VIDEO: हनुमान बेनीवाल की पार्टी RLP ने BJP से मिलाया हाथ, जानें अब तक का सफर

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/04 09:19

जयपुर। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी अपने गठन के बाद से ही राजस्थान में चर्चा का केन्द्र बन गई थी। जातीय समीकरणों को साध कर हनुमान बेनीवाल की पार्टी के 3 विधायक बोतल के सिम्बल पर चुनाव जीत गये। अब गठबंधन की राजनीति में बेनीवाल ने थाम लिया है बीजेपी का साथ। आपको बताते है क्या आरएलपी का अबतक का सफर। खास रिपोर्ट:

विधानसभा चुनावों के समर में उम्मीदवार 57, तीन पर जीत और कांग्रेस-बीजेपी-बीएसपी के बाद राजस्थान में सर्वाधिक वोट लेने वाली पार्टी। यह है हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी का महज कुछ महिनों का बही खाता। बेनीवाल ने खुद लगातार खींवसर से चुनाव जीता। आरएलपी के चुनाव चिन्ह बोतल का एक वर्ग विशेष के बीच खास असर देखने को मिला। नतीजे यह निकले कि अपनी पहली पारी में ही आरएलपी की परफोरमेंस प्रभावित करने वाली रही है। आरएलपी क्यों आई इसे लेकर सवाल कई उठे, मगर कांग्रेस पार्टी को किसी पार्टी ने सर्वाधिक नुकसान पहुंचाया तो वो हनुमान बेनीवाल की पार्टी ही रही। 

आरएलपी ने 2.34 प्रतिशत मत प्राप्त किये और 8 लाख से अधिक मत प्राप्त किये। हालांकि आरएलपी से बीजेपी को भी नुकसान उठाना पड़ा है। कुछ सीटें इस कारण बीजेपी को गंवानी पड़ गई है। 3 सीटों पर भोपालगढ़ से पुखराज गर्ग, मेड़ता से इंदिरा देवी बावरी ने चुनाव जीता। आसींद, चौंमूं, बिलाड़ा, लूणी, सीकर, कोटपूतली, कोटपूतली, नीम का थाना सीटों पर 25 हजार से अधिक वोट बोतल को मिले। वहीं शिव, बायतू और जायल में 45 हजार से अधिक मत मिले।  

RLP ने कांग्रेस को किन क्षेत्रों में नुकसान पहुंचाया:

—मारवाड़ और नागौर में कुछ सीटों पर आरएलपी के कारण नुकसान
—भोपालगढ, मेडता, आसींद, चौमूं, फुलेरा जैसी सीटें हाथ ने बोतल के कारण हारी
—कांग्रेस के परम्परागत जाट वोट बैंक में आरएलपी ने सेंध लगाई
—JMM समीकरण पर चलते हुये बेनीवाल ने पहुंचाया नुकसान
—करीब 20 से 25सीटें ऐसी रही जिन पर  आरएलपी ने कांग्रेस को हानि पहुंचाई

अब बुलंद हौंसलों के साथ हनुमान बेनीवाल फिर तैयार है। RLP एक बार फिर चुनावी समर में उतरने को तैयार है, साथ मिलेगा भारतीय जनता पार्टी का। बेनीवाल नागौर से लोकसभा चुनावों के समर में उतरेंगे। वहीं इन 10 लोकसभा सीटों पर आरएलपी करेगी भाजपा की मदद। 
—नागौर
—जोधपुर
—बाडमेर-जैसलमेर
—बीकानेर
—श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़
—चूरु
—सीकर
—झुंझुनूं
—जयपुर देहात
—अजमेर

राजस्थान की राजनीति में थर्ड फ्रंट का हस्तक्षेप अधिक नहीं रहा है। यही कारण है कि हनुमान बेनीवाल ने बीजेपी के साथ जाने का निश्चय किया है। 

... संवाददाता योगेश शर्मा की रिपोर्ट

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