जयपुर राजभवन और राज्य सरकार के बीच और बढ़े टकराव के हालात! राजभवन ने एक बार फिर लौटाया राज्य सरकार का प्रस्ताव

राजभवन और राज्य सरकार के बीच और बढ़े टकराव के हालात! राजभवन ने एक बार फिर लौटाया राज्य सरकार का प्रस्ताव

राजभवन और राज्य सरकार के बीच और बढ़े टकराव के हालात! राजभवन ने एक बार फिर लौटाया राज्य सरकार का प्रस्ताव

जयपुर: राजस्थान में चल रहा सियासी घमासान थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. अब राजभवन और राज्य सरकार के बीच टकराव के हालात और बढ़ गए हैं. दरअसल, राज्यपाल कलराज मिश्र ने 31 जुलाई से विधानसभा सत्र बुलाने की फाइल को एक बार फिर से राजस्थान सरकार के पास वापस भेजा दिया है. इस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा है कि तीसरी बार राज्यपाल ने प्रेम पत्र भेजा है. अब मैं उनके साथ चाय पीने जा रहा हूं, क्या बात है? 

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने संभाला पदभार, सीएम गहलोत ने कहा- मजबूरी में होटल में जाना पड़ा 

इस बार भी राज्यपाल कलराज मिश्र ने जताई आपत्तियां: 
मिली जानकारी के अनुसार इस बार भी राज्यपाल कराज मिश्र ने आपत्तियां जताई है. राज्यपाल ने सबसे बड़ी आपत्ति कोरोना महामारी को लेकर जताई है. आपत्ति में सदन में सोशल डिस्टेंसिंग का जिक्र किया गया है. इसके साथ ही कहा कि आज प्रदेश में करीब 39 हजार कोरोना केस है ऐसे में आखिरी कैसे दें विधानसभा सत्र बुलाने की मंजूरी? इससे पहले खुद मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जिक्र करते हुए कहा कि हमारे पास तीसरी बार राज्यपाल का प्रेम पत्र आ गया है और इसके बाद मुख्यमंत्री गहलोत ने राज्यपाल से मुलाकात की. 

जब सचिन पायलट निकर पहनते थे तब मैं यूनिवर्सिटी का अध्यक्ष बन गया था- प्रताप सिंह खाचरियावास  

कैबिनेट बैठक में हुई थी राज्यपाल की आपत्तियों पर चर्चा:
इससे पहले सीएम गहलोत ने मंगवाल को अपने निवास पर कैबिनेट बैठक के साथ बीठक की, जिसमें विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने को लेकर राज्यपाल की आपत्तियों पर चर्चा हुई थी. इस दौरान गहलोत कैबिनेट ने अपने जवाब तैयार कर 31 जुलाई को विशेष सत्र बुलाने के लिए तीसरी बार उनसे अनुरोध करते हुए राज्यपाल को पत्र भेजा. 


 

और पढ़ें