कुंभ में सरकारी विभागों ने किया मां गंगा के साथ छल

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/30 11:34

कानपुर। केंद्र और राज्य सरकार ने गंगा को निर्मल बनाने के लिए बड़े बड़े दावे किए लेकिन जांच में सामने आ रहा है कि पवित्र कुंभ स्नान में सरकारी विभागों के द्वारा मां गंगा के साथ छल किया गया है। साथ ही सरकार को गुमराह करने का काम भी किया गया है, जिन अफसरों पर सरकार भरोसा जताती है वही अफसर माँ गंगा के साथ गुनाह करने में कमी नही छोड़ी। ऐसे में गंगा को प्रदुषण मुक्त बताने वाले अफसरों की एक झटके में पोल खुल गई है। 

जल कल विभाग में हुई गंगा की जांच रिपोर्ट में बैक्टीरिया की जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य मिले है।  प्रति 100 मिली लीटर गंगा जल में करीब 24 लाख कोलीफार्म बैक्टीरिया पाए गए है । इतना ही नही पानी मे हानिकारक रसायन नाइट्राइट 0.2.0.3.मिलीग्राम प्रतिलीटर मिला है । ऐसे में शासन को भेजी जा रही रिपोर्ट और हकीकत रिपोर्ट में काफी अंतर नजर आ रहा है। जब इस विषय में क्षेत्रीय प्रबंधक उप नियंत्रण बोर्ड के कुलदीप मिश्रा से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि गंगा की लगातार देख रेख की जा रही है। नियमित रिपोर्ट भी शासन को भेजी जा रही प्रदूषण फैलाने वाले औधोगिक इकाइयां पर विभाग द्वारा कड़ी नजर रखी जा रही है।

वहीं प्रदूषण नियंत्रण को लेकर आरके अग्रवाल महाप्रबंधक गंगा प्रदूषण इकाई जल निगम ने भी कमी नही छोड़ी । उनका कहना है कि 16 नालो में से पांच नाले बायो रेमेडीएसन में ट्रीट हो रही है शेष नाले टेप है । गंगा एक्सन पल 4 फर्स्ट और सेकंड फेस में ट्रीटमेंट के बाद क्लोरीनेशन का प्रावधान नही है । इस वजह से बैक्टीरिया की कुल मात्रा मिल सकती है। इसके चलते अगले चरण में कार्य योजना बनाकर इसका निस्तारण किया जाएगा । 

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