VIDEO: प्रदेश के पर्यटन के लिए अच्छी खबर, जुलाई की अपेक्षा अगस्त में 3 गुना पर्यटक

VIDEO: प्रदेश के पर्यटन के लिए अच्छी खबर, जुलाई की अपेक्षा अगस्त में 3 गुना पर्यटक

जयपुर: प्रदेश के पर्यटन उद्योग के लिए अच्छी खबर है. कोरोना संक्रमण के ख़ौफ़ पर पर्यटन जीत की ओर आगे बढ़ रहा है. अगस्त के महीने में प्रदेश में पर्यटकों की संख्या 55 हजार से ज्यादा रही. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि नए पर्यटन सत्र में इस संख्या में और इजाफा होगा. इससे न केवल प्रदेश के पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलेगी वरन पर्यटन से जुड़े लाखों लोग जो कोरोना की चपेट में आकर बेरोजगार हो गए थे उन्हें भी एक बार फिर अपने पसंदीदा रोजगार से जुड़ने का मौका मिलेगा. 

राजधानी के स्मारक प्रसिद्धि हासिल कर चुके:
राजस्थान को पर्यटन का प्रदेश माना जाता है. राजधानी जयपुर के स्मारक देश और दुनिया में इतनी प्रसिद्धि हासिल कर चुके है की गूगल पर भी एक क्लिक करो तो एक-एक स्मारक के लाखों पेज खुल जाते हैं. प्रदेश में पर्यटन ढांचा इतना मजबूत हुआ करता था जिस पर स्वाइन फ्लू, जीका, एंथ्रेक्स, सार्स और न जाने कितने वायरस आक्रमण कर चुके हैं लेकिन राजस्थान के पर्यटन ढांचे को टस से मस भी नहीं कर पाए. लेकिन इस बार देश और प्रदेश के पर्यटन पर जिस कोरोना नाम के वायरस ने हमला किया है उसके आगे प्रदेश प्रदेश का पर्यटन ढांचा दरकता दिखाई दे रहा है. 

कोरोना के चलते पर्यटन उद्योग को अरबों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा:
कोरोना संकट के चलते प्रदेश में 18 मार्च को सभी पर्यटन स्थल जिनमें मॉन्यूमेंट, म्यूजियम, नेशनल पार्क, बायोलॉजिकल पार्क, सफारी सभी को बंद कर दिया गया था. यही नहीं टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े तमाम स्टेक होल्डर जिनमें होटल, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट्स, हाथी गांव जैसे तमाम पर्यटन से जुड़े स्थलों को भी बंद कर दिया गया था. इससे पर्यटन उद्योग को अरबों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा. आखिर अनलॉक वन में 1 जून को प्रदेश के पर्यटन स्थलों को शुरू कर दिया गया. इसके बाद 8 जून से तमाम होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन से जुड़े अन्य स्थल भी सैलानियों के लिए खोल दिए गए. लेकिन 1 जून से 30 जून तक के पहले 1 महीने में पर्यटन स्थलों पर माहौल निराशाजनक ही रहा.  राजधानी में के कुल 8 स्मारक और संग्रहालयों पर 1 महीने में महज 5269 पर्यटक पहुंचे. जबकि राजधानी के बाहर के प्रदेश के मॉन्यूमेंट और म्यूजियम जिनकी संख्या 24 है उन पर महज 3537 पर्यटक ही 1 महीने में पहुंचे. इसके बाद प्रदेश में मानसून आने के साथ ही पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है.

मानसून ने पर्यटन स्थलों को भी एक बार फिर गुलजार कर दिया:
यह अलग बात है कि जुलाई में पर्यटकों का आगमन अपेक्षित स्तर पर नहीं पहुंचा था लेकिन अगस्त में मानसून की जोरदार बरसात में पर्यटन स्थलों को भी एक बार फिर गुलजार कर दिया और जुलाई की अपेक्षा अगस्त में पर्यटकों की संख्या में 3 गुना से ज्यादा का इजाफा हुआ. सैलानियों की संख्या बढ़ने से होटल रेस्टोरेंट इंडस्ट्री के चेहरे पर थोड़ी रौनक लौटी है. जुलाई महीने में प्रदेश में कुल 19326 पर्यटक आए इनमें से 12665 राजधानी जयपुर के पर्यटन स्थलों पर पहुंचे जबकि 6661 में प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों का दौरा किया. प्रदेश में जून में महज 8806 पर्यटक ही पहुंचे थे. पहले महीने में 8806 और दूसरे महीने में 19326 पर्यटकों का आंकड़ा इसलिए भी निराशाजनक है क्योंकि आमतौर पर  सीजन में इतने पर्यटक महज एक दिन में राजधानी में दिखाई देते रहे हैं. लेकिन अगस्त आते आते प्रदेश में मानसून की बरसात में भी तेजी में और पर्यटन स्थल भी पावणो से आबाद नजर आए. अगस्त में राजधानी के पर्यटन स्थलों पर जहां 42 हजार 600 पर्यटक आए वही राजधानी के बाहर के पर्यटन स्थलों पर यह संख्या 13 हजार 93 के स्तर तक पहुंची. राजधानी में अगस्त में सर्वाधिक पर्यटक नाहरगढ़ और विश्व विरासत में शुमार आमेर में पहुंचे. आमेर में पर्यटकों की संख्या 15 हजार रही जबकि नाहरगढ़ यह आंकड़ा 17 हजार से ज्यादा के स्तर पर रही.

पर्यटन उद्योग से जुड़े हुए 10 लाख से ज्यादा लोग:
राजधानी के बाहर सर्वाधिक संख्या पर्यटक अलवर, गागरोन किला,  चित्तौड़ में पर्यटकों रही. प्रदेश में पर्यटन उद्योग से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से 10 लाख से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं जिनमें छोटे-छोटे वेंडर, हॉकर से लेकर गाइड, महावत, लोक कलाकार और बड़े स्तर पर होटल, रिसोर्ट संचालक तक शामिल हैं. कोरोना संक्रमण का इन सभी पर बुरा असर हुआ है अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश के बाद प्रदेश के पर्यटन के प्रमुख सचिव आलोक गुप्ता सहित तमाम अधिकारी इस प्रयास में जुटे हुए हैं कि प्रदेश में सुरक्षित और स्वास्थ्य पर माहौल तैयार कर पर्यटन को वापस मुख्यधारा में लाया जाए. सभी का प्रयास है 1 सितंबर से शुरू हुए पर्यटन सत्र में प्रदेश में इस तरह का माहौल तैयार किया जाए जिससे घरेलू पर्यटक ज्यादा से ज्यादा संख्या में राजस्थान आएं. 
 

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