शराब के काले गठजोड़ पर सरकार का जोरदार प्रहार, ओवर रेट के 173 मामले पकड़े

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/24 09:54

जयपुर: गहलोत सरकार ने आखिर शराब के काले गठजोड़ पर जोरदार प्रहार कर ही दिया. सीएमओ से मिले निर्देश के बाद प्रदेश के 5 जिलों के 15 सर्किल में डिकॉय ऑपरेशन करवाया गया जिसमें ओवर रेट के 173 मामले पकड़े गए. अब संबंधित आबकारी वृत निरीक्षकों को 16 और 17 सीसीए के नोटिस जारी कर दिए गए हैं. 

शराब लाइसेंसी उपभोक्ताओं से अधिक कीमत वसूल रहे: 
मार्च में हुए नए आबकारी बंदोबस्त के बाद से ही मुख्यमंत्री कार्यालय को लगातार इस बात की शिकायत मिल रही थी कि प्रदेश में शराब लाइसेंसी उपभोक्ताओं से अधिक कीमत वसूल रहे हैं. दुकानों पर रेट लिस्ट भी चस्पा नहीं है और समय सीमा का भी उल्लंघन हो रहा है. इन शिकायतों के बाद आखिर वित्त विभाग अतिरिक्त मुख्य सचिव निरंजन आर्य और एफएसआर डॉ पृथ्वी ने डिकॉय ऑपरेशन का ताना-बाना बुना. 22 अगस्त को राजस्थान स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन, गंगानगर शुगर मिल, वाणिज्य कर विभाग, लेखा विभाग और एसडीआरआई के अधिकारियों की 64 टीमें बनाई गई जिन्होंने जयपुर शहर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर और अलवर में शराब दुकानों का बोगस ग्राहक बनकर औचक निरीक्षण किया. इस दौरान 5 जिलों के 15 सर्किल में 173 दुकानों पर ओवर रेट के मामले बनाए गए. सर्वाधिक 93 मामले जयपुर शहर में, जोधपुर में 24, अलवर में 21, उदयपुर में 20 और अजमेर में 15 मामले बनाए गए. अब इन सभी 15 सर्किल के आबकारी निरीक्षकों को 16 और 17 सीसीए का नोटिस जारी कर उन पर विभागीय कार्रवाई शुरू करने के आदेश जारी कर दिए हैं.  

विभाग ने टोल फ्री नंबर जारी किया: 
मीडिया से मुखातिब होते हुए एफएसआर डॉ पृथ्वी ने कहा कि भविष्य में दोबारा ओवर रेट के मामले पाए गए तो संबंधित जिला आबकारी अधिकारी और अतिरिक्त आबकारी आयुक्त के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी. ओवर रेट के मामले न हो इसके लिए विभाग ने टोल फ्री नंबर जारी किया है साथ ही एक मोबाइल एप तैयार किया जा रहा है जिसमें शराब के करीब 900 ब्रांड की दरें पता लग जाएंगी जिससे उपभोक्ता ऑनलाइन शिकायत कर सकेगा. इसके अलावा जिन दुकानों पर ओवर रेट के मामले बने हैं उन पर ओवरेट का आकलन करवाया जा रहा है ताकि उनसे वसूली की जा सके. 

उपभोक्ताओं की जेब पर डाला जा रहा डाका:
दरअसल शराब कारोबारी और आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से प्रदेश में उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डाला जा रहा था. मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायतों का अंबार लग चुका था ऐसे में यह जरूरी था कि एक बड़ा ऑपरेशन किया जाए ताकि शराब कारोबारी और आबकारी विभाग की मिलीभगत के काले गठजोड़ को तोड़ा जा सके. ताजा ऑपरेशन के बाद उम्मीद की जानी चाहिए कि प्रदेश में अब शराब कारोबार को मिल रही खुली छूट बंद होगी और उपभोक्ता की जेब नहीं कटेगी.  

...सहयोगी ऋतुराज शर्मा के साथ निर्मल तिवारी फर्स्ट इंडिया न्यूज़, जयपुर

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in