राज्यपाल कलराज मिश्र ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का एरियल सर्वे

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/09/21 02:20

कोटा: बड़े बांधों के सारे गेट खुलने से चम्बल किनारे बसे कोटा समेत पूरे हाड़ौती अंचल में बाढ़ जनित तबाही का राज्यपाल कलराज मिश्र ने आज हवाई मंजर देखा और हेलिकॉप्टर से कोटा-बारां-बूंदी-झालावाड़ के अलावा सवाईमाधोपुर और धौलपुर तक के बाढ़ प्रभावित इलाकों का एरियल सर्वे किया. राज्यपाल ने इसके बाद कोटा एयरपोर्ट पर उतरकर राज्य अपदा सचिव और कोटा संभागीय आयुक्त से बाढ़ बचाव कार्यो के अलावा मौजूदा समय में चलाये जा रहे राहत और पुर्नवास कार्यक्रमों का फीडबैक लिया और कहा कि उनको मिली रिपोर्ट के मुताबिक बाढ़ ने इस इलाके में 22 हजार घरों को नुकसान पहुंचाया हैं लेकिन इस दौरान 20 हजार लोगों की जान भी प्रशासन की सक्रियता और SDRF-NDRF टीमों की कोशिशों के चलते बचायी जी सकी हैं. 

प्रत्येक बाढ़ पीड़ित परिवार के खाते में 3800 रुपये पहुंचेंगे: 
राज्यपाल ने इस दौरान बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिये स्वयंसेवी संस्थाओं और भामाशाहों से भी आगे आने की अपील की और पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवार भले ही किसी अनाधिकारिक या गैरकानूनी रुप से बसी अवैध बस्ती का बाशिंदा ही क्यों ना हो लेकिन फिलहाल तो वो संवेदना और मदद का पात्र हैं. इस मौके पर एक बड़ा ऐलान करते हुए राज्यपाल ने प्रत्येक बाढ़ पीड़ित परिवार के खाते में 3800 रुपये की तत्काल मदद राशि पहुंचाने की बात कही और राज्य सरकार की तरफ से चारों जिलों के लिये जारी 72 करोड़ की बाढ सहायता राशि के अलावा अपनी तरफ से भी गवर्नर फंड से 50 लाख की मदद राशि का ऐलान किया और कहा कि ये गवर्नर ग्रांट अनटाइड होगी. 

मौसमी बीमारियां फैलने का डर: 
हालांकि कोटा में बाढ़ का पानी अधिकतर जलभराव वाले इलाकों से उतर चुका हैं लेकिन अब दरकार तेजी से राहत और पुर्नवास अभियान चलाने की हैं और खुद राज्यपाल भी अपनी इस प्रेस कांफ्रेस में इस बात से चिंतित दिखे कि बर्बादी के निशान छोड़कर गयी बाढ़ के उतरने के बाद अब हाड़ौती के प्रभावित इलाकों में कहीं बीमारियां नहीं फैल जाए. अब देखने वाली बात यह होगी कि सीएम-गवर्नर के इन दौरों के बाद मदद की दरकार में बैठे बाढ़ प्रभावित के जख्मों पर मरहम लगाने में स्थानीय प्रशासन कितनी गंभीरता दिखा पाता हैं. 

... कोटा से भंवर एस. चारण की रिपोर्ट

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in