Live News »

सीमावर्ती जिलों में टिड्डी पूरे नियंत्रण में है, फसलों में कोई नुकसान नहीं : लालचंद कटारिया
सीमावर्ती जिलों में टिड्डी पूरे नियंत्रण में है, फसलों में कोई नुकसान नहीं : लालचंद कटारिया

जयपुर: कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में टिड्डी पूरे नियंत्रण में है और फसलों में कोई नुकसान नहीं हो रहा है. विभागीय अधिकारी, जिला प्रशासन और टिड्डी चेतावनी संगठन से समन्वय रखते हुए कीटनाशक छिड़काव कर टिड्डी नियंत्रण में लगे हुए हैं. अब तक प्रदेश में टिड्डी प्रभावित 18 हजार 186 हैक्टेयर क्षेत्र को उपचारित किया गया है.
 
नियंत्रण कार्य जारी:
कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने बताया कि राज्य सरकार पूरी सजगता के साथ टिड्डी नियंत्रण के लिए प्रयास कर रही है. वह स्वयं नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट लेकर समीक्षा करते हैं और अधिकारियों को निर्देशित कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि टिड्डी चेतावनी संगठन जोधपुर के नेतृत्व में जिलों में स्थित टिड्डी नियंत्रण कार्यालयों के कार्मिकों द्वारा 413 स्थानों पर 18 हजार 186 हैक्टेयर क्षेत्र में मेलाथियॉन 96 प्रतिशत यूएलवी से नियंत्रण किया जा चुका है तथा अन्य क्षेत्रों में नियंत्रण कार्य जारी है. 

नियंत्रण कक्ष स्थापित कर निगरानी:
उन्होंने बताया कि जैसलमेर जिले में 21 मई से 16 जुलाई तक 14 हजार 204 हैक्टेयर प्रभावित क्षेत्र उपचारित किया गया है. इसी प्रकार बाड़मेर जिले में 1762, जालौर में 402, जोधपुर में 593 एवं बीकानेर जिले में 1225 हैक्टेयर क्षेत्र को उपचारित किया गया है. समाचार पत्रों सहित अन्य माध्यमों से टिड्डी की सूचना मिलते ही टीम पहुंचकर उपचार की कार्यवाही कर रही है. कृषि मंत्री कटारिया ने बताया कि प्रभावित जिलों में नियंत्रण कक्ष स्थापित कर निगरानी, सर्वेक्षण एवं नियंत्रण के लिए 11 टीमों का गठन किया जा चुका है. जिनके द्वारा टिड्डी प्रभावित एवं संभावित जिलों में भ्रमण किया जा रहा है. अधिकारी-कार्मिकों का पदस्थापन किया गया है. कार्यव्यवस्था के लिए संबंधित संयुक्त निदेशक, कृषि विस्तार खण्ड को कार्मिकों के पदस्थापन के लिए अधिकृत किया जा चुका है. अन्य स्थानों से भी उप निदेशक एवं संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है. सर्वेक्षण एवं नियंत्रण के लिए 77 वाहनों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है. 

जागरूकता के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम:
उन्होंने बताया कि प्रभावित जिलों में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जा रहे हैं तथा टिड्डी के समेकित प्रबंधन पर तकनीकी साहित्य वितरित किया जा रहा है. टिड्डी प्रबंधन एवं नियंत्रण के लिए 17 जुलाई को भारत सरकार व पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों की खोखरापार (पाकिस्तान) में बैठक आयोजित की गई है. 
 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें
और पढ़ें

Stories You May be Interested in