मौत की गोद में जिंदगी की A B C D

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/07/27 10:28

बिसाऊ(झुंझुनू)। संस्कृत शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से कस्बे के शहीद रामस्वरूप सिंह संस्कृत प्रवेशिका विद्यालय के कमरों की हालत जर्जर होने से नव प्रवेशित छात्रों का जीवन दाव पर लगा है। विद्यालय में 1 से 8 तक के कक्षा कक्षों की हालत गिरने जैसी होने पर भय के मारे कक्षा में अध्यनरत छात्र विद्यालय परिसर में नीम के पेड के नीचे पढाई करने को मजबूर है। 

कमरो की हालत खंडहर हो रही है इनकी दिवारो में चार इंच तक चौडी दरारे आ रही है कमरो की हालत जर्जर है छत की पटि्टयों के बीच बने गैप से बरसात में पानी टपक रहा है। सपोट के लिये लगी लोहे के गाटरो पर जंग लग रही है दिवारो पर लगा प्लास्तर उखड रहा है। इन कमरों में से एक कमरे को कार्यलय बना रखा है इसमें बरसात के समय छत टपकने से विद्यालय के रिकार्ड को भी खतरा हो रहा है। 

यह विद्यालय कक्षा 1 से 10 तक है लेकिन सत्र 2014-15 से सेकेन्ड ग्रेड के अध्यापको व प्रिंसीपल का पद रिक्त रहने से कक्षा 9 व 10 में तीन साल में एक भी छात्र प्रवेश नही लिया। वर्तमान में मिडील तक की कक्षाओ के लिये 80 छात्रो का नामाकंन है। कमरो की जर्जर हालत होने से छात्रों के अभिभावक भी किसी अनहोनी से आसंकित हो रहे है। चतुर्थश्रेणी का पद रिक्त होने से स्टाफ‌ के लिये चाय बनाने व कमरो की साफ‌ सफ‌ाई छात्रों से करवाई जा रही है। इस विद्यालय में 72 नम्बर पोलिगं बूथ भी बना हुवा है इसमें लोकसभा,विधानसभा, नगर पालिका चुनावों में वार्ड 7 व 13 का मतदान होता है।
 

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