेश जारी:
राजस्थान में अब निजी स्कूल 3 महीने की फीस एक साथ नही ले सकेंगे. इसके लिए अब स्कूल शिक्षा परिवार की ओर से शुक्रवार को आदेश जारी किए गए है, जिसमे 3 महीने की फीस 9 महीने के अंदर जमा कर सेकेंगे. वहीं इसके लिए 3 सदस्यीय कमेटी भी बनाई गई है जो कि ये निर्धारित करेगी कि फीस माफ की जाए या फिर नही इसके साथ ही आगामी सत्र से कोई भी निजी स्कूल अपनी फीस में बढ़ोतरी नही कर सकेगा.

फीस 9 महीने के अंतराल में देनी होगी:
साथ ही आगामी सत्र की फीस 9 महीने के अंतराल में देनी होगी. स्कूल शिक्षा परिवार समिति में प्रदेश के करीब 30 हज़ार स्कूल आते है जल्द ही स्कूल शिक्षा परिवार की ओर से हेल्प लाइन नम्बर भी जारी किये जायेंगे जिससे परिजन अपनी समस्या आसानी से समिति को बता सकेंगे साथ ही अगर कोई स्कूल फीस एक साथ लेता है तो उस पर कार्यवाही भी की जाएगी.

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सहकारिता विभाग में 132 कनिष्ठ सहायक के पद पर चयनित अभ्यर्थियों की 1 से 3 जून तक होगी पात्रता जांच

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जयपुर: रजिस्ट्रार नरेशपाल गंगवार ने बताया कि प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा सहकारिता विभाग को आवंटित 132 कनिष्ठ सहायक के पद पर चयनित अभ्यर्थियों की पात्रता, शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य दस्तावेजों का सत्यापन 1 जून से 3 जून तक सहकार भवन में किया जायेगा. 

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गंगवार ने बताया कि सूची की क्रम संख्या 1 से 45 तक चयनित अभ्यर्थी 1 जून को, क्रम संख्या 46 से 90 तक के अभ्यर्थी 2 जून को तथा क्रम संख्या 91 से 127 (1 से 5 टीएसपी अभ्यर्थी) तक के अभ्यर्थी 3 जून को नेहरू सहकार भवन में प्रातः 11.00 बजे काउंसलिंग के लिये अपनी उपस्थिति देंगे. उन्होंने बताया कि प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा विभाग को आवंटित कनिष्ठ सहायकों की सूची विभागीय वेबसाइट http://www.rajsahakar.rajasthan.gov.in/ पर अपलोड की गई है.

10वीं, 12वीं व विश्वविद्यालय की परीक्षा पर आज होगा फैसला, 15 जून के बाद कभी भी हो सकती परीक्षाएं 

रजिस्ट्रार ने बताया कि आवंटित दिनांक के अनुसार चयनित अभ्यर्थी अपने साथ सभी दस्तावेजों/प्रमाण पत्रों शैक्षणिक योग्यता, प्रशैक्षणिक योग्यता (कम्प्यूटर संबधी), आयु व अन्य किसी छूट (एससी/एसटी/ओबीसी/एमबीसी/दिव्यांग आदि) के सबंध में आवश्यक मूल प्रमाण पत्र एवं सभी दस्तावेजो/प्रमाण पत्रों (उच्च माध्यमिक परीक्षा प्रमाण पत्र सहित) कि सत्य प्रतियां एवं 2 चरित्र प्रमाण पत्रों (सक्षम अधिकारी द्वाराप्रमाणित) तथा जिला आवंटन हेतु सहमति पत्र संयुक्त रजिस्ट्रार (प्रशासन) को उपलब्ध करायेंगे. 

10वीं, 12वीं व विश्वविद्यालय की परीक्षा पर आज होगा फैसला, 15 जून के बाद कभी भी हो सकती परीक्षाएं

10वीं, 12वीं व विश्वविद्यालय की परीक्षा पर आज होगा फैसला, 15 जून के बाद कभी भी हो सकती परीक्षाएं

जयपुर: कोरोना महामारी के संक्रमण के चलते स्थगित हुई परीक्षाओं पर आज फैसला किया जाएगा. 1st इंडिया को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 15 जून के बाद कभी भी परीक्षाएं हो सकती है. मुख्यमंत्री गहलोत इस संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अहम मीटिंग करेंगे. इस वीसी में उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा और तकनीकी शिक्षा मंत्री सुभाष गर्ग भी भाग लेंगे. इसके साथ ही विभागों से जुड़े अधिकारी भी वीसी में भाग लेंगे. 

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10वीं, 12वीं व विश्वविद्यालय की परीक्षा पर होगा फैसला: 
सुबह 11:30 बजे होने वाली VC का समय बदला गया है. शिक्षा विभाग की मीटिंग अब दोपहर बाद होगी. इस दौरान 10वीं, 12वीं व विश्वविद्यालय की परीक्षा पर फैसला किया जाएगा. इससे पहले विश्वविद्यालय की परीक्षा 19 मार्च और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं 20 मार्च से स्थगित कर दी गई थीं. पहले ये परीक्षाएं 31 मार्च तक स्थगित की गई थी, लेकिन लॉकडाउन बढ़ने के बाद इन पर अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया.

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मुख्य विषयों की परीक्षाओं पर ही हो सकता है निर्णय:
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्य विषयों की परीक्षाओं पर ही कोई निर्णय हो सकता है. अन्य वोकेशनल विषयों की परीक्षाओं पर सीबीएसई की तरह निर्णय भी किया जा सकता है. 


 

राज्य के आईटी विभाग में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दी नौकरी, हाईकोर्ट ने दिए ये आदेश

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जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के आईटी विभाग में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी देने के मामले में मौखिक टिप्पणी करते हुए याचिकाकर्ता से पूछा कि आखिर इस मामले में एफआईआर दर्ज क्यो नहीं करायी. मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस सतीश शर्मा की खण्डपीठ ने याचिकाकर्ता रोहिताश सारस्वत की जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए एप्रोपिएट अधिकारी के समक्ष प्रतिवेदन देने के निर्देश दिये है.

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विभाग ने फर्जीवाड़ा करके दी नियुक्तियां: 
याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट पूनम चंद भंडारी ने अदालत को बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग ने राज्य के आईटी विभाग में एनालिस्ट कम प्रोग्रामर और उप निदेशक के पदों के लिए भर्ती निकालते हुए 2013-2014 में नियुक्तियां दी गई. लेकिन विभाग ने फर्जीवाड़ा करके उन लोगों को भी नियुक्तियां दे दी जो प्रतियोगी परीक्षा में फेल हो गए या जिन्होने फर्जी दस्तावेज पेश किए.

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अन्य पिछडा वर्ग में नियम विरुद्ध नियुक्ति दे दी:
भंडारी ने याचिका में एक प्रत्याशी पराग कच्छवा की जानकारी देते हुए अदालत को बताया कि सामान्य वर्ग का प्रत्याशी को जो परीक्षा में असफल रहा उसे अन्य पिछडा वर्ग में नियम विरुद्ध नियुक्ति दे दी गई. बहस सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस सतीश शर्मा की खण्डपीठ ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिए कि वह एप्रोप्रिएट अथोरिटी को संपूर्ण दस्तावेजों के साथ रिप्रेजेंटेशन प्रस्तुत करें जिसको अधिकारी कन्सीडर करें व कानून के अनुसार उचित समय सीमा में कार्यवाही करें. 

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