हरीश रावत की केंद्र को चेतावनी, पंजाब की बहुमत की सरकार को गिराने की कोशिश न करें

हरीश रावत की केंद्र को चेतावनी, पंजाब की बहुमत की सरकार को गिराने की कोशिश न करें

हरीश रावत की केंद्र को चेतावनी, पंजाब की बहुमत की सरकार को गिराने की कोशिश न करें

देहरादून: कांग्रेस महा​सचिव और पंजाब में पार्टी मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि वह पंजाब की बहुमत की सरकार को गिराने की कोशिश न करें.उन्होंने यह भी कहा कि ​कांग्रेस नेता नवजोत सिद्धू और मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी की बातचीत आगे बढ़ी है. यहां एक संवाददाता सम्मेलन में रावत ने कहा कि चन्नी दलित मुख्यमंत्री हैं और सभी पार्टियों को उनका सहयोग करना चाहिए. उन्होंने कहा कि लेकिन मैं भाजपा की केंद्र सरकार को चेतावनी देता हूं कि पंजाब की बहुमत की सरकार को गिराने की कोशिश न करें.रावत ने यह चेतावनी ऐसे समय में दी है जब पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है.

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार बहुत सारे अच्छे कदम उठा रही है जिसमें हर परिवार को 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी. इसके अलावा, बालू पर लगा नियंत्रण भी हटाया जाएगा.उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी और सिद्धू के बीच तनातनी के बारे में पूछे जाने पर कहा कि समस्या का कोई न कोई समाधान निकल आएगा और दोनों नेताओं के बीच बातचीत सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ी है. रावत ने अमरिंदर सिंह को आगाह किया कि वह भाजपा का मुखौटा न बनें. उन्होंने कहा कि वह कैप्टन के उस बयान से हैरान हैं जिसमें उन्होंने अपने ‘अपमान’ की बात की है. उन्होंने कहा कि अमरिंदर सिंह से उम्मीद थी कि वह चुनौतीपूर्ण समय में कांग्रेस और सोनिया जी को मजबूती देंगे.

उन्होंने कहा कि वह 1980 से कांग्रेस से जुडे हैं और तीन बार पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और दो बार मुख्यमंत्री बने हैं. उन्होंने कहा कि अपमान की बात कहने से पहले उन्हें (अमरिंदर सिंह) कांग्रेस के उन नेताओं से तुलना कर लेनी चाहिए थी जिन्हें उनसे काफी कम मिला.रावत ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक तब बुलाई गई जब 43 विधायकों ने कैप्टन के खिलाफ बगावती तेवर दिखाने शुरू किए और इस बैठक की सूचना उन्होंने स्वयं अमरिंदर सिंह को दी थी.

इस संबंध में उन्होंने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि अमरिंदर ऐसे बयान कहीं किसी दवाब में तो नहीं दे रहे हैं. उन्होंने कैप्टन को भाजपा के जाल में न फंसने के प्रति आगाह भी किया. हांलांकि, यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस अमरिंदर सिंह की वापसी के लिए कोई प्रयास करेगी, रावत ने इस मसले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया.(भाषा) 

और पढ़ें