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खरीद-फरोख्त से जुड़े मसले पर बोले गुलाबचंद कटारिया, कहा-साबित कर दें मेरा रोल, तो पलभर में राजनीति से ले लूंगा संन्यास

उदयपुर: प्रदेश में विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में मचे बवाल के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा भाजपा पर सरकार को गिराने के प्रयास करने के आरोप लगाने के बाद गुलाबचंद कटारिया ने अपनी प्रतिक्रिया दी. 

पलभर की देर किए बिना ले लेंगे राजनीति से संन्यास:
उदयपुर पहुंचे गुलाबचंद कटारिया ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में साफ किया कि यदि सरकार बहुमत में है तो उसे डरने की कोई जरूरत नहीं है. साथ ही कटारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री यदि इस बात को साबित कर दें की कटारिया का इसमें जरा सा भी हाथ है तो वह पलभर की देर किए बिना राजनीति से संन्यास ले लेंगे.

विधायक खरीद फरोख्त प्रकरण: एसओजी ने कहा-हमने फोन पर बातचीत के आधार पर दर्ज की है FIR 

कांग्रेस में अंदरूनी गुटबाजी:
कटारिया ने साफ किया कि कांग्रेस में अंदरूनी गुटबाजी है और जिस को छुपाने के लिए सत्ताधारी दल इस तरह के हथकंडे अपना रहा है. कटारिया ने कहा कि एसओजी पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच में सब साफ हो जाएगा.

भरतपुर में फिर टिड्डियों का आतंक, किसानों के चेहरे पर छाई चिंता की लकीरें

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चुनाव आयोग ने बढ़ाई चुनावों में व्यय की राशि, प्रचार में नहीं आएगी परेशानी

 चुनाव आयोग ने बढ़ाई चुनावों में व्यय की राशि, प्रचार में नहीं आएगी परेशानी

नई दिल्ली:  चुनाव आयोग के सुझाव पर सरकार ने लोकसभा और विधानसभा उम्मीदवारों की अधिकतम व्यय सीमा 10 प्रतिशत बढ़ा दी है, क्योंकि कोविड-19 के कारण जारी दिशा-निर्देशों के चलते उन्हें प्रचार करने में परेशानी का सामना कर पड़ सकता है. इससे बिहार विधानसभा चुनाव और लोकसभा की एक तथा विधानसभा की 59 सीटों पर होने वाले उप चुनाव में उम्मीदवारों को मदद मिलेगी.

चुनाव आयोग ने एक महीने पहले कोविड-19 के मद्देनजर उम्मीदवारों के धन व्यय की सीमा 10 प्रतिशत बढ़ाने का सुझाव दिया था. कानून मंत्रालय द्वारा सोमवार रात जारी की गई एक अधिसूचना के अनुसार लोकसभा चुनाव लड़ रहा उम्मीदवार अब अधिकतम 77 लाख रुपये खर्च कर सकता है. पहले यह सीमा 70 लाख रुपये थी. वहीं विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार अब 28 लाख रुपये की जगह 30.8 लाख रुपये खर्च कर सकता है.

आपको बता दे कि उम्मीदवारों की प्रचार के लिए खर्च करने की अधिकतम सीमा हर राज्य में अलग है. चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अधिकतम व्यय सीमा किसी कारण से बढ़ाई गई है. लेकिन अधिसूचना में कारण का उल्लेख करने की आवश्यकता नहीं है. लोकसभा चुनाव से पहले 2014 में आखिरी बार अधिकतम व्यय सीमा बढ़ाई गई थी. 

बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 28 अक्टूबर, तीन नवम्बर और सात नवम्बर को होना है. अधिकतर उपचुनाव तीन नवम्बर को होंगे. बिहार में वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट और मणिपुर की कुछ विधानसभा सीटों पर उपचुनव सात नवम्बर को है. (सोर्स-भाषा)

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केंद्रीय कृषि कानून के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पेश, कैप्टन जमकर साधा निशाना

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चंडीगढ़: देश के अलग-अलग हिस्सों में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है. इस बीच आज पंजाब विधानसभा में इन कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पेश कर दिया है. इसके साथ ही तीन एक्ट भी पेश किए गए. ऐसे में पंजाब ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. 

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया:
मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया. बिल पेश करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वे केंद्रीय कृषि कानून की आलोचना करते हैं. केंद्र सरकार इस एक्ट को वापस ले, इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है. इस कानून से किसानों का भला नहीं होगा, बल्कि उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ेगा.

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इलेक्ट्रिसिटी बिल में भी जो बदलाव किए गए: 
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रस्ताव पेश करने के बाद कहा कि तीन कृषि कानूनों के अलावा इलेक्ट्रिसिटी बिल में भी जो बदलाव किए गए हैं, वो भी किसान और मजदूरों के खिलाफ हैं. इससे पंजाब के साथ हरियाणा और वेस्ट यूपी पर भी असर पड़ेगा. 

अब धरना खत्म कर दें और काम पर लौटें:
विधानसभा में केंद्र के कानूनों के खिलाफ तीन नए बिल पेश किए गए, जो केंद्र द्वारा लाए कानूनों के बिल्कुल अलग हैं और एमएसपी को जरूरी करते हैं. पंजाब सीएम ने रेलवे ट्रैक पर बैठे किसानों से अपील की है कि अब धरना खत्म कर दें और काम पर लौटें, इन कानूनों के खिलाफ हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. 

CM शिवराज सिंह चौहान के चुनावी रोड शो में शर्तों का उल्लंघन, मामला दर्ज

 CM  शिवराज सिंह चौहान के चुनावी रोड शो में शर्तों का उल्लंघन, मामला दर्ज

इंदौर: मध्य प्रदेश में कोरोना के नियमों की धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है. प्रदेश के  सांवेर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सोमवार शाम आयोजित चुनावी रोड शो में अनुमति की शर्तों और कोविड-19 से बचाव के दिशा-निर्देशों के कथित उल्लंघन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि यह मामला भाजपा के एक स्थानीय नेता के खिलाफ दर्ज किया गया है जिसके आवेदन पर सांवेर कस्बे में मुख्यमंत्री के रोड शो की अनुमति दी गई थी.

सांवेर पुलिस थाने के प्रभारी संतोष कुमार दूधी ने बताया कि सोमवार शाम निकाले गए रोड शो को इन शर्तों पर मंजूरी दी गई थी इसमें केवल पांच वाहन शामिल होंगे और शारीरिक दूरी व कोविड-19 से बचाव के अन्य दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा मगर राजनेता के समर्थकों ने नियमों को ताक पर उठाकर रख दिया, जिसके बाद एक्शन लेना पड़ा. 

उन्होंने सांवेर के रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय से पुलिस थाने को भेजे गए पत्र के हवाले से बताया कि अनुमति की शर्तों का उल्लंघन करते हुए मुख्यमंत्री के रोड शो में 20 से 25 गाड़ियां शामिल हुईं है. इस चुनावी आयोजन में शारीरिक दूरी के नियम का पालन नहीं किया और इसमें शामिल कई लोगों ने महामारी से बचाव के लिए मास्क भी नहीं पहना था. 

थाना प्रभारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के रोड शो में नियम-शर्तों के कथित उल्लंघन पर स्थानीय भाजपा नेता दिनेश भावसार के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 188 (किसी सरकारी अधिकारी का आदेश नहीं मानना) के तहत सोमवार देर रात मामला दर्ज किया गया है. इस नेता के आवेदन पर ही मुख्यमंत्री के चुनावी रोड शो की अनुमति दी गई थी.

सांवेर सूबे के उन 28 विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है जहां तीन नवंबर को उप चुनाव होने हैं. अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर मुख्य चुनावी भिड़ंत प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और पूर्व लोकसभा सांसद प्रेमचंद गुड्डू के बीच है. वे क्रमशः भाजपा और कांग्रेस की ओर से चुनावी मैदान में उतरे हैं. नतीजे क्या कमाल दिखाएंगे ये तो वोटिंग के बाद पता चल पाएगा. (सोर्स-भाषा)

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कमलनाथ के बाद अब शिवराज के मंत्री के बिगड़े बोल, कांग्रेस नेता की पत्नी पर की अश्लील टिप्पणी

कमलनाथ के बाद अब शिवराज के मंत्री के बिगड़े बोल, कांग्रेस नेता की पत्नी पर की अश्लील टिप्पणी

भोपाल: मध्य प्रदेश में उपचुनाव से पहले आपत्तिजनक टिप्पणियों पर विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. अभी कांग्रेस के पूर्व सीएम कमलनाथ की टिप्पणी पर विवाद थमा भी नहीं है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह कैबनिट में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहूलाल द्वारा एक अभद्र टिप्पणी कर देने का मामला सामने आया है. बिसाहू लाल साहू ने कांग्रेस नेता विश्वनाथ सिंह की पत्नी पर अश्लील टिप्पणी की है. 

बीजेपी उम्मीदवार बिसाहू लाल साहू का एक वीडियो वायरल हुआ: 
उपचुनाव से पहले अनूपपुर से बीजेपी उम्मीदवार बिसाहू लाल साहू का एक वीडियो वायरल हुआ है. इस वीडियो में बिसाहू लाल साहू कहते हैं कि विश्वनाथ सिंह ने चुनावी फॉर्म में अपनी पहली पत्नी का ब्योरा नहीं दिया है और दूसरी औरत का ब्योरा दिया है. इस दौरान बिसाहू लाल साहू अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर देते हैं.

बयान पर कांग्रेस ने बीजेपी पर पलटवार किया: 
बिसाहूलाल के इस बयान पर कांग्रेस ने बीजेपी पर पलटवार किया है. कांग्रेस ने कहा है कि कल कलनाथ के एक शब्द को पकड़कर सीएम शिवराज ने मौन रखा, अब वह क्या करेंगे? अब सीएम शिवराज को मंत्री बिसाहूलाल पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.

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कांग्रेस नेता विश्वनाथ सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी: 
वहीं इस मामले पर कांग्रेस नेता विश्वनाथ सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि वह (बिसाहू लाल साहू) अप्रासंगिक बातें बोल रहे हैं क्योंकि वह चुनाव हार रहे हैं. मैंने अपनी पत्नी से 15 साल पहले शादी की थी और हमारे दो बच्चे हैं. मैं उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करूंगा.

कमलनाथ के बयान पर अभी भी विवाद जारी:
उपचुनाव से पहले वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बयान पर अभी भी विवाद जारी है. कमलनाथ ने एक रैली में बीजेपी नेता इमरती देवी को आइटम कहा था, जिस पर राजनीतिक बवाल तेज हो गया है. इसके विरोध में शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को दो घंटे का मौन रखा और कांग्रेस से माफी मांगने की अपील की. 
 

मायावती बोलीं, कमलनाथ की महिला विरोधी टिप्पणी शर्मनाक, कांग्रेस माफी मांगे 

मायावती बोलीं, कमलनाथ की महिला विरोधी टिप्पणी शर्मनाक, कांग्रेस माफी मांगे 

भोपाल: बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा दलित समुदाय की भाजपा नेता एवं राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी को कथित तौर पर आइटम कहे जाने की सोमवार को निन्दा करते हुए कहा कि कांग्रेस को इसके लिए सार्वजनिक तौर पर माफी माँगनी चाहिए. मायावती ने कमलनाथ पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, मध्य प्रदेश में ग्वालियर की डबरा (आरक्षित) विधानसभा सीट पर उपचुनाव लड़ रहीं दलित महिला (इमरती देवी) के बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोर महिला-विरोधी अभद्र टिप्पणी अति-शर्मनाक व अति-निन्दनीय. इसका संज्ञान लेकर कांग्रेस आलाकमान को सार्वजनिक तौर पर माफी माँगनी चाहिए.

उन्होंने आगे लिखा, साथ ही, कांग्रेस पार्टी को इसका सबक सिखाने व आगे महिलाओं का अपमान करने से रोकने आदि के लिए भी खासकर दलित समाज के लोगों से अपील है कि वे मध्य प्रदेश में विधानसभा की सभी 28 सीटों पर हो रहे उपचुनाव में अपना वोट एकतरफा तौर पर केवल बसपा उम्मीदवारों को ही दें तो यह बेहतर होगा. उल्लेखनीय है कि इमरती देवी के खिलाफ मध्य प्रदेश की डबरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश राजे के लिए चुनाव प्रचार करते हुए कमलनाथ ने रविवार को कहा था, डबरा से सुरेश राजे जी हमारे उम्मीदवार हैं. सरल स्वभाव के, सीधे-सादे हैं। ये तो उसके जैसे नहीं हैं। क्या है उसका नाम?

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इस बीच, वहां मौजूद जनता जोर-जोर से इमरती देवी, इमरती देवी कहने लगी. इसके बाद कमलनाथ ने हंसते हुए कहा कि मैं क्या उसका (डबरा की भाजपा प्रत्याशी का) नाम लूं. आप तो उसको मेरे से ज्यादा पहचानते हैं. आपको तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था. ये क्या आइटम है? पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निष्ठावान समर्थकों में गिनी जाने वाली इमरती देवी कांग्रेस के उन 22 बागी विधायकों में से एक हैं जिनके विधानसभा से त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल होने के कारण 20 मार्च को तत्कालीन कमलनाथ सरकार गिर गई थी. इसके बाद शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा 23 मार्च को राज्य की सत्ता में लौट आई थी. गौरतलब है कि डबरा समेत राज्य की 28 विधानसभा सीटों पर तीन नवंबर को उपचुनाव होना है.(भाषा)

MP में कमलनाथ की विवादित टिप्पणी से खफा CM शिवराजसिंह चौहान 2 घंटे के मौन व्रत पर

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भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रदेश की मंत्री इमरती देवी को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा कथित तौर पर ‘आइटम’ कहे जाने पर उनकी तीखी आलोचना करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने ओछे बयान से कांग्रेस की विकृत और घृणित मानसिकता का फिर परिचय दिया है.चौहान ने रविवार को ट्वीट किया कि आपने (कमलनाथ ने) इमरती देवी ही नहीं, बल्कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की एक-एक बेटी और बहन का अपमान किया है.

कमलनाथ की उक्त टिप्पणी के प्रति विरोध जताने एवं इस संबंध में जनजागरण के लिए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रदेश में सोमवार सुबह 10 बजे से धरने पर बैठकर दो घंटे का मौन व्रत शुरू किया. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भोपाल में, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ग्वालियर में और पार्टी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया इंदौर में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठे हैं.

इमरती देवी के खिलाफ डबरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश राजे के लिए चुनाव प्रचार करते हुए कमलनाथ ने रविवार को कहा था कि डबरा से सुरेश राजे जी हमारे उम्मीदवार हैं. सरल स्वभाव के, सीधे-सादे हैं. ये तो उसके जैसे नहीं हैं. क्या है उसका नाम? इसी बीच वहां मौजूद जनता जोर-जोर से ‘इमरती देवी’, ‘इमरती देवी’ कहने लगी.इसके बाद कमलनाथ ने हंसते हुए कहा कि मैं क्या उसका (डबरा की भाजपा प्रत्याशी का) नाम लूं. आप तो उसको मेरे से ज्यादा पहचानते हैं. आपको तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था. ये क्या आइटम है. 

इस पर चौहान ने ट्वीट किया कि कमलनाथ जी, आज आपने अपने ओछे बयान के द्वारा कांग्रेस की विकृत और घृणित मानसिकता का फिर परिचय दिया है. आपने श्रीमती इमरती देवी ही नहीं, ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की एक-एक बेटी और बहन का अपमान किया है.कमलनाथ जी, आपको किसी भी महिला के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार किसने दिया? गौरतलब है कि डबरा समेत राज्य की 28 विधानसभा सीटों पर तीन नवंबर को उपचुनाव होना है. ऐसे में सभी अपना उल्लू सीधा करने में लगे हुए है. (सोर्स-भाषा)

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महाराष्ट्र और ओडिशा की पुलिस की तुलना पाक से करने के मामले में BJP राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा विपक्ष के निशाने पर

महाराष्ट्र और ओडिशा की पुलिस की तुलना पाक से करने के मामले में  BJP राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा विपक्ष के निशाने पर

भुवनेश्वर: भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा ने पिछले सप्ताह ओडिशा और महाराष्ट्र में पत्रकारों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई की तुलना पाकिस्तान में पत्रकारों के उत्पीड़न से करके एक नये विवाद को जन्म दे दिया है. पूर्व सांसद ने पांडा परिवार के मालिकाना हक वाली कंपनी ओटीवी के एक संवाददाता से हिरासत में पूछताछ की निंदा करते हुए कहा कि फासीवाद का विरोध जरूर किया जाना चाहिए.

वहीं उन्होंने रिपब्लिक टीवी के एक पत्रकार से भी अपील की है कि वह महाराष्ट्र में इसी तरह के अनुभव के बारे में आवाज उठाएं. पांडा का दावा है कि महाराष्ट्र में संबंधित पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार हुआ है. वरिष्ठ भाजपा नेता ने शनिवार को ट्वीट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता. आगे भी उन्होनें आरोपों का सिलसिला जारी रखा. उन्होनें ओडिशा और महाराष्ट्र पुलिस की तुलना पाकिस्तान से कर दी. 

यह शर्मनाक है कि महाराष्ट्र और ओडिशा की पुलिस कानून का पालन किए बगैर पाकिस्तान की तरह पत्रकारों को पकड़ रही है और उन्हें प्रताड़ित कर रही है और हिरासत में पूछताछ कर रही है. यही वास्तविक फासीवाद है. ओटीवी न्यूज के पत्रकार रमेश रथ और रिपब्लिक के प्रदीप के लिए आवाज उठाएं. उन्होंने इस ट्वीट में दोनों पत्रकारों को टैग किया था. पांडा ने दावा किया कि उचित वारंट नहीं होने के बाद भी ओडिशा पुलिस ने छापेमारी की और ओटीवी के पत्रकार से बिना कानून का पालन किए हुए पूछताछ की है. 

पांडा के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए सत्तारूढ़ बीजद के नेताओं ने ओडिशा की तुलना पाकिस्तान’ से करने के लिए उनकी निंदा की है. राज्य सभा सांसद सस्मित पात्रा ने अपने पूर्व सहकर्मी के बयान को दुर्भाग्यूपर्ण करार दिया है. भाजपा विधायक प्रणब प्रकाश दास ने एक बयान में कहा कि पांडा ने ‘राज्य की तुलना पाकिस्तान से करके’ राज्य का अनादर किया है. (सोर्स-भाषा)

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कांग्रेस का बड़ा आरोप: जानबूझकर J&K पंचायती राज कानून संशोधन में देरी कर रही है BJP सरकार

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जम्मू:  कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने रविवार को जम्मू-कश्मीर पंचायती राज कानून,1989 में संशोधन को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है और इसे केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव में और देरी करने का प्रयास करार दिया है. इतना ही नहीं कांग्रेस ने बीजेपी पर लोगों का हक खाने जैसा संगीन आरोप भी लगाया है. 

प्रदेश कांग्रेस समिति के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा ने एक बयान में कहा कि भाजपा विधानसभा चुनाव में लोगों का सामना नहीं करना चाहती क्योंकि उन्हें अपने जनविरोधी फैसलों और नीतियों के खिलाफ होने वाली प्रतिक्रिया की आशंका है जो लोगों को उनकी पहचान और नौकरियों एवं जमीन के विशेष अधिकारों से वंचित करता है.

उल्लेखनीय है कि शनिवार को केंद्र ने जम्मू-कश्मीर पंचायती राज कानून में संशोधन करके हर जिले में जिला विकास परिषद (डीडीसी) बनाए जाने का निर्णय लिया था. प्रत्येक जिला विकास परिषद में 14 क्षेत्र होंगे और सभी में एक प्रत्यक्ष निर्वाचित सदस्य होगा. कुछ सीटें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. जिसके बाद कांग्रेस पार्टी बीजेपी को लपेटे में ले रही है. (सोर्स-भाषा)

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