हनुमान जयंती आज, सशरीर धरती पर रहने वाले एकमात्र भगवान हैं महाबली

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/19 08:21

जयपुर। देश भर में आज हनुमान जयंति का पर्व मनाया जा रहा है। चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जयंति मनाई जाती है। इस दिन जगह-जगह मंदिरों में झांकी निकाली जाती है और विशेष आयोजन किए जाते हैं। मेहंदीपुरबालाजी में आज सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा है, सुबह बालाजी की प्रतिमा का श्रृंगार किया गया और मंदिर में बजरंग बली के नारे गूंज रहे हैं।

कहते हैं, हनुमान जी भगवान शिव के 11वें अवतार हैं। उन्‍हें भक्‍तों का मंगल करने और श्रीराम की मदद करने के लिए धरती पर जन्‍म लेना पड़ा। कहा जाता है कि समुद्र मंथन के बाद अमृत को असुरों से बचाने के लिए भगवान विष्‍णु ने मोहिनी रूप धारण किया था। 

भगवान विष्‍णु के इस रूप को देखकर भगवान शिव मोहित होकर कामातुर हो गए। तब शिवजी के अंश को पवनदेव ने वानर राज केसरी की पत्‍नी अंजना के गर्भ में डाल दिया। इसके परिणाम स्‍वरूप हनुमान ने वानर रूप में जन्‍म लिया। 

इसीलिए हनुमान को शिव का 11वां रुद्र अवतार कहा जाता है। श्रीराम ने हनुमान जी को कलयुग के अंत तक धर्म की रक्षा के लिए पृथ्‍वी पर रहने का आदेश दिया है। इसी लिए कहा जाता है कि हनुमान कलयुग में भी सशरीर मौजूद हैं।  

ऐसे करें महाबली हनुमान को प्रसन्न
हनुमान जी के मंदिर में चमेली के तेल का दीपक जलाएं और सुन्दरकाण्ड का पाठ करने के पश्चात मंदिर में प्रसाद बाटें।
-इस दिन 5 देसी घी के रोट का भोग हनुमान जी को लगाएं। इससे दुश्मनों से मुक्ति मिलती है।
-श्री बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए श्री राम नाम का संकीर्तन करें।

चैत्र माह की पूर्णिमा को हनुमानजी की जयंती मनाई जाती है। कई लोग भगवान बजरंग बली को प्रसन्‍न करने के लिए उपवास भी रखते हैं। बजरंग बली अपने भक्तों की हर मनोकामना जरूर पूरी करते हैं। 
 

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