कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस बना हेडेक: केंद्र का सभी राज्यों को अलर्ट, राजस्थान समेत 4 राज्यों में महामारी घोषित

कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस बना हेडेक: केंद्र का सभी राज्यों को अलर्ट, राजस्थान समेत 4 राज्यों में महामारी घोषित

कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस बना हेडेक: केंद्र का सभी राज्यों को अलर्ट, राजस्थान समेत 4 राज्यों में महामारी घोषित

नई दिल्ली: कोरोना महामारी (Corona Epidemic) के दौरान सामने आया ब्लैक फंगस (Black Fungus) अब केंद्र के लिए बड़ी चिंता बन गया है. केंद्र ने सभी राज्यों को खत लिखकर ब्लैक फंगस के लिए अलर्ट (Alert) किया है. केंद्र ने कहा है कि सभी राज्य इसे महामारी एक्ट (Epidemic Act) के तहत नोटेबल डिसीज (Notable Disease) घोषित करने को कहा है. यानी राज्यों को ब्लैक फंगस के केस, मौतों, इलाज और दवाओं का हिसाब रखना होगा. राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और तमिलनाडु इस ब्लैक फंगस को पहले ही महामारी घोषित कर चुके हैं. दिल्ली में भी इसके मरीजों के इलाज के लिए अलग से सेंटर्स बनाए जा रहे हैं.

ये है ब्लैक फंगस पर केंद्र के मुख्य 5 पॉइंट:
01. स्वास्थ्य मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल (Love Agarwal) ने राज्यों से कहा- ब्लैक फंगस इंफेक्शन के केस बहुत ज्यादा बढ़ रहे हैं, और इससे कोविड पेशेंट्स की मौतों की संख्या भी बढ़ रही है. हमारे सामने एक नई चुनौती है. जिसे हमको स्वयं हिम्मत ये लड़ना पडेगा.

2. कई राज्यों के कोरोना मरीजों में म्यूकरमाइकोसिस (Mukaramycosis) नाम का फंगल इन्फेक्शन सामने आया है. ये खासतौर से उन मरीजों में दिखाई दे रहा है, जिन्हें स्टेरॉयड थैरेपी (Steroid Therapy) दी गई है और जिनका शुगर लेवल अनियंत्रित है.

3. इस बीमारी का इलाज कई मोर्चों पर करना होता है. इसमें आई सर्जन, ENT स्पेशलिस्ट, जनरल सर्जन, न्यूरोसर्जन और डेंटल मैक्सीलो सर्जन भी शामिल हैं. इसके इलाज में एम्फ्टोथेरेसिन-B इंजेक्शन (Amftotheresin-B Injection) को इलाज के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है, जो कि एक एंटीफंगल मेडिसिन है.

4. आप ब्लैक फंगस को महामारी एक्ट 1897 के तहत नोटिबल डिसीज घोषित कीजिए. इसके तहत सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों पर ब्लैक फंगस की निगरानी, पहचान, इलाज और इसके मैनेजमेंट पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और (ICMR) द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन किया जाए.

5. ब्लैक फंगस के सभी मामलों की रिपोर्ट जिला स्तर के चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMHO) और इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस प्रोग्राम सर्विलांस सिस्टम में भी जानकारी दी जाए. 7 राज्यों में ब्लैक फंगस पर अलर्ट जारी, कईयों में महामारी भी घोषित.

राजस्थान में 400 लोग खो चुके है आंखों की रोशनी:
400 लोग ब्लैक फंगस की वजह से आंखों की रोशनी खो चुके हैं. जयपुर में 148 लोग इससे संक्रमित. जोधपुर (Jodhpur) में 100 मामले सामने आए. 30 केस बीकानेर के और बाकी अजमेर, कोटा और उदयपुर के हैं. सरकार ने महामारी घोषित किया. ब्लैक फंगस के केस, मौतों और दवा का हिसाब रखना होगा.

मध्यप्रदेश में 27 दिन में  ब्लैक फंगस के 239 मरीज सामने आए:
भोपाल में ही बीते 27 दिन में ब्लैक फंगस के 239 मरीज आ चुके हैं. 10 मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि 174 अस्पतालों में हैं. इनमें 129 की सर्जरी हो चुकी है. सरकार भोपाल (Bhopal) में सिर्फ 68 मरीज ही बता रही है. पूरे राज्य में 585 मरीज बताए जा रहे हैं. अभी तक बीमारी को महामारी घोषित नहीं किया गया.

दिल्ली में आंकड़ा 300 के पार:
दिल्ली (Dehli) में ब्लैक फंगस के मरीज 300 के पार हो चुके हैं. इंजेक्शन की कमी होने के चलते ऑपरेशन करने पड़ रहे हैं. एम्स में एक सप्ताह में 80 मरीज भर्ती हुए हैं. 30 की हालत गंभीर है.

हरियाणा में 177 मरीजों की पुष्टि हुई:
पूरे प्रदेश में ब्लैक फंगस के 177 मरीज हैं. इस संक्रमण को महामारी घोषित करने वाला हरियाणा (Haryana) पहला राज्य था. राज्य का औषधि विभाग स्टेरॉयड की बिक्री पर भी रोक लगा चुका है.

छत्तीसगढ़ में अभी तक इसे महामारी घोषित नहीं किया:

प्रदेश में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या 100 के करीब पहुंच चुकी है. अस्पतालों में 92 मरीजों का इलाज चल रहा है. सबसे ज्यादा 69 मरीज एम्स (AIIMS) में भर्ती हैं. इनमें से 19 का ऑपरेशन हो चुका है. सरकार ने अभी तक इसे महामारी घोषित नहीं किया है.

तेलंगाना सरकार ने इसे नोटिफाई करने की जानकारी दी:
तेलंगाना सरकार ने ब्लैक फंगस को महामारी एक्ट में नोटिफाई (Notify) करने की जानकारी दी है. तेलांगना में ब्लैक फंगस के 80 मामले सामने आ चुके हैं.

 

तमिलनाडु में महज 9 केस सामने आए:
राज्य में अब तक महज 9 केस सामने आए हैं. लेकिन, दूसरे राज्यों की स्थिति देखचते हुए महामारी एक्ट में नोटिफाई करने का फैसला लिया गया है.

 

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