HOLI 2019: जोधपुर में रावजी की गैर में महिलाओं का आना है मना

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/03/19 11:47

जोधपुर। होली के त्यौहार पर जोधपुर के मंडोर क्षेत्र में निकलने वाली पारम्परिक रावजी की गेर यात्रा आज भी अपनी अनूठी पहचान रखती है। देश और दुनिया का यह पहला आयोजन है जिसमें महिलाओं का प्रवेश वर्जित होता है। यहां गेर में शामिल लोग की मस्ती में चूर होकर अश्लील गायन करते है। इसमें खास बात यह होती है कि दादा और पोता, चाचा और भतीजा तथा बाप और बेटा एक साथ मिलकर होली मनाते है और आपसी मनमुटाव भुलाकर रंगो की मस्ती में सराबोर होकर होली का जश्न मनाते है।

राजस्थान में होली की परंपराए आज भी लोगों को अपनेपन और प्यार से जोडे रखती है और उसी में प्रदेश के दूसरे बड़े जिले जोधपुर की रावजी की गैर हर साल की तरह आज भी आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। होली एक दिन बाद रामाश्यामा के दिन जोधपुर में एक बार फिर रावजी की गैर निकलने के साथ परम्परा के रंग इस गेर में दिखाई देंगे। आज से नहीं बल्कि पीडियों से मारवाड़ की अनूठी परम्परा है गेर। चंग बजाते होली के गीत गाते लोगों की टोली को गेर कहा जाता है। 

समाजसेवी शैतानसिंह सांखला व रामरत्न सांखला का कहना है कि जोधपुर शहर बसने से पहले मारवाड़ की राजधानी रहे मंडोर में यह परम्परा आज भी पूरे परवान पर देखी जा सकती है। इस परम्परा का नजारा आज देखने मंडोर इलाके के अलग-अलग मोहल्लों की गेर एक साथ निकलती है। दो दिन बाद दोपहर जोधपुर में एक बार फिर रावजी की गैर निकलने के साथ परम्परा के रंग इस गेर में दिखाई देंगे। जोधपुर में रावजी की गैर में महिलाओं का आना मना है। माली समाज के युवा नेता लक्ष्मण सिंह का कहना है कि होली के त्यौहार पर जोधपुर के मंडोर क्षेत्र में निकलने वाली पारम्परिक रावजी की गेर यात्रा आज भी अपनी अनूठी पहचान रखती है। देश और दुनिया का यह पहला आयोजन है जिसमें महिलाओं का प्रवेश वर्जित होता है। यहां गेर में शामिल लोग मस्ती में चूर होकर अश्लील गायन करते है।

गौरतलब है कि पुरानी परम्परा के अनुसार एक युवक राव बना हुआ नाचता चलता है। उसे घेरे हुए बड़ी संख्या में बुजुर्ग, युवक और बच्चे होली के गीत गाते और अश्लील नारे लगाते चलते है। कई लोग पारम्परिक वेशभूषा में सज-धज कर आते है। ज्यादातर लोगों के हाथों में हॉकी या डंडे होते है। हजारों लोगों की इस गेर को देखने के लिए भी हजारों लोग उमड़ते है। रावजी की गेर मंडोर के अलग-अलग मोहल्ले से होती हुई मंडोर उद्यान में प्राचीन नाग गंगा तालाब पहुंचती है। वहां सबसे पहले राव बना युवक तालाब में कूदता है और फिर दूसरे युवक भी धड़ाधड़ पानी में कूद पड़ते है। इस तालाब में नहाने के बाद गेर सम्पन्न होती है। इस गैर में अश्लील गायन के कारण महिलाओं का प्रवेश वर्जित है।

...राजीव गौड़ फर्स्ट इंडिया न्यूज जोधपुर

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