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भादरा में निर्माण कार्यों के नाम पर ग्राम पंचायत कैसे कर रही लाखों रुपए का गोलमाल

भादरा में निर्माण कार्यों के नाम पर ग्राम पंचायत कैसे कर रही लाखों रुपए का गोलमाल

हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले की भादरा पंचायत समिति के जनाणा गांव में लाखों रुपए के घोटाले का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत सरपंच राममूर्ति और सचिव गौरीशंकर पर गांव में घटिया निर्माण कर लाखों रुपए के घोटाले का आरोप लगा है। हैरानी की बात तो ये है कि जिला परिषद व पंचायत समिति के अधिकारी व कर्मचारी इस सारे मामले की लीपापोती में लगे हुए हैं।

आपको बता दें कि जनाणा गांव में साढ़े तीन बीघा खेल मैदान की जमीन पर चारदिवारी का निर्माण करीब 10 लाख रुपए की लागत से हुआ था, जिसकी नींव भी नहीं भरी गई और लिपाई तो केवल रेत से ही की गई। इसी तरह गांव में बनी सैकड़ों फीट खड़वंजा सड़क निर्माण में भी एक नम्बर ईंटों की जगह खंगहर ईंटों का इस्तेमाल किया गया, जबकी खंगहर ईंटों का भाव एक नम्बर ईंटों से आधी से भी कम होता है।

इसी तरह ही गांव में बनी इंटरलोक सड़क में भी घटिया क्वालिटी की ईंटें लगाई गई है। गांव के किसान रामेश्वर ढ़ाका के घर में 1 लाख 13 हजार की लागत से बने कैटल शेड़ निर्माण में भी सरपंच सचिव ने भारी गोलमाल किया है। कैटल शेड़ के निर्माण में नींव नहीं भरी गई और खंगहर घटिया क्वालिटी की ईंटों से इसका निर्माण करवाया गया, जो निर्माण के बाद ही गिरने की कगार पर पहुंच गया।

इस मामले में जब हमारी टीम ने ग्राम पंचायत का दौरा किया, तो गांव का अटल सेवा केन्द्र तो खुला था, परन्तु अटल सेवा देने वाले कर्मचारी सेवा केन्द्र से गायब थे। टीम ने जब सरपंच के निर्माण कार्यों को देखा तो हकीकत में ही खडवंजा सड़क निर्माण में सरपंच व सचिव द्वारा खंगहर ईंटों का इस्तेमाल किया गया था। जब गांव में जाकर पंचायत द्वारा चल रही सीसी सड़क को देखा तो उस सड़क की नाली निर्माण में भी निम्न स्तर की ईंटों व घटिया निर्माण सामग्री का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा था।

इतना ही नहीं, इस सड़क का निर्माण गांव के मजदूरों से करवाया जाना था, परन्तु सरपंच व सचिव ने नियमों को ताक पर रखकर पूरे काम को ही ठेके पर दे रखा था। जबकी काम के मस्टरोल गांव के मजदूरों के भरे जाने हैं। इस मामले को लेकर सरपंच से बातचीत की गई तो सरपंच साहब कोई जवाब नहीं दे पाये।
बहरहाल, ऐसे में इन सब खामियों को देखेते हुए इसका अंदाजा भलीभांती लगाया जा सकता है कि सरकार द्वारा गांव के विकास कार्यों को मिलने वाली राशि का किस तरह से उपयोग किया जा रहा है और ये राशि किस तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है।

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