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राज्यपाल कलराज मिश्र ने जैसलमेर में भारतीय सेना के जवानों से की मुलाकात

राज्यपाल कलराज मिश्र ने जैसलमेर में भारतीय सेना के जवानों से की मुलाकात

जैसलमेर: राज्यपाल कलराज मिश्र ने जैसलमेर यात्रा के तीसरे दिन मंगलवार को भारतीय सेना के वार म्यूजियम का अवलोकन किया और सैनिकों का उत्साहवर्धन किया. राज्यपाल ने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी. राज्यपाल को आर्मी की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और ब्रिगेडियर द्वारा आर्मी की कैप पहनाई गई. 

सैनिकों से बातचीत कर बढ़ाया हौसला:
राज्यपाल ने जवानों के बीच पहुंचकर उनसे बातचीत की और हालचाल जाने. राज्यपाल ने सैनिकों के मूल निवास स्थान प्रदेश और कामकाज की विधाओं के बारे में पूछा. आत्मीयता के साथ बातचीत कर राज्यपाल मिश्र ने जवानों का दिल जीत लिया. राज्यपाल ने सैनिकों को अपनी ओर से मिठाई वितरित की और नव वर्ष की अग्रिम बधाई देते हुए शुभकामनाएं व्यक्त की. 

वार म्यूजियम और आर्मी एरिया का किया अवलोकन:
राज्यपाल को जवानों ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण सैन्य अनुभव, टैंक संचालन और विभिन्न तकनीकी पक्षों के बारे में अवगत कराया. खासकर अर्जुन टैंक सहित विभिन्न मोर्चो पर पराक्रम दिखाने वाले सैन्य उपकरण आदि से परिचित कराया और इनके संचालन से जुड़े अनुभवों के खास पहलुओं के बारे में जानकारी दी. राज्यपाल सैनिकों से अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं के साथ ही सुझाव के बारे में पूछा. सैनिकों ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि राज्यपाल को अपने बीच पाकर सैनिक अत्यंत प्रफुल्लित एवं गदगद अनुभव कर रहे हैं. जवानों ने राज्यपाल से आग्रह किया की इसी तरह उनके बीच आकर हौसला बढ़ाते रहें. राज्यपाल के साथ सैनिकों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के गगनभेदी उद्घोष लगाए. 

म्यूजियम की अवधारणा ऐतिहासिक:
राज्यपाल ने आर्मी एरिया का निरीक्षण किया. ब्रिगेडियर व सैन्य अधिकारियों ने राज्यपाल को जैसलमेर आर्मी एरिया से संबंधित गतिविधियों संसाधनों आदि के बारे में विस्तार से अवगत कराया. राज्यपाल ने कहा कि 'वाॅर म्यूजियम' को बेहतरीन तरीके से व्यवस्थित किया गया है. भारतीय सेना के इतिहास को रेखांकित करने वाले इस म्यूजियम की अवधारणा ऐतिहासिक है. हमारी भावी पीढियां इस गौरवशाली धरोहर से राष्ट्र रक्षा के इतिहास को जान सकेंगी. राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को मैं नमन करता हूं, राष्ट्र सर्वोपरि है. उन्होंने कहा कि भारत की एकता, अखण्डता और सुरक्षा को बनाये रखने के लिए सीमा पर तैनात भारतीय सेना के सैनिकों को मैं सलाम करता हूं. भारतीय सेना ने देश की सुरक्षा के लिए मजबूत व्यवस्था कर रखी है. मैं भारतीय सेना के जवानों को नव वर्ष 2020 की बधाई देता हूं. नया साल हमारे देश की सुरक्षा, समृद्धि और खुशहाली के लिए सुखद रहे, ऐसी मैं कामना करता हूं.

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जैसलमेर: सरहदी जैसलमेर जिले में बुधवार को चुंधी गांव से शादी के बाद दुल्हन को लेकर लौट रही कार बोआ गांव के समीप टायर फटने से पलटी खा गई. इस हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि दूल्हा-दुल्हन गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें इलाज के लिए जोधपुर रैफर किया गया. जोधपुर में देर रात इलाज के दौरान दुल्हन सुशीला की मौत हो गई. जबकि दूल्हे की स्थिति गंभीर बनी हुई है. 

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आठ किलोमीटर पहले कार का अगला टायर फट गया:   
बोआ गांव निवासी ओमप्रकाश की बारात चुंधी गांव गई थी. वहां सुशीला के साथ शादी संपन्न होने पर दूल्हा-दुल्हन सहित तीन अन्य एक कार से वापस अपने गांव बोआ लौट रहे थे. आठ किलोमीटर पहले कार का अगला टायर फट गया. तेज रफ्तार के कारण कार बेकाबू हो गई और कई पलटी खा गई. दूल्हा-दुल्हन सहित उसमें सवार पांच जने अंदर फंस गए. बारात के साथ लौट रहे अन्य वाहनों से उतरे लोगों ने बड़ी मुश्किल से अंदर फंसे पांचों को बाहर निकाला. तब तक चंपाराम व तोगाराम की मौत हो चुकी थी. तीनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया. 

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दुल्हन सुशीला को भी नहीं बचाया जा सका:
जैसलमेर में इलाज के दौरान गोविन्दराम की भी मौत हो गई. जैसलमेर में प्राथमिक उपचार के पश्चात दूल्हा ओमप्रकाश व दुल्हन सुशीला को इलाज के लिए जोधपुर लाया गया. जोधपुर में देर रात इलाज के गंभीर रूप से घायल सुशीला को भी नहीं बचाया जा सका. जिससे पुरे गांव में जहा शादी की खुशी छाई हुई थी वहा मातम छा गया. 

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रामदेवरा(जैसलमेर): विरमदेवरा गांव में एक कृषि कुंए (ट्यूबवेल) पर कार्य करते वक्त करंट लगने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई. जिसमें एक महिला व दो पुरुष शामिल हैं. घटना सूचना मिलते ही रामदेवरा पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया. आज तीनों शवों का पोस्टमार्टम होगा. 

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पूरे रामदेवरा में फैली सनसनी:  
बिजली के करंट से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मौत होने ग्रामीण भी गहरे सदमे हैं. करंट से हुई घटना से पूरे रामदेवरा में सनसनी फैल गई. दर्दनाक हादसे में विरमदेवरा गांव निवासी हरचंद राम पुत्र जुगता राम, इन्द्रा राम पुत्र जुगता राम व मधु पत्नी इन्द्रा राम की हादसे में मौके पर ही करंट से दर्दनाक मौत हुई.  

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चीन की पाक सीमा से भारत को घेरने की कोशिश, पश्चिमी सीमा के पास बिछाया सड़कों का जाल, एयरपोर्ट भी बनाए

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जैसलमेर: लद्दाक क्षेत्र से लगती सीमा पर चीन लगातार भारत को आंख दिखाने की की हिमाकत करने के साथ लगातार भारतीय क्षेत्र घुसपैठ करने की नापाक कोशिश कर रहा हैं, लेकिन अब चीन ने पाकिस्तान की सीमा से भारत को पश्चिमी सीमा पर भी घेरने की जोरदार कोशिशे शुरु कर दी हैं. पाकिस्तान के रास्ते चीन की इस घेराबंदी में चाइना पाकिस्तान कॉरिडोर के जरिये पश्चिमी सीमा के निकट सड़को का जाल बिछा रहा हैं वरन जैसलमेर से लगती सीमा के सामने सीमा पार चल रहे तेल गैस के खोज कार्यो में अपने विशेषज्ञों को बैठा दिया हैं. इसके अलावा पश्चिमी सीमा के सामने कई नये एयरपोर्ट बनाये जाने की संभावना मिली हैं जिसमें कादनवाली प्रमुख रुप से शामिल हैं. 

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भारतीय खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का सबब: 
पश्चिमी सीमा पर अवस्थित जैसलमेर जिले से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के उस पार पाकिस्तान में सामरिक महत्व के निर्माण कार्य करवाया जाना निश्चित तौर पर भारतीय खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का सबब है. सूत्रों के अनुसार जैसलमेर जिले के ठीक सामने पाकिस्तान के सीमा क्षेत्र में चीन की कंपनियां पिछले लम्बे अर्से से तेल-गैस खोज के काम में जुटी हुई हैं और वहां चीनी इंजीनियर व तकनीशियन ही काम नहीं कर रहे बल्कि चीन के सुरक्षा गार्ड भी तैनात बताए जाते हैं. यहां मिल रही जानकारी के अनुसार चीन की मदद से पाकिस्तान ने इस सीमा क्षेत्र में चार एयरपोर्ट का निर्माण कर लिया है तथा करीब 350 बंकर बनाए जा चुके हैं.

बड़ी संख्या में चीन की मौजूदगी हमारी सुरक्षा के लिए खतरा: 
पाकिस्तान की यह जंगी तैयारियां जैसलमेर के लोंगेवाला और तनोट सीमा क्षेत्र के सामने करवाए जाने की जानकारी मिल रही है. पूर्व में पाकिस्तान 1965 और 1971 में इस पश्चिमी सीमा पर भारत के साथ युद्ध छेड़ चुका है. दोनों में उसे मुंह की खानी पड़ी थी. अब चूंकि चीन के साथ भारत के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं. ऐसे में भारत पश्चिमी राजस्थान के इस सीमा क्षेत्र को लेकर कतई निश्चिंत होकर नहीं बैठा है. देखा जाए तो कई सालों से सूनसान पड़े रेगिस्तान में चीन की दिलचस्पी और सामरिक ठिकानों को बनाने की ये कोशिश भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए हैरान-परेशान करने वाली है.  वहीं ये भी जानकारी मिली है कि कराची, जकोकाबाद, क्वेटा, रावलपिंडी, सरगोडा, पेशावर, मेननवाली और रिशालपुर जैसे एयरबेस को चीनी सैनिक अत्याधुनिक बना रहे हैं.  बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के पूर्व डीआईजी ब्रिगेडियर बी.के. खन्ना का इस बारे में कहना है कि भारत को पाकिस्तान नहीं बल्कि चीन को ध्यान में रखकर पश्चिमी सीमा पर तैयारी करनी चाहिए क्योंकि इस इलाके में बड़ी संख्या में चीन की मौजूदगी हमारी सुरक्षा के लिए खतरा है. 

पाकिस्तान की जमीन पर चाईना ने एयरपोर्टो का जाल बिछाना शुरु कर दिया: 
असल में चीन अंडर स्ट्रेन्गि ऑफ पल्स के जरिये लद्दाक के बाद पश्चिमी सीमा से भारत की घेराबंदी में लग गया हैं. चाईना ना केवल पाकिस्तान को टेंक, हवाई जहाज, रेडार आदि अन्य कई साजो सामान मुहैया करवा रहा हैं. अब वह पाकिस्तान के साथ मिलकर जैसलमेर बीकानेर आदि से लगती पश्चिमी सीमा पर अपने सामरिक स्थिति भी मजबूत करने में लगा हुआ हैं. पिछले कुछ माह में पाकिस्तान की जमीन पर चाईना ने एयरपोर्टो का जाल बिछाना शुरु कर दिया हैं. इससे तेल गैस के वैज्ञानिको को लाने ले जाने का नाम दिया जा रहा हैं लेकिन इसके पीछे एक सोची समझी साजिश युद्ध के समय करने की समझी जा रही हैं. हाल ही में चीन ने बाड़मेर के मुनाबाव के सामने सीमा पार व जैसलमेर के शाहगढ़ बल्ज के सामने कादनवाली क्षेत्र में नये एयरपोर्ट बनाये हैं. इसके अलावा गुजरात के सामने सीमा पार मीठी क्षेत्र में भी नया एयरपोर्ट बन रहा हैं व चाईना पाकिस्तान कोरीडोर के नाम पर कई रेल लाईन व सड़को का जाल बिछाने की पश्चिमी सीमा पर कोशिशे की जा रही हैं. 

पाकिस्तान की सीमा पर चीन की बड़ी कंपनियों का कब्जा:
बताया जाता हैं कि चीन ने भारत से लगती पाकिस्तान सीमा में तीस हजार करोड़ से ज्यादा इनवेस्टमेंट कर रखा है. चीन अपनी कंपनियों को पनपाने और बचाने के लिए पाकिस्तान के अंदर अपना खुद का इलाका बना लिया है जहां पाकिस्तानी भी बिना पूछे नही जा सकते हैं. राजस्थान से लगती 1025 किमी. की सीमा पर चीन की तीस से ज्यादा कंपनियां तेल और गैल के खोज के अलावा कंस्ट्रक्शन के कामों में लगी है. भारत से लगती पाकिस्तान की सीमा पर चीन की बड़ी कंपनियों का कब्जा है. इन कंपनियों में चीन की बड़ी सरकारी चाईना नेशनल इंजीनियरिंग कंपनी, चाईना जी.एस. भी शामिल है. चीन थार के रेगिस्तान में अपना सबसे बड़ा तेल और गैस का प्रोजेक्ट चला रहा है. यहां तक कि चाईना पाकिस्तान इकोनोमिक कोरिडोर का एक हिस्सा बार्डर के इलाके से हीं गुजरता है जिस पर चीन करीब अबतक 100 बिलियन डालर खर्च कर रहा हैं. 

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चीन को जबरदस्त तेल के भंडार मिले:
जैसलमेर के तनोट लोंगेवाला क्षेत्र से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा के सामने सीमा पार भारतीय सीमा से महज 7-8 किलोमीटर अंदर पाकिस्तान के घोटकी और रहमियार खान जिले में चीन को जबरदस्त तेल के भंडार मिले हैं, जहां चाईनीज कंपनी की मदद से  भारी मात्रा में तेल का उत्पादन किया जा रहा हैं. इस क्षेत्र में 2500 चाईनीज विशेषज्ञों तेल के उत्पादन में लगे हुए हैं. इस संबंध में उच्चाधिकारिक सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुवें बताया कि जैसलमेर के लोंगेवाला क्षेत्र से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा के सामने सीमा पार पाकिस्तानी क्षेत्र में पाकिस्तानी आयॅल कंपनी ने चाईनीज तेल कंपनी की मदद से सीमा से 8 से 10 किलोमीटद तेल के जबरदस्त भंडारो को खोजकर उत्पादन कर रहा है. इन इलाकों में चाईनीज गतिविधियां साफ नजर आती है. इसके अलावा सीमा के निकट पाकिस्तानी में  मेघानभीट, चैकी, शॉन तौरुजी भीट, खिप्रो, मेथी, इस्लामकोट मीर, सांगद, थारपारकर, बदीन, शाहगढ़ बुर्ज, नाचना क्षेत्रों में चीना कंपियां जबरदस्त तेल और गैस का उत्पादन कर रही है.  इन इलाकों में 30 कंपनियां थार के रेगिस्तान में गैस खोजने में लगी है.  इन इलाकों में 40 से 50 ताल और गैस के कुएं चाईना की मदद से चल रहे हैं. खोज कार्यो में लगी रिंगस की ऐविशियेन लाईटें काफी दूर से सीमा पर नजर आती. इस क्षेत्र में करीब 850 से ज्यादा विशेषज्ञ व अन्य कार्मिक लगे हुए हैं.

जैसलमेर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करीब 35 लाख रुपए के डम्पर चोरी का पर्दाफाश 

जैसलमेर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करीब 35 लाख रुपए के डम्पर चोरी का पर्दाफाश 

जैसलमेर: प्रदेश के जैसलमेर जिले की सदर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 35 लाख रुपए के डम्पर चोरी का पर्दाफाश किया है. भारत माला प्रोजेक्ट में लगे में बरमसर क्रेशर लगा डम्पर जहां रोड़ बनाने के लिए कन्करीट और जीएसबी के लिए क्रेशर लगा रखा था तीन दिन पूर्व चोरी हो गया था. जिस पर पुलिस थाना सदर जैसलमेर में चोरी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की. मामले की गम्भीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक जैसलमेर डाॅ. किरन कंग सिद्धू के आदेशानुसार थानाधिकारी पुलिस थाना सदर भवानीसिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर मामले को तुरन्त खुलासा कर अज्ञात चोरों को गिरफ्तार किया. 

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मुखबीर की सूचना पर हुई कार्रवाई:
थानाधिकारी पुलिस थाना सदर भवानीसिंह नेतृत्व में टीम द्वारा अज्ञात चोरों की तलाश सरगरमी से की गई. उस दौराने शहर में लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरों को खंगाले गया.  मुखबीरों को आवश्यक निर्देश दिए. संदिग्ध चोरों से पुछताछ की और टीम द्वारा थाना हल्का क्षेत्र एवं जिले के अन्य थानों में चोरों की तलाश की गई. टीम द्वारा जिला बाड़मेर, जोधपुर में चोरों की तलाश की गई. मुखबीर से जानकारी मिली की एक व्यक्ति चोरी हुए गाडी डम्पर को बेचने की फिराक में खरीदने वाले ग्राहक की तलाश कर रहा है जो जोधपुर शहर में है जिस पर टीम द्वारा मुखबीर की सूचना पर नाकांबंदी की गई.

तीन आरोपी गिरफ्तार:
इस दौरान सांगरिया फांटा से चोरी हुए डम्पर के हुलिया का आता हुआ दिखाई दिया जिसको टीम द्वारा रूकवाकर उसमें बैठै व्यक्ति को नाम पता पुछा तो अपना नाम रेंवतसिंह राजपुत को दस्तयाब कर उसके कब्जे से चोरी हुआ डम्पर बरामद किया गया. टीम द्वारा अभियुक्त रेवतसिंह से गहन पुछताछ की गई तो उसने अपने दो मित्र रमणसिंह सिपला और मोतीराम पुत्र जगराम कपुरिया के साथ मिलकर घटना को अन्जाम देना स्वीकार किया जिस पर पुलिस टीम द्वारा रेंवतसिंह, रमणसिंह और मोतीराम को गिरफ्तार कर चोरी हुआ डम्पर जिसकी बाजार कीमत लगभग 35 लाख रुपए है यह रिकवरी अपने आप में इस जिले की इस साल की सबसे बडी रिकवरी है.तीनों चोरों द्वारा इसके अलावा जिले अन्य थाना हल्का में की गई चोरियों की वारदात को स्वीकार किया. चोरों से पूछताछ जारी है, ओर भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

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जैसलमेर में पर्यटन व्यवसाय की दुकाने पड़ी सुनी, लाखों का हो रहा नुकसान

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जैसलमेर: पर्यटननगरी के नाम से मशहूर जैसलमेर के पर्यटन व्यवसाय को विश्वव्यापी महामारी कोरोना के चलते सर्वाधिक नुकसान पहुंचने की आशंका गहराने लगी है. पर्यटन क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि जब तक कोरोना के उपचार की वैक्सीन सर्वसुलभ नहीं हो जाती तब तक जैसलमेर में पर्यटन को राहत मिलना संभव दिखाई नहीं देता.

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10 हजार से ज्यादा लोगों के सामने आजीविका का संकट: 
जैसलमेर के होटल व्यवसायी और सम के रिसोर्ट्स संचालकों से लेकर पर्यटन से सीधे जुड़े 10 हजार से ज्यादा लोगों के सामने आजीविका का अपूर्व संकट इस महामारी ने खड़ा कर दिया है. उन्ही में से हेंडीक्राफ्ट दूकान व्यवसाइयो को भारी परेशानी खड़ी हो गई है. 

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लाखों रुपये का सामान दुकानों में धूल फांक रहा:
लाखों रुपये का सामान दुकानों में धूल फांक रहा वही हेंडीक्राफ्ट दूकान व्यवसाइयो के कर्ज के तले दब रहे है दूकान का किराया, बिजली और घर चलाना मुश्किल हो रहा है. करोड़ों रुपए के विदेशों के ऑर्डर पहले ही निरस्त हो चुके थे, साथ ही देश में कोरोना के प्रवेश के साथ ही स्थानीय व्यापारियों ने हाथ खड़े कर दिए. 

सीमावर्ती गांवों में तूफान ने मचाई तबाही, 30 से अधिक कच्चे-पक्के मकान गिरे

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जैसलमेर: जिले के सीमावर्ती गांवों में आसमान से आफत बरसी और तेज तूफान ने इन गांवों के लोगों को भारी नुकसान पहुंचाया. दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच एकाएक तूफान ने सीमावर्ती गांवों को अपनी चपेट में ले लिया. यहां के लोग बताते हैं कि ऐसा तूफान पहले नहीं देखा, हवा की गति बहुत तेज थी और साथ में बारिश शुरू हो गई. ग्रामीण संभलते उससे पहले ही उनके आशियाने उड़ने लगे और लोगों ने तूफान में बड़ी मुश्किल से जान बचाई और पूरी रात दहशत में होने के बाद यहां के लोगों ने राहत की सांस ली. 

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बिजली के पोल भी धराशायी हो गए: 
जैसलमेर जिले के सीमावर्ती गांव करड़ा, पोछीणा, गुंजनगढ़, दव, मूलसिंह की ढाणी, सोहनसिंह की ढाणी आदि गांवों में बारिश के साथ आए तेज अंधड़ से घरों की दीवारें गिर गई. इस दौरान बिजली के पोल भी धराशायी हो गए. तेज अंधड़ के कारण कच्चे-पक्के मकान, बिजली के पोल आदि पल भर में धराशायी हो गए. लोगों के कच्चे-पक्के मकान बिखर गये. ग्रामीणों पर कुदरत का कहर ऐसा टूटा कि इनके आशियाने मलबे में तब्दील हो गए. गनीमत रही कि कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ. तूफान से कच्चे-पक्के मकानों को भारी नुकसान हुआ हैं और इन गांवों में लगभग प्रत्येक मकान को नुकसान हुआ हैं.

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पेड़-पौधे भी जड़ों समेत उखड़ गए:
ग्रामीणों ने बताया कि तूफान से बिजली के पोल व पेड़-पौधे भी जड़ों समेत उखड़ गए.  स्थानीय बाशिन्दों ने जिला प्रशासन से करड़ा, पोछीणा, गुंजनगढ़, मूलसिंह की ढाणी, सोहनसिंह की ढाणी, दव आदि गांवों में तूफान से हुए नुकसान का सर्वे करवाकर मुआवजा राशि दिलाने की मांग की है. कहां कितना नुकसान करड़ा में 20 मकान गिर गए है, पोछीना में 7 व गूंजनगढ़ में 5 मकानों को भारी नुकसान हुआ है. बिजली के खंभे बिंजराज का तला से लेकर पोछीना, सोनाहसिंह की ढाणी, कूंपसिंह की ढाणी, करड़ा व गूंजनगढ़ तक 25 किमी सारे बिजली के खंभे चकनाचूर हो गए है. भेड़-बकरियां भी पत्थरों के नीचे दबने से मर गई है. ग्रामीणों का भारी नुकसान हुआ है. 

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जैसलमेर: जैसलमेर ऊर्जा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, कला, साहित्य और संस्कृति मंत्री डॉ. बीडी कल्ला जैसलमेर के प्रभारी मंत्री भी हैं. वह जैसलमेर दौरे पर रहे जहां उन्होंने प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में चल रहे कार्यों को फिर से गति पकड़ाने पर जोर दिया. कोरोना काल में बिजली उत्पादन पर जो असर पड़ा है, अब फिर से उसे गति मिलने वाली है. 

NTPC के साथ 5 हजार मेगावाट एमओयू हुआ साइन:
इस दौरान कल्ला ने कहा कि एनटीपीसी के साथ 5 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन का एक एमओयू पिछले ही दिनों में साइन किया गया है.इसके साथ ही 5 हजार मेगावाट का एक अन्य प्रोजेक्ट पाइप लाइन में है, जिसका आने वाले दिनों में एमओयू किया जाएगा. मंत्री ने बताया कि निजी क्षेत्र की कई बिजली उत्पादन कंपनियां अपने प्रोजेक्ट लेकर आ रही हैं. बातचीत तय होने के बाद इन प्रोजेक्ट्स को जल्द ही धरातल पर लाया जाएगा.

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प्रदेश में बिजली उत्पादन की गति पड़ी थी थोड़ी धीमी:
उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में बिजली उत्पादन की गति थोड़ी धीमी पड़ी थी. लेकिन अब इसे तेजी से बढ़ाया जाएगा. मंत्री कल्ला ने बताया कि राजस्थान में 1 लाख 42 हजार मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता है और सरकार इस क्षमता का पूरा लाभ उठाने की और आवश्यक कदम उठा रही है. इससे प्रदेश में नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे और प्रदेश विद्युत उत्पादन में आत्मनिर्भर भी बन सकेगा. 

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ये हनुमान जी का मंदिर ऐसा, जहां पर होती है हर मुराद पूरी, गजेटेड के नाम से प्रसिद्ध है बालाजी

ये हनुमान जी का मंदिर ऐसा, जहां पर होती है हर मुराद पूरी,  गजेटेड  के नाम से प्रसिद्ध है बालाजी

जैसलमेर: कोरोना महामारी के चलते जहां प्रदेश के सभी मंदिरों में लॉकडाउन का पहरा है और भक्तों को मंदिरों के खुलने का बेसब्री से इंतजार है. कोरोना संक्रमण की गति को देखते हुए प्रशासन ने धर्म स्थल प्रमुखों द्वारा देवालय खोले जाने की राय को सरकार के अवलोकनार्थ भेज दिया है. सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक धर्मस्थल खोले जाएंगे. जिले में 22 मार्च से मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और चर्च श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं.

भक्तों बिना सुनसान दिखाई दिया मंदिर:
इस संबंध में पिछले दिनों सीएम अशोक गहलोत ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए धर्म स्थल प्रमुखों से राय मांगी थी, जिसमें जिला कलेक्टर को अधिकार दिए गए थे. इसी तरह जैसलमेर का गजेटेड हनुमान मंदिर तीन महीने से भक्तों बिना सुनसान दिखाई दे रहा है. तीन महीने से भक्तों ने हनुमान जी के दर्शन नहीं किए है. इसको लेकर फर्स्ट इंडिया आज मंगलवार को भगवान् हनुमान के दर्शन करवा रहा है. हिन्दुस्तान का यह पहला हनुमान मंदिर है जिसमें बिराजित हनुमान जी महाराज गजेटेड़ यानि राजपत्रित हैं.

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भक्तों की गजेटेड़ हनुमान पर अटूट आस्था:
हनुमान भक्तों की गजेटेड़ हनुमान पर अटूट आस्था है. भक्तों का मानना है कि हनुमानजी हर किसी की मुराद जरूर पूरी करते हैं. चूंकि बिजली विभाग के परिसर में हैं अतः इन हनुमानजी को भक्तगण करंट बालाजी के नाम से भी पुकारते हैं. इन भक्तों की पक्की मान्यता है कि जो भी भक्त हनुमान दादा के दरबार में आ जाता हैए हनुमानजी उनकी सारी मनोकामनाएं करंट की मानिंद पूर्ण करते हैं. आमतौर पर रोजगार और प्रमोषन के लिये लोग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाते और कार्यालय के उच्चाधिकारियों की मान मनोव्वल करते है.

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फर्स्ट इंडिया आज करवा रहा है गजेटेड हनुमान के दर्शन:
लेकिन जैसलमेर के गजेटेड हनुमान जी की शरण में अगर कोई एक बार आ गया तो उसके कहीं भी चक्कर लगाने की आवष्यकता नहीं रहती. सरकारी नौकरी प्राप्त करने के इच्छुक बेरोजगार हो या फिर सरकारी कार्यालय में प्रमोशन की इच्छा रखने वाले कर्मचारी.. अपनी नौकरी और प्रमोशन का पहला आवेदन गजेटेड हनुमान जी के सामने रखते है.और बाकायदा ये गजेटेड हनुमान जी इनके आवेदनों का निस्तारण भी करते है, यही कारण है कि यहां पर प्रसाद के साथ साथ नौकरी और प्रमोशन की अर्जियां भी बडी संख्या में आती है. जिस तरह सरकारी कार्यालय में गजेटेड अधिकारी कृपा की आवष्यकता नीचे के कर्मचारियों को रहती है ठीक उसी प्रकार इस गजेटेड हनुमान की जी कृपा की आवश्यकता अधिकारियों, कर्मचारियों और बेरोजगारों को रहती है. आज फर्स्ट इंडिया अपने दर्शको को गजेटेड हनुमान जी ख़ास दर्शन करवा रहा है. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए सुर्यवीरसिंह तंवर की रिपोर्ट

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