जयपुर राज्यपाल कलराज मिश्र बोले, आत्मा के बारे में अधिकतम जानने का प्रयास करना ही आध्यात्म

राज्यपाल कलराज मिश्र बोले, आत्मा के बारे में अधिकतम जानने का प्रयास करना ही आध्यात्म

राज्यपाल कलराज मिश्र बोले, आत्मा के बारे में अधिकतम जानने का प्रयास करना ही आध्यात्म

जयपुर: राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि आत्मा के बारे में अधिकतम जानने का प्रयास करना ही अध्यात्म है. व्यक्ति जब अंतर्मुखी होकर चिन्तन करता है, तो सकारात्मकता का निर्माण होता है और नकारात्मक विचार स्वयं दूर हो जाते हैं. आध्यात्मिक चिंतन से व्यक्ति की संकल्प शक्ति बढ़ती है और वह जनकल्याण के लिए प्रवृत्त होता है. राज्यपाल ने ये विचार राजभवन में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में व्यक्त किए.

विश्वविद्यालय के राजयोग शैक्षिक एवं शोध फाउण्डेशन की ओर से प्रशासनिक उत्कृष्टता के लिए आध्यात्मिकता अभियान को राज्यपाल ने शुरू किया. उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों का पालन करना ही धर्म का लक्षण है. व्यक्ति को अपने कार्यक्षेत्र और पारिवारिक जीवन में नैतिकता और आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलना चाहिए. भारतीय संस्कृति की मूल भावना वसुधैव कुटुम्बकम में निहित है और इसमें पृथ्वी पर रहने वाले मनुष्य ही नहीं समस्त जीव-जन्तु, पेड़-पौधों को भी अपने परिवार का भाग माना गया है.

ओम शांति रिट्रीट सेंटर की निदेशक राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी आध्यात्मिकता के माध्यम से अपनी आंतरिक ऊर्जा के स्रोत को जाग्रत कर अपने कार्य को नए आयाम दे सकते हैं. उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को ध्यान का नियमित अभ्यास करने का सुझाव दिया. ब्रह्माकुमारी पूनम दीदी, ब्रह्माकुमार हरीश भाई ने प्रशासनिक अधिकारियों और प्रबंधकों में आध्यात्मिक चेतना के जागरण के लिए शुरू किए गए इस अभियान के बारे में जानकारी दी. 

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