श्रम सुधार व कौशल विकास को लेकर सरकार संवेदनशील- टीकाराम जूली

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/09/19 04:05

जयपुर: किसी भी राज्य के औद्योगिक विकास में कुशल श्रमिक व बेहतर श्रम कानून का खासा योगदान रहा है. श्रम कानून में संशोधन के लिए देश भर में राजस्थान की पहचान है. श्रम सुधार को गति देने व राज्य के युवाओं के कौशल विकास के लिए सरकार भरपूर प्रयास कर रही है. इस कड़ी में कॉलेज के अंतिम वर्ष में पढ़ रहे छात्रों को कौशल विकास से जोड़ने की योजना शीघ्र ही शुरू होगी. इन छात्रों के लिए कौशल विकास की 39 में से किसी भी एक स्किल से जुड़ना अनिवार्य होगा. यह विचार गुरुवार को स्केलिंग राजस्थान कॉन्क्लेव-19 के उदघाटन सत्र में वक्ताओं ने प्रकट किए. 

न्यूनतम वेतन में संशोधन पर भी सरकार शीघ्र ही फैसला करेगी: 
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए राज्य के श्रम मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि न्यूनतम वेतन में संशोधन पर भी सरकार शीघ्र ही फैसला करेगी. मौजूदा वेतन में परिवर्तन के लिए विभिन्न मापदण्ड बनें हैं. इन मापदण्डों के अध्ययन के लिए गठित समिति की अनुसंशा के बाद सरकार इस संबंध में अपना फैसला करेगी. उन्होंने कहा कि राज्य में लगने वाली नई इकाइयों में स्थानीय लोगों को अधिक रोजगार मिले, इसके भी प्रयास किए जा रहे हैं. स्थानीय लोगों को अधिक रोजगार के अवसर मिल सके इसके लिए बकायदा कानून बनाया जाएगा. 

श्रम कानूनों के सरलीकरण की प्रक्रिया जारी: 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य के श्रम व कौशल विकास सचिव नवीन जैन ने बताया कि राज्य में श्रम कानूनों के सरलीकरण की प्रक्रिया जारी है. श्रमिक हितों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए सरकार की पहल जारी है. इसी का असर है कि राज्य में श्रम कानूनों की अनुपालना में न केवल तेजी आई हैं, बल्कि कानून की पालना पर भी पूरा फोकस किया जा रहा है. कार्यक्रम में कौशल विकास से जुड़े अनेक शिक्षण संस्थाओं के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में युवा छात्र-छात्राएं और उद्यमी भी मौजूद रहे. 

...विमल कोठारी, फर्स्ट इण्डिया न्यूज


 

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