डरहम टालमटोल की आदत स्वास्थ्य और करियर की समस्याओं से जुड़ी - जानें इससे कैसे बच सकते हैं

टालमटोल की आदत स्वास्थ्य और करियर की समस्याओं से जुड़ी - जानें इससे कैसे बच सकते हैं

टालमटोल की आदत स्वास्थ्य और करियर की समस्याओं से जुड़ी  - जानें इससे कैसे बच सकते हैं

डरहम: क्या आपने कभी किसी काम को टालने के बाद अपने आप को भला-बुरा कहा है? हो सकता है कि आप अपने किसी मित्र के लिए कुछ लिख रहे हों, या स्कूल या काम के लिए एक बड़ी रिपोर्ट लिख रहे हों, और इससे बचने की पूरी कोशिश कर रहे हों, यह जानते हुए भी कि आपको यह करना ही पड़ेगा.

दुर्भाग्य से, अपने आप को कोसने से आप टालमटोल करना बंद नहीं करेंगे. वास्तव में, यह सबसे बुरी चीजों में से एक है जो आप कर सकते हैं. यह इसलिए मायने रखता है क्योंकि, जैसा कि मेरे शोध से पता चलता है, टालमटोल केवल समय पर कोई काम करने से ही नहीं जुड़ा है बल्कि कई तरह की समस्याओं से जुड़ा हुआ है. किसी काम को टालना आलस्य या खराब समय प्रबंधन का परिणाम नहीं है. वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चलता है कि शिथिलता खराब मूड प्रबंधन के कारण होती है. अगर किसी को कोई काम पसंद नहीं है तो उसे करने में टालमटोल करना तो समझ में आता है, लेकिन यदि केवल कार्य के बारे में सोचना आपको चिंतित करता है या आपके अंतर्मन को परेशान करता है, तो आपके इसे टालने की अधिक संभावना होती.

तो हमें एक और मूड बूस्ट मिलता:
शोध में पाया गया है कि मस्तिष्क के क्षेत्र खतरे का पता लगाने और भावनाओं के नियमन से जुड़े हुए हैं, जो टालमटोल करने वाले और ऐसा न करने वाले लोगों में अलग-अलग होते हैं. जब हम कोई अप्रिय कार्य करने से बचते हैं, तो हम उससे जुड़ी नकारात्मक भावनाओं से भी बचते हैं. यह हमारे लिए फायदेमंद है और हमें अपने मूड को ठीक करने के लिए टालमटोल करने की अनुमति देता है. यदि हम इसके बजाय अधिक मनोरंजक कार्यों में संलग्न होते हैं, तो हमें एक और मूड बूस्ट मिलता है.

भावनाओं को प्रबंधित करने में बाधक हो सकती है:
ऐसे कार्य जो भावनात्मक रूप से भारित या कठिन होते हैं, जैसे परीक्षा के लिए अध्ययन करना, या सार्वजनिक बोलने की तैयारी करना विलंब के लिए प्रमुख उम्मीदवार हैं. कम आत्मसम्मान वाले लोगों में पूर्ण गुणवत्तापूर्वक काम करने वालों के मुकाबले किसी काम को टालने की संभावना अधिक होती है क्योंकि काम को सही ढंग से पूरा करने वाले जानते हैं कि उन्हें दूसरों द्वारा कठोर रूप से आंका जाएगा. टाल मटोल करने की आदत आगे जाकर भावनाओं को प्रबंधित करने में बाधक हो सकती है.

किसी काम को टालना कैसे हानिकारक है?
तो यह ऐसी समस्या क्यों है? जबकि अधिकांश लोग टालमटोल के बुरे प्रभावों के बारे में जानते हैं और उत्पादकता पर पड़ने वाले इसके प्रभाव के बारे में सोचते हैं. उदाहरण के लिए, अध्ययनों से पता चला है कि शैक्षणिक शिथिलता छात्र के प्रदर्शन को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है.

काम की समय सीमा बढ़ाने के लिए कपटपूर्ण बहाने बनाना:
लेकिन अकादमिक शिथिलता छात्रों के जीवन के अन्य क्षेत्रों को भी प्रभावित कर सकती है. छह महीने की अवधि में 3,000 से अधिक जर्मन छात्रों के एक अध्ययन में, जिन लोगों ने अपने शैक्षणिक कार्य में शिथिलता की सूचना दी थी, उनके शैक्षणिक कदाचार, जैसे धोखाधड़ी और साहित्यिक चोरी में शामिल होने की अधिक संभावना थी. लेकिन जिस व्यवहार में शिथिलता का सबसे निकट से संबंध था, वह था किसी काम की समय सीमा बढ़ाने के लिए कपटपूर्ण बहाने बनाना.

वार्षिक आय कम थी और नौकरी की निश्चितता भी कम थी:
अन्य शोध से पता चलता है कि कर्मचारी औसतन अपने कार्यदिवस का लगभग एक चौथाई हिस्सा टालमटोल में बिताते हैं, और इसके बदतर परिणाम होते हैं. 22,000 से अधिक कर्मचारियों के एक अमेरिकी सर्वेक्षण में, प्रतिभागियों ने कहा कि लगातार टालमटोल करने की उनकी आदत के कारण उनकी वार्षिक आय कम थी और नौकरी की निश्चितता भी कम थी. आलस, शिथिलता, टालमटोल या विलंब गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से भी संबंधित है. विलंब करने की प्रवृत्ति खराब मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है, जिसमें उच्च स्तर के अवसाद और चिंता शामिल हैं.

खराब गुणवत्ता का भी अनुभव करते हैं:
कई अध्ययनों में, मैंने पाया है कि जो लोग नियमित रूप से विलंब करते हैं, वे सिरदर्द, फ्लू और सर्दी, और पाचन संबंधी समस्याओं जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से अधिक परेशान रहते हैं. वे उच्च स्तर के तनाव और नींद की खराब गुणवत्ता का भी अनुभव करते हैं. ऐसे लोगों की स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की संभावना कम थी, जैसे कि स्वस्थ आहार खाना और नियमित रूप से व्यायाम करना. 700 से अधिक लोगों के एक अध्ययन में, मैंने पाया कि अन्य व्यक्तित्व लक्षणों और जनसांख्यिकी के हिसाब से टालमटोल की आदत से ग्रस्त लोगों में खराब हृदय स्वास्थ्य का 63% अधिक जोखिम था.

टालमटोल को कैसे रोके:
विलंब न करना सीखने से आपकी सभी समस्याओं का समाधान नहीं होने वाला है. लेकिन अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने के बेहतर तरीके खोजना आपके मानसिक स्वास्थ्य और भलाई में सुधार का मार्ग हो सकता है. एक महत्वपूर्ण पहला कदम है अपने परिवेश का प्रबंधन करना और आप किसी कार्य को कितना महत्व देते हैं. कई साक्ष्य-आधारित रणनीतियाँ हैं जो आपको इस दिशा में मदद कर सकती हैं, और आपके कार्यों को व्यवस्थित कर सकती हैं ताकि वे आपको कम चिंतित करें और आप अधिक सार्थक महसूस कर सकें. उदाहरण के लिए, अपने आप को याद दिलाएं कि फलां कार्य आपके लिए महत्वपूर्ण और मूल्यवान क्यों है, इससे आप उस काम के प्रति अपनी सकारात्मक भावनाओं को बढ़ा सकते हैं. सोर्स-भाषा

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