VIDEO: राज्यपाल कल्याण सिंह पहुंचे जोधपुर, पुलिस विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में करेंगे शिरकत

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/17 05:06

जोधपुर: राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने जोधपुर प्रवास के पहले दिन मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि 3 सितंबर को उनका कार्यकाल पूरा हो जाएगा. इन 5 साल में राजस्थान के लोगों का व्यवहार, यहां के लोगों की संस्कृति, सौम्यता और परिश्रम के अलावा अच्छी कानून-शांति व्यवस्था देखने को मिली. उन्होंने जोधपुर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि यह उनका आखिरी मिलन है. 

ग्रामीणों से जनसुनवाई:
जोधपुर के करवड़ स्थित आईआईटी परिसर में कल आयोजित होने वाले पुलिस विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए जोधपुर पहुंचे राज्यपाल कल्याण सिंह का सर्किट हाउस में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने स्वागत किया. वहीं जोधपुर के सर्किट हाउस में ही राज्यपाल कल्याण सिंह ने ग्रामीणों से जनसुनवाई की. जनसुनवाई के दौरान उन्होंने गांव की मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ बेटियों को पढ़ाने से लेकर गांव में गंदगी इत्यादि को लेकर भी फीडबैक लिया. जोधपुर के सर्किट हाउस में जिस आत्मीयता से उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की उससे साफ तौर पर लग रहा था कि राज्यपाल यहां के ग्रामीणों से बहुत पहले से जुड़े हो. 

तीन-तीन पीढ़ियों ने एक साथ डिग्री ली:
जनसुनवाई से पूर्व कल्याण सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि जब उन्होंने पदभार संभाला, तब 32 लाख डिग्रियां बंटनी बाकी थी. इस पर उन्होंने राजस्थान के सभी विश्वविद्यालयों में डिग्रियां बंटवाने के लिए एक कार्यक्रम तय किया. उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि लगभग सभी विश्वविद्यालयों में डिग्रियां बंट चुकी है. सबसे खास बात राजस्थान विश्वविद्यालय में तीन-तीन पीढ़ियों ने एक साथ डिग्री ली है. 

बेटियों को पढ़ाने को लेकर बेहतर परिणाम:
यही नहीं उन्होंने कहा कि राजस्थान के गांव के विकास को ध्यान में रख कर प्रत्येक विश्वविद्यालय को एक-एक गांव गोद लेने के लिए कहा गया था. जिसके तहत गांव को स्मार्ट विलेज बनाना उद्देश्य रखा गया. गांव को गंदगी मुक्त करने से लेकर नशा मुक्त करने के साथ-साथ निरक्षरता से भी मुक्त करने की सोच रखी गई और साक्षरता का अभियान चलाने का संदेश दिया गया. बेटियों को पढ़ाने को लेकर भी जो संदेश दिया गया, उसका बेहतर परिणाम आया. राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में अधिकांश डिग्रिया बेटियों को मिली तो और भी खुशी हुई. जब एक बेटी पड़ती है तो दो खानदान पढ़ते हैं, जबकि एक बेटा पड़ता है तो व्यक्ति पढता है. 

... संवाददाता राजीव गौड़ की रिपोर्ट 

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