नई दिल्ली ज्ञानवापी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी में दीवानी अदालत से 20 मई तक कार्यवाही आगे न बढ़ाने को कहा

ज्ञानवापी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी में दीवानी अदालत से 20 मई तक कार्यवाही आगे न बढ़ाने को कहा

ज्ञानवापी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी में दीवानी अदालत से 20 मई तक कार्यवाही आगे न बढ़ाने को कहा

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को दोपहर तीन बजे तक मामले पर सुनवाई कर लेने तक वाराणसी में दीवानी अदालत से ज्ञानवापी मामले में कार्यवाही आगे न बढ़ाने को कहा और गुरुवार को सुनवाई कल तक के लिए स्थगित कर दी.

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की पीठ को वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि दीवानी मामले में हिंदू श्रद्धालुओं की ओर से पेश होने वाले मुख्य अधिवक्ता हरी शंकर जैन अस्वस्थ हैं. वकील विष्णु शंकर जैन ने अदालत से शुक्रवार को मामले पर सुनवाई करने का अनुरोध किया. अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद की प्रबंधन समिति की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने कहा कि विभिन्न मस्जिदों को ‘‘सील’’ करने के लिए देशभर में कई अर्जियां दायर की गयी हैं और वाराणसी में ज्ञानवापी मामले में सुनवाई चल रही है. उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद में ‘वजूखाना’ के आसपास बने एक तालाब को ‘‘ध्वस्त’’ करने के लिए अर्जी दाखिल की गयी है. अहमदी ने कहा कि वह किसी वकील के स्वास्थ्य के आधार पर सुनवाई स्थगित किए जाने का विरोध नहीं कर सकते लेकिन एक हलफनामा दिया जाना चाहिए कि हिंदू श्रद्धालु दीवानी अदालत में कार्यवाही को आगे नहीं बढ़ाएंगे.

वकील विष्णु ने कहा कि वे पीठ को आश्वस्त कर रहे हैं कि हिंदू पक्षकार वाराणसी में दीवानी अदालत के सामने सुनवाई आगे नहीं बढ़ाएंगे. पीठ ने दलीलों को दर्ज किया और दीवानी अदालत को मामले में शुक्रवार को तब तक कार्यवाही आगे न बढ़ाने को कहा, जब तक वह इस मामले में सुनवाई नहीं कर लेगा. उच्चतम न्यायालय शुक्रवार को मामले पर सुनवाई करेगा. शीर्ष अदालत ने 17 मई को वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट को ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी परिसर के भीतर उस इलाके को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था, जहां एक सर्वेक्षण के दौरान एक ‘शिवलिंग’ मिलने का दावा किया गया है. साथ ही मुसलमानों को ‘नमाज’ पढ़ने की अनुमति देने का भी निर्देश दिया था. सोर्स- भाषा

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